• 6/17/2019

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संरचित नीति से इलेक्ट्रिक व्हीकल की मांग बढ़ाने में मिलेगा सहयोग: विनी महाजन

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Dr.Kumar

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3/13/2019 9:18:25 PM

चंडीगढ़, 12 मार्च । पंजाब सरकार बिना प्रदूषण वाले तथा इलेक्ट्रिक व्हीकल की मांग को बढ़ाने के लिए संरचित नीति और नियमों के निर्माण की दिशा में काम कर रही है। यह बात पंजाब के इंडस्ट्री व कॉमर्स विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव विनी महाजन ने भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित नॉर्दन रीजन स्मार्ट एंड ई मोबिलिटी कांफ्रेंस के दौरान कही। इस अवसर पर महाजन ने कहा कि राज्य सरकार को यह भी सुनिश्चित करने की जरूरत है कि निर्माता मांग के अनुरूप जल्द से जल्द उसकी आपूर्ति करें। इसके साथ ही मशीनों की आसानी से उपलब्धता और सबसे अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पाद ग्राहकों को मिले और वह भी सस्ते दामों पर। उन्होंने कहा कि निर्माण के साथ ही इन वाहनों को सही और पर्याप्त मैंटेनेंस मिले जैसे चार्जिंग प्वाइंट, बैटरी बदलने की सुविधा, इको फ्रैंडली वाहनों की खरीद को लेकर नीति, एक्सटेंडिड रीपेमेंट, कम ईएमआई और यह भी देखा जाना चाहिए कि स्थानीय खरीददारों के लिए यह तकनीक कैसे हकीकत बन सकती है। हरियाणा सरकार के इंडस्ट्री एंड कॉमर्स विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र ङ्क्षसह ने इस अवसर पर अपने विशेष संबोधन में कहा कि मांग की स्थिति, शोध व नवाचार तथा आर्थिक स्थिति यह तीन ऐसे बड़े कारक हैं जो ईमोबिलिटी का भारत में भविष्य निर्धारित करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इस दौरान उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों को प्रौद्योगिकी क्षेत्र में उठाए गए कदमों की जानकारी दी जिससे व्यापार करने को आसान बनाने केसाथ ही ई मोबिलिटी के लिए एक सकारात्मक वातावरण तैयार किया जा रहा है। इसकेसाथ ही उहनोंने इसके साथ ही उन्होंने हरियाणा टूरिज्म द्वारा भेल के साथ मिल कर आरंभ किए गए प्रोजेक्ट की जानकारी दी जिसमें हरियाणा की स्मार्ट सिटी में सोलर एनर्जी का इस्तेमाल कर विभिन्न चार्जिंग स्टेशन पर इलेक्ट्रिक व्हीकल को चार्ज किया जाएगा। पंजाब के ट्रांसपोर्ट विभाग के प्रधान सचिव के शिव प्रसाद ने कांफ्रेंस में पहुंचे प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह जरूरी हो गया है कि ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी अपने आप को रेगुलेटर की जगह फैसिलिएटर बनाए ताकि जो भी योजनाएं हैं उन्हें जमीनी स्तर पर अमली जामा पहनाया जा सके। इसकेसाथ ही उन्होंने पंजाब को क्लीन, ग्रीन व एनर्जी एफिशिएंट बनाने के लिए पंजाब की पॉलिसी बनाने में उद्योगों को योगदान के लिए आमंत्रित किया। पंजाब सरकार के उर्जा विभाग के प्रधान सचिव ए वेनू प्रसाद ने प्रतिभागियों को बताया कि पंजाब ऐसा राज्य है जिसमें उपयोग से ज्यादा उर्जा पैदा होती है। इसकेसाथ ही पंजाब देश के ऐसे पहले राज्यों में से है जिसने इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन के लिए विशेष टैरिफ की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि पंजाब के पास विद्युत पैदा करने