• 6/17/2019

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अपना वोट बनवा कर लोकतंत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें: चुनाव आयोग

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Varsha

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3/13/2019 9:22:44 PM

चंडीगढ़, 13 मार्च। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजीव रंजन ने कहा कि 1 जनवरी, 2019 को 18 वर्ष या इससे अधिक आयु पूरी करने वाले पात्र नागरिकों ने अगर अभी तक अपना वोट नहीं बनवाया है तो वे जल्द से जल्द अपना वोट बनवा कर लोकतंत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। इसके लिए पात्र आवेदक अपना आवेदन 12 अप्रैल, 2019 तक दे सकते हैं। रंजन ने बुधवार को यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि पात्र नागरिकों के लिए वोट बनवाना बेहद ही आसान है। वे ऑनलाइन या ऑफलाइन के माध्यम से फॉर्म-6 भर कर वोट बनवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि 12 अप्रैल, 2019 के बाद यदि फॉर्म-6 भरा जाता है तो उस पर विचार चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होने उपरांत किया जाएगा, इसलिए समय रहते अपना वोट अवश्य बनवा लें। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा नागरिकों की सुविधा के लिए वोटर हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर-1950 की व्यवस्था भी की है, जिस पर मतदाता कॉल करके मतदाता सूची में दर्ज अपने नाम की जानकारी, फार्म का स्टेटस, पोलिंग स्टेशन, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, बी.एल.ओ, जिला निर्वाचन अधिकारी इत्यादि की जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को वोटर कार्ड बनवाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष सुविधा दी है। जो विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करने के लिए हॉस्टल, लॉन्ज या किराये पर रहते हैं और उनके पास आवास संबंधि कोई प्रमाण नहीं है वे केवल अपने शिक्षण संस्थान के मुखिया के सत्यापन से ही वोट बनवा सकते हैं। रंजन ने कहा कि पहली बार भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिव्यांग मतदाताओं को अधिक से अधिक सुविधायें उपलब्ध करवाने हेतु पीडब्ल्यूडी मोबाईल एप लॉन्च की है। हरियाणा में अब तक इस एप पर 85 हजार दिव्यांग मतदाताओं का पंजीकरण हो चुका है। उन्होंने कहा कि इस एप के माध्यम से दिव्यांग मतदाताओं को मतदान वाले दिन घर से मतदान केन्द्र तक वाहन उपलब्ध करवाने की सुविधा, रैम्प की सुविधा, पानी की सुविधा, लाईट की सुविधा, व्हील चेयर की सुविधा और ब्रेल बैलेट पेपर/ब्रेल वोटर स्लिप की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। पीडब्ल्यूडी मोबाईल एप को एंड्रॉयड मोबाइल पर प्लेस्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है । उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा पिछले 2 महीने से लोक सभा आम चुनाव-2019 के लिए नागरिकों को उनके नाम, नए पंजीकरण, ब्यौरे में बदलाव और मतदाता पहचान पत्र में सुधार के लिए मतदाता सत्यापन और सूचना कार्यक्रम (वीवीआईपी) चलाया जा रहा है। श्री रंजन ने कहा कि इस बार सर्विस वोटर जैसे सैनिक और अर्धसैनिक-बल के लिए बहुत सुविधा दी गई है। उन्होंने कहा कि पहले सर्विस वोटर के पास बैलेट पोस्ट के माध्यम से भेजा जाता था तो कई बार वह समय पर नहीं पहुंच पाता था या सर्विस वोटर की पोस्टिंग बदल जाती थी। इसलिए इस बार बैलेट ऑनलाइन के माध्यम से उनके वर्तमान पोस्टिंग स्टेशनों पर पहुंच जाएंगे। बैलेट ऑनलाइन पहुंचने से सर्विस वोटर भी अपने मत का उपयोग कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि बैलेट वापिस स्पीड पोस्ट के माध्यम से आएगा, जिसकी पूरी तरह से ट्रैकिंग की जाएगी और स्पीड पोस्ट का खर्च निर्वाचन विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता के दौरान किसी भी उम्मीदवार या राजनैतिक पार्टियों द्वारा विज्ञापन सामग्री प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में छपवाने या प्रसारण के लिए दी जाएगी तो पहले मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (एम.सी.एम.सी) से सर्टिफिकेट प्राप्त करना होगा। इसके साथ ही बल्क एसएमएस भेजने के लिए भी एम.सी.एम.सी सर्टिफिकेट लेना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस बार उम्मीदवार को नामांकन पत्र में अपने सोशल मीडिया अकाउंट की भी जानकारी देनी होगी, जिससे सोशल मीडिया पर आयोग की नजर रहेगी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भी किसी प्रकार के विज्ञापन को जारी करने के लिए एम.सी.एम.सी का सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा सोशल मीडिया वैबसाइट के प्रतिनिधियों के साथ बात की जा चुकी है कि वे एम.सी.एम.सी सर्टिफिकेट के बिना किसी प्रकार की सूचना या विज्ञापन को अपनी सोशल मीडिया वैबसाइट पर जारी न करें। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने ‘‘सीविजिल’’ ऑनलाइन एप्लीकेशन की भी शुरुआत की है। इस नवीनतम मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से नागरिक चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता और व्यय उल्लंघन की रिपोर्ट कर सकते हैं। नागरिक गगूल प्ले स्टोर से इस एप्लिकेशन को डाउनलोड कर सकते हैं। नागरिक फोटो खींच सकता है या दो मिनट की वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है। यह फोटो/वीडियो भौगोलिक सूचना प्रणाली द्वारा मैपिंग की गई स्वचालित जीपीएस लोकेशन के साथ अपलोड हो जाएगी। शिकायत दर्ज करने के बाद 20 मिनट के भीतर ही संबंधित टीम लोकेशन पर पहुंच जाएगी और 100 मिनट के भीतर शिकायत का समाधान हो जाएगा। अगर शिकायतकर्ता यह चाहता है कि उसकी पहचान सुरक्षित रहे तो आयोग द्वारा उनकी पहचान को सुरक्षित रखा जाएगा।