• 3/27/2019

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विश्व किडनी दिवस पर मरीजों ने डॉक्टरों से ली अहम जानकारिया

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Varsha

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3/14/2019 10:02:50 PM

मोहाली, 14 मार्च । डायलिसिस के मरीज और उनके परिवार के सदस्य वीरवार को फोर्टिस अस्पताल मोहाली में विश्व किडनी दिवस’ पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के लिए एकत्र हुए। ‘सहायक’ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में डायलिसिस से गुजरने वाले किडनी फेल होने के मरीजों को एक-दूसरे से मिलने और अलग अलग विषयों पर बातचीत का मौका मिला। जिन लोगों की किडनी ट्रांसप्लांट हुई है, वे भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। ये दिन उस समय और भी खास बन गया जब रोगियों ने डॉक्टरों को सम्मानित करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए। मरीजों ने अपने डॉक्टर्स को उनकी देखभाल और सहायता करने के लिए धन्यवाद दिया। डॉक्टरों की टीम का नेतृत्व डॉ. अमित शर्मा, कंसल्टेंट, नेफ्रोलॉजी ने किया और उनके साथ अस्पताल के नेफ्रोलॉजी एंड ट्रांसप्लांट यूनिट के अन्य प्रमुख सदस्य भी मौजूद थे, जिनमें डॉ.एचजेएस गिल, सीनियर कंसल्टेंट, नेफ्रोलॉजी शामिल थे। इस वर्ष विश्व किडनी दिवस की थीम पर प्रकाश डालते हुए, डॉ. अमित शर्मा ने कहा कि ‘‘विश्व किडनी दिवस हर साल हमारे किडनी के महत्व को बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है ताकि हमारे स्वास्थ्य और किडनी (गुर्दे) की बीमारी और इससे जुड़े दुनिया भर में समस्याओं के प्रभाव को कम किया जा सके। वर्तमान में किडनी की बीमारी वैश्विक मृत्यु दर का 11 वां प्रमुख कारण है और भारत जैसे देश में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, साफ सफाई की खराब हालत और बेहतर स्वास्थ्य सेवा की अपर्याप्त पहुंच जैसे कई जोखिम वाले कारकों की उपस्थिति के कारण परिस्थितियां और भी अधिक खराब हैं।’’ डॉ. शर्मा ने कहा, अगर उचित रोकथाम के उपाय किए जाते हैं, तो किडनी की कई प्रकार की बीमारियों को रोका जा सकता है, उनमें देरी की जा सकती है और नियंत्रण में रखा जा सकता है। इसलिए स्वस्थ जीवनशैली (पर्याप्त पानी का सेवन, लगातार फिट बने रहना और सक्रिय रहना, नियमित व्यायाम, स्वस्थ आहार, रक्तचाप और ब्लड शुगर पर नजर रखना, तंबाकू नियंत्रण पर नियंत्रण रखना) को प्रोत्साहित करना और अपनाना महत्वपूर्ण है। मूत्र और रक्त परीक्षण का उपयोग करके किडनी की बीमारियों के लिए स्क्रीनिंग की जानी चाहिए। उच्च-जोखिम वाले व्यक्तियों और प्रारंभिक निदान और उपचार की स्क्रीनिंग से किडनी की बीमारियों को रोकने या देरी करने के लिए प्रभावी है, इससे मरीज पूरी तरह से आखिरी चरण में इलाज शुरू करवाने की प्रक्रिया से बच सकता है।’’ डॉक्टरों ने उपस्थित लोगों को न केवल किडनी की बीमारी के अन्य जोखिम कारकों पर नजर रखने के लिए प्रोत्साहित किया, बल्कि सबसे महत्वपूर्ण बात बताते हुए कहाकि वे अपने वजन को नियंत्रण में रखें। मोटापे को रोका जा सकता है और हम अधिक वजन से जुड़े जोखिम वाले कारकों को रोकने के प्रयास में सही जीवन शैली के बारे में अधिक जागरूकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।