की पर्याप्त क्षमता है और इसका वितरण करने के लिए पर्याप्त माध्यम भी हैं जो आटोमोबाइल उद्योग के भविष्य की जरूरतों को पूरा करने मे पूरी तरह से सक्षम है। इस दौरान सभी को जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि लुधियाना, जालंधर और अमृतसर पंजाब की ऐसी तीन स्मार्ट सिटी हैं जिन्होंने सतत और ग्रीन पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने की दिशा में बड़ी तेजी से काम करना आरंभ भी कर दिया है। इनवेस्ट पंजाब के सीईओ रजत अग्रवाल ने सभी को बताया कि पंजाब में ई मोबिलिटी सबसे प्रमुख लक्ष्य है और पंजाब सरकार इसको साकार करने केलिए इसके अनुकूल इको सिस्टम तैयार करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। 1 फरवरी के 2019 के बाद पेट्रोल या किसी भी तरल से चलने वाले थ्री व्हीलर का रजिस्ट्रेशन लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब आदि में पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। ऐसे में अब केवल सीएनजी और इलेक्ट्रिक आधारित ट्रांसपोर्ट सिस्टम को ही भविष्य बनाया जाएगा। भारत सकरार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के साइंटिस्ट जी साजिद मुबाशीर ने स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को अपनाने के पीछे के लक्ष्यों और दृष्टिकोणों के बारे में विस्तार से बताया और एसी और डीसी चार्जिंग स्टेशनों सहित की परिचालन तकनीकी पर प्रकाश डाला। ई व्हीकल और चार्जिंग उपकरणों के निर्माताओं द्वारा उनके उत्पादों को इस प्रकार बनाया जाए कि यह लगभग समान हों और एक दूसरेे में इस्तेमाल किया जा सके तो इससे न केवल इसका उपयोग बढ़ेगा बल्कि इससे लागत में भी कमी आएगी। चंडीगढ़ नगर निगम कमिश्नर कमल किशोर यादव ने इस अवसर पर कहा कि आने वाले 15 साल में आटोमोबाइल क्षेत्र पूरी तरह से बदलने वाला है और राज्यों को समकालीन ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को इस जरूरत के अनुरूप ही ढालना होगा। जेबीएम ग्रुप के कार्यकारी निदेशक निशांत आर्य ने इस अवसर पर कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल का भविष्य भारत में सौर उर्जा की तरह बहुत उज्जवल हो सकता है जो ट्रांसपोर्टेशन में बहुत बड़ी क्रांति लेकर आएगा और देश की जीडीपी बढ़ाने में बेहद अहम भूमिका निभाएगा। इसकेसाथ ही उन्होंने कहा कि इसके साथ ही कम प्रदूषण वाले और जीरो प्रदूषण वाले वाहन वायु की गुणवत्ता को बनाए रखने के साथ ही भारत की राष्टï्रीय उर्जा सुरक्षा को बढ़ाएंगे व विदेशी तेल पर निर्भरता को भी कम करेंगे। इस कांफ्रेंस के उद्घाटन के दौरान ट्रांसफॉरमिंग इंडियास इलेक्ट्रिक व्हीकल इकोसिस्टम विषय पर थीम पेपर भी रिलीज किया गया जिसमें स्मार्ट और ई मोबिलिटी कॉनसेप्ट की जानकारी समग्र दृष्टिïकोण के साथ दी गई। इसमें ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर की अनिवार्यता, विद्युत की आपूर्ति और इसको लागू करने के लिए कुशल श्रमिकों की उपलब्धता की जैसे मुद्दों के बारे में जानकारी दी गई। इस कांफ्रेंस में इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माता, ऑटो मैनुफैक्चुरिंग, बैटरी निर्माता, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी, पारंपरिक एवं नवीकरणीय उर्जा कंपनी, विद्युत वितरण कंपनी आदि के 100 से अधिक सीएक्सओ स्तर के अधिकारियेां ने हिस्सा लिया।