• 11/18/2018

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मंत्रीमंडल द्वारा औद्योगिक नीति में संशोधन को मंजूरी

Varsha

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10/18/2018 12:49:29 AM

चंडीगढ़, 17 अक्तूबर। राज्य में औद्योगिक विकास को और बढ़ावा देने के लिए पंजाब मंत्रीमंडल ने आज औद्योगिक और व्यापार विकास नीति -2017 में संशोधन करते हुए इंट्रास्टेट बिक्री पर नैट एस.जी.एस.टी की अदायगी के अंतर्गत निवेश को प्रोत्साहित करने को परवानगी दे दी है। इसके साथ ही लुधियाना में बन रही साईकल वैली में 100 एकड़ क्षेत्रफल पर अति -आधुनिक औद्योगिक पार्क के लिए ग्लोबल टैंडरिंग के लिए भी मंत्रीमंडल ने सहमति दे दी है। यह फ़ैसला आज यहाँ पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रीमंडल की मीटिंग के दौरान लिया गया। मंत्रीमंडल ने इस पक्ष को विचारा कि उद्योगों के लिए ज़मीन अधिगृहण करने आदि और अन्य रियायतें सीधे तौर पर मुहैया नहीं करवाई जा सकतीं जिसके लिए नीति में अपेक्षित संशोधन के अंतर्गत विश्व स्तरीय टैंडरिंग के द्वारा उपयुक्त हल किया जा सकता है। नीति को असरदार ढंग से अमली जामा पहनाने के लिए एस.जी.एस.टी को स्पष्ट रूप में परिभाषित करने की ज़रूरत है जिस सम्बन्धी कर और आबकारी, वित्त, उद्योग और वाणिज्य और निवेश उत्साह विभागों ने श्रृंख्लाबद्ध मीटिंगें की। इन मीटिंगों और विचार - विमर्श के बाद वित्त मंत्री के नेतृत्व में विस्तृत फार्मूले और विभिन्न संभावनाओं को अंतिम रूप दिया गया। नये फार्मूले अनुसार रियायत की राशि का हिसाब आई.जी.एस.टी. की आउटपुट (या सी.जी.एस.टी एस.जी.एस -टी) जिसको कि जी.एस.टी फ़ारमूला रेट कहा जायेगा, के आधार पर किया जायेगा। मुकम्मल रकम और /या दावे की मियाद अलग -अलग वर्गों के लिए आई बी.डी.पी -2017 (जो समय -समय पर सुधारी जाती है) अनुसार ही रहेगी। कुल हद तक रियायतें लेने के लिए, जैसे कि एफ.सी आई का 200 प्रतिशत, 125 प्रतिशत और 100 प्रतिशत औद्योगिक इकाई की योग्य मियाद दौरान उसका प्रयोग सामथ्र्य अनुसार दिए जाएंगे। यह रियायतें मौजूदा नीति के अंतर्गत सिफऱ् उन निवेश प्रस्तावों में ही लागू होंगी जिनमें साझा आवेदन पत्र 31 मार्च, 2020 तक जमा होगा। प्रवक्ता ने बताया कि यह फ़ारमूला अलग -अलग शर्तों पर आधारित होगा। जिन ईकाइयों के पास एक से अधिक जी.एस.टी.रेट हैं और बहु -उत्पादन पर आधारित हैं की रियायतों का हिसाब योग्य उत्पादन की अलग -अलग बिक्री अनुसार होगी। यदि रियायत की रकम एफ.सी.आई के 2.5 प्रतिशत से कम हो, औद्योगिक इकाई को अलग -अलग तरह के फर्क के लिए अतिरिक्त रियायत मुहैया होगी। बशर्ते कि वह एफ.सी.आई अनुसार तीन गुणा बिक्री का लक्ष्य पूरा हो सके। मिसाल के तौर पर यदि जी.एस.टी रियायत 100 करोड़ और आने वाले साल की बिक्री 310 करोड़ रुपए और एक करोड़ प्रति साल की हो तो यूनिट को 1.5 करोड़ रुपए की अतिरिक्त रियायत मिलेगी। साइकिल वैली में 100 एकड़ पर विकसित होगा औद्योगिक पार्क मंत्री मंडल द्वारा लुधियाना के धनांशू गाँव में बनने वाली साइकिल वैली में 100 एकड़ क्षेत्रफल पर औद्योगिक पार्क विकसित करने को परवानगी दी है। यह पार्क उद्देश्यपूर्ण, छूट, मुकाबलेबाजी और तकनीकी टैंडर प्रक्रिया के द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध कंपनी के द्वारा विकसित किया जायेगा। इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए एक प्रवक्ता ने बताया कि सरकार की तरफ से इस बाबत उद्देश्यपूर्ण मुल्यांकन नक्षा तैयार किया गया है जोकि पारदर्शी ढंग से बड़े ईकाइयों का चयन करेगा जिससे बढ़-चढक़र बोली लगाने वालोंं को बराबर मौका मिल सके और कामयाब बोलीकार प्रस्तावित शर्तों और नियमों के मुताबिक प्रोजैक्ट को मुकम्मल करे। चुनी हुई कंपनी समूचे औद्योगिक पार्क के विकास के लिए जि़म्मेदार होगी और यह 50 एकड़ में अपना यूनिट स्थापित करने के साथ-साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के उत्पादकोंं को बाकी 50 एकड़ में यूनिट स्थापित करने का न्योता देगी। जि़क्रयोग्य है कि पंजाब राज्य औद्योगिक और निर्यात निगम द्वारा साइकिल वैली की स्थापति के लिए रूप -रेखा को अंतिम रूप दिया जा चुका है। लुधियाना शहर का औद्योगिक विकास बहुत हद तक साइकिल और छोटे स्तर पर उत्पादक इकाइयों पर आधारित है और प्रस्तावित औद्योगिक पार्क साइकिल और इंजीनियरिंग उत्पाद इकाइयों के लिए बड़े स्तर पर लाभप्रद साबित होगा। प्रवक्ता ने बताया कि पंजाब सरकार की तरफ से लुधियाना में उद्योगों के लिए अलग -अलग तरह के बुनियादी ढांचे को अमली रूप दिया जा रहा है और साइकिल वैली को चंडीगढ़-लुधियाना हाईवे के साथ जोडऩे के लिए 8.8 कि.मी लम्बी सडक़ का निर्माण किया जा रहा है।