• 5/21/2019

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मैक्स अस्पताल में किडनी दानी हुए सम्मानित

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Manoj Sharma

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3/14/2019 10:04:33 PM

मोहाली, 14 मार्च । विश्व किडनी दिवस पर, वीरवार को मैक्स हॉस्पिटल में अपने करीबियों और परिवार के सदस्यों की जान बचाने के लिए अपनी किडनी दान करने वाले किडनी दानदाताओं को सम्मानित किया गया। इस दौरान संदीप डोगरा, सीनियर वीपी एंड जोनल हेड, डॉ.जीपी मलिक, मेडिकल एडवाइजर और डायरेक्टर-इंटरनल मेडिसिन और मैक्स रेनाल डिपार्टमेंट की टीम डॉ.विनय सखूजा, डॉ.मुनीश चौहान, डॉ.जगदीश सेठी और डॉ. मनीष सिंगला उपस्थित थे। इस मौके पर, संदीप डोगरा ने कहा कि अगस्त 2013 में हमने पहले किडनी ट्रांसप्लांट के बाद से अब तक 600 किडनी ट्रांसप्लांट किए हैं। जिनमें से रीजन की पहली सफल एबीओ-इनकम्पेटेबल (अलग अलग रक्त समूह में ट्रांसप्लांट) किडनी ट्रांसप्लांट को मई 2014 में किए गया था। पूरे देश में एबीओ-इनकम्पेटेबल सर्जरी ट्रांसप्लांट करने वाले कुछ चुनिंदा सेंटर्स में से मैक्स भी एक है। डॉ.डोगरा ने बताया कि हमने एचआईवी पॉजिटिव व्यक्तियों में भी ट्रांसप्लांट किए हैं, जो कि उन चंद केसों में से एक हैं जिनको पूरी दुनिया में किया गया है। डॉ। डोगरा ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों ने पिछले साल अंग प्रत्यारोपण में ब्लड मैचिंग की बाधाओं को तोड़ दिया, जिससे रक्त समूह मिलान के बिना अंगदानियों की तलाश को नई उम्मीद दी है। डॉ. मलिक ने कहा कि विश्व किडनी दिवस एक वैश्विक जागरूकता अभियान है जिसका उद्देश्य हमारी किडनी के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना और दुनिया भर में किडनी रोग और इससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं की संख्या और प्रभाव को कम करना है। उन्होंने कहा कि हम सभी जानते हैं कि भारत को विश्व की मधुमेह राजधानी के रूप में जाना जाता है। भारत में डायबिटीज वाले 6 करोड़ लोग हैं, जो ग्रह पर किसी भी अन्य देश से अधिक हैं। उन्होंने बताया कि डायबटीज के कम से कम 30 प्रतिशत रोगियों को डायबटीज के कारण किडनी रोग विकसित होने की समस्या भी बनी रहती है। आश्चर्यजनक रूप से भारत में हर साल 2,00,000 नए रोगियों को डायलिसिस उपचार की आवश्यकता होती है। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण वास्तविकता यह है कि हमारे देश में उनमें से केवल 10 से 20 प्रतिशत को ही उचित इलाज मिल पाता है।