• 4/23/2019

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शहीदी दिवस पर त्रिवेणी लगा शहीदों को किया याद

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Rajan

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3/23/2019 8:31:50 PM

चंडीगढ़, 23 मार्च । शहीदी दिवस के उपलक्ष में आर्य समाज एवं त्रिवेणी फाउंडेशन द्वारा चंडीगढ़ फोरेस्ट डिपार्टमेंट के सहयोग से शनिवार 23 मार्च को स्मृति वन, सिटी फोरेस्ट, चंडीगढ़ में त्रिवेणी पोधारोपण कर भगत सिंह, राजगुरू एवं सुखदेव को याद किया गया। इस अवसर पर डिप्टी कंजरवेटर, फॉरेस्ट चंडीगढ़ डॉक्टर अब्दुल कय्यूम एवं इंजीनियर इन चीफ, हरियाणा पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट, पंचकुला के मेनपाल सिंह ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। डॉ. अब्दुल कय्यूम ने इन शहिदों को याद करते हुए कहा कि यह देश के युवाओं के लिए प्रेरणा दायी है। उन्होंने कहा कि प्रयावरण को सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है। पेड़ पोधों की हम सभी मिल कर देखभाल करे तो अपने शहर को ने केवल और सुंदर बना सकते है बल्कि प्रदूशण जैसी समस्या को हमेशा के लिए दूर कर सकते है। इसके लिए वन विभग हमेशा सहयोग के लिए तैयार रहेंगी। संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में आचार्य अशोक पाल ने राष्ट्रवाद एवं इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया के देश में एक वैचारिक क्रांति की आवश्यकता है। देश के युवाओं को अपने आदर्श सोच विचार कर बनाने होंगे एवं रूढ़िवादिता को शीघ्रता अतिशीघ्र दग्ध बीज करना होगा। इसके बाद स्मृति वन में तीनों बलिदानियों की याद में त्रिवेणी अर्थात् नीम, वट, पीपल के पोधों का रोपण किया गया क्योंकि यह बलिदानियों की त्रिवेणी का प्रतीक है। 23 मार्च 1931 को राष्ट्रवादी त्रिवेणी अर्थात् भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरू ने बलिदान दिया और हमें स्वतंत्रता रूपी सुख मिला। वहीं नीम, वट और पीपल यह त्रिवेणी भी जनमानस में सुख, समृद्धि एवं वैभव को बढ़ाने वाले हैं। आज भी जलवायु को संरक्षण करने में इनका विशेष महत्व है। यज्ञ, हवन में पीपल की समिधा का प्रयोग किया जाता है, नीम से दातुन की जाती है, वट से विभिन्न रोगों का इलाज होता है। ठीक इसी प्रकार देश के युवाओं को राष्ट्र यज्ञ में समिधा बनना होगा, देश के रोगों को, कठिनाइयों को दूर करना होगा। युवा को ही जन जन को एक करना होगा। उनके भीतर से जातिवाद, प्रांत वाद, भाषावाद, संप्रदायवाद, रूढ़िवाद को निकाल बाहर करना होगा। यह युवाओं का कार्य है युवा ही इसे कर सकता है और उसे करना ही होगा। तभी हमारा भारत सुरक्षित संरक्षित एवं वैभवशाली हो सकता है एवं विश्व के विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में खड़ा हो सकता है। चंडीगढ़ जैसा नगर देश विभिन्न क्षेत्रों के लिए आदर्श बन सकता है। इसी प्रकार के भाव त्रिवेणी फाउंडेशन के अध्यक्ष आर्य प्रदीप त्रिवेणी ने जनमानस के समक्ष रखे। इस अवसर पर फाउंडेशन सचिव डॉ. सुशील कुमार, डॉक्टर चांदपुर, आर्य शिवनारायण, राजन कुमार, राजेश, संदीप, पवन, दुष्यंत राणा, अनिरूद्ध राणा, सचिन नैन, सैलेनदर कौशिक व वन दरोगा जे. के. रंजन, प्रभुनाथ शाही, केवी स्कूल की छात्रा आकांक्षा एवं अन्य जागरूक नागरिक उपस्थित थे।