• 5/24/2018

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खाताधारकों को जमा धनराशि के शत प्रतिशत निकासी की गारंटी हो: प्रताप चन्द्र

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Vijay singh

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7/31/2017 1:05:08 AM

लखनऊ । भारतीय रिजर्व बैंक प्रबंधक लखनऊ के माध्यम से गवर्नर को एक समाज सेवी संस्था के प्रतिनिधि प्रताप चन्द्र ने ज्ञापन देकर मांग किया कि देश के विभिन्न बैंकों पर डायरेक्टिव लगनें पर खाता धारकों को 6 माह में मात्र 1000 रुपये निकासी की इजाजत थी जिसके लिए मैनें 7 जून 2014 को शत प्रतिशत निकासी करनें की इजाजत देने के सम्बन्ध में पत्र लिखा था जिसके तहत खाता धारकों को 1 लाख निकासी की इजाजत 30 जुलाई 2014 को संशोधित निदेश जारी किया था। जारी एक बयान में प्रताप चन्द्र ने कहां है कि जब गवर्नर करेंसी नोट पर धारक को रुपऐं अदा करनें का लिखित वचन देते हैं तो उन्ही करेंसी नोट के वचनों को इकठ्ठा कर बैंक के खाते में डालनें के बाद निकासी का वचन मात्र 1 लाख पर सिमट जाना न सिर्फ अनुचित और हास्यास्पद है बल्कि आपके वचनों का टूटना भी है। किसी बैंक नें किसी नियम का उलंघन किया है या गड़बड़ी की है तो उसे सजा दें और अगर किसी खाताधारक नें गड़बड़ी की है तो उसका खाता रोक कर उन्हें सजा दें, अन्य हजारों खाताधारकों के निकासी को सिमित कर मात्र 1 लाख निकासी की इजाजत देना कैसे न्यायसंगत हो सकता है। लिहाजा जल्द से जल्द खाताधारकों का बैंकों में जमा धनराशि की शत प्रतिशत निकासी सुनिश्चित करनें का निदेश जारी हो जिससे बेझिझक बैंकों पर यकीन किया जा सके और जमा धनराशि सुरक्षित होने का एहसास हो सके। विदित हो कि किसी भी बैंक में गड़बड़ी पानें पर आरबीआई पहले उसे चेतावनी देता है फिर जुर्माना लगाता है और अंत में डायरेक्टिव लगा दिया जाता है जिसके बाद किसी भी खाते से 6 माह में मात्र 1 लाख ही निकासी हो सकती है। ओबीसी बैंक, देना बैंक और बैंक आफ महाराष्ट्र पर आरबीआई नें प्रत्येक को डेढ़ करोड जुर्माना लगाया था अब ये तीनो बैंक डायरेक्टिव लगनें के मुहाने पर खड़े हैं और कभी भी इन पर डायरेक्टिव लग सकता है, इसे बतानें के लिए परसों 25 नवम्बर को दोपहर 2 बजे लखनऊ के हजरतगंज स्थित ओबीसी बैंक पर जनहित में जागरूकता अभियान चलाएंगे।