• 8/26/2019

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‘जींद मैराथन-2019’ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना करेंगे हरियाणा के मुख्यमंत्री

Rohit Aswal

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2/22/2019 10:09:32 PM

चंडीगढ़, 22 फरवरी। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल 23 फरवरी को जींद के एकलव्य स्टेडियम से ‘जींद मैराथन-2019’ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना करेंगे, जो पुलवामा आंतकी हमले के शहीदों को समर्पित होगी। भारतीय सेना और सुरक्षा बलों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए इस मैराथन में 50 हजार से अधिक लोग हिस्सा लेंगे। मनोहर लाल ने कहा, ‘‘यह एक सामुदायिक खेल है और यहां हर व्यक्ति खिलाड़ी है। यह प्रत्येक व्यक्ति को उसकी क्षमता के अनुरूप दूरी का चयन करने और अपना श्रेष्ठतम देने का अवसर देता है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले में एक वार्षिक कार्यक्रम के रूप में मैराथन का आयोजन किया जाना चाहिए। यह लोगों में मिलनसारिता पैदा करने और उनके जिले के लिए गौरव का भाव जगाने का एक सशक्त माध्यम है। एक सरकारी प्रवक्ता ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि जींद जिले में ‘जींद मैराथन-2019’ दूसरी बार आयोजित किया जा रहा है। जिले में पहला मैराथन 21 जनवरी, 2017 को आयोजित किया गया था, जिसमें 50 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया था। यह कार्यक्रम चार श्रेणियों- 5,11,21 और 42.2 किलोमीअर में आयोजित किया जाएगा। इसकी पहली श्रेणी ‘फन रन’ होगी, जबकि अन्य तीन श्रेणियों के लिए संचयी पुरस्कार होंगे। इस कार्यक्रम की थीम ‘रन फॉर यूनिटी’ होगी। प्रवक्ता ने बताया कि इस मैराथन के लिए लोगों में काफी जोश है और अब तक 49,856 से अधिक लोगों ने अपने चैस्ट नम्बर प्राप्त किये हैं। इनमें 25 प्रतिशत महिलाएं हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 से यह आठवां बड़ा मैराथन है, जिनमें से अन्य पंचकूला, अम्बाला, हिसार (दो बार), जींद, सिरसा और यमुनानगर में आयोजित किये गए हैं। ऐसे प्रयासों का लक्ष्य सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना, युवाओं को सरकार के साथ जोडऩा, लोगों को सक्रिय जीवनशैली के लिए प्रोत्साहित करना और कार्यक्रम के सोशल मीडिया अकाउंट्स के माध्यम से किसी स्थान के डिजिटल मेकओवर की रूपरेखा तैयार करना है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के आयोजन सभी अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन किया जा रहा है। एकलव्य स्टेडियम से, जींद-सफीदों रोड को रेस ट्रैक का रूप दिया गया है। प्रत्येक दो किलोमीटर पर रिफ्रेशमेंट बूथ और चिकित्सा सहायता की व्यवस्था होगी। रास्ते में पडऩे वाले गांवों में तोरणपथ बनाए गए हैं और धावकों को ढोल व फूल पंखुडिय़ों से प्रोत्साहित किया जाएगा।