• 7/24/2019

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श्रद्धालुओं माता मनसा देवी मंदिर में मिलने वाली सुविधाओं से व्याप्क संतोष: बोर्ड

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Preeti

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4/12/2019 9:37:11 PM

पंचकूला 12 अप्रैल । अप्रैल माह में चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु माता मनसा देवी श्राइन बोर्डन द्वारा किये गए प्रबंधों को लेकर माता मनसा देवी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं ने संतोष व्याप्त किया है। माथा टेकने आये श्रद्धालुओं के लिए बोर्ड के कर्मियों ने युद्धस्तर पर व्यापक तैयारियाँ की हुई थी ताकि किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए आसानी रहे और नवरात्रों पर माता के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुजन बिना किसी असुविधा के दर्शन कर सके। जानकारी के अनुसार बोर्ड ने नवरात्रे के प्रथम दिवस से ही सभी तैयारियों को पूरा कर लिया था। मंदिर की साज-सज्जा, फूलों आदि द्वारा की गई। रात के समय में मंदिर की सजावट जगमग रौशनी से देखते ही बनती थी। इसके अलावा रात के समय में सिंह द्वार से लेकर भवन तक रौशनी का पूरा प्रबंध किया गया था। उल्लेखनीय है कि मंदिर परिसर की साफ सफाई के लिए 100 से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया था। लाइनों में लगने वाले श्रद्धालुओं हेतु कई स्थानों पर पानी का उचित प्रबंध था और जगह-जगह कूड़ादानों को रखा गया था। माता के दर्शन करने वाले लाइनों में लगे श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह बड़े-बड़े एलईडी को लगाया गया था ताकि श्रद्धालु लाइन में लग कर भी माता रानी के दर्शन कर सके। भारी संख्या में आये श्रद्धालुओं को अपनी बारी का इंतजार कम करना पड़े इसके लिए श्राइन बोर्ड ने इस बार भवन तक पहुंचने और माथा टेकने के बाद बाहर जाने के लिए तीन आने के लिए और तीन जाने के लिए अलग-अलग से स्थान चिन्हित किये हुए थे। इस सुविधा के चलते श्रद्धालुओं को घंटों-घंटों लाइन में नहीं लगना पड़ा और बिना किसी अप्रिय घटना के आसानी से माता के दर्शन हुए। गौरतलब है कि चैत्र नवरात्रों पर पंचकूला और इसके साथ सटे चण्डीगढ़, मोहाली और हिमाचल प्रदेश के अलावा अन्य दूर-दराज के स्थानों से भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहाँ माथा टेकने आते हैं। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहराव के लिए धर्मशालाओं का उचित प्रबंध किया गया था। दर्शन के उपरांत सांयकाल को माता के नाम के गुणगान के लिए नारायणी स्थल पर भजन, जागरण आदि के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। आये हुए सभी लोगों के जलपान के लिए बोर्ड द्वारा नि:शुल्क चाय/काफी का भी उचित प्रबंध किया गया था। श्रद्धालुओं के भंडारे के प्रसाद के लिए श्राइन बोर्ड ने भी 3 मुख्य भंडारों के अलावा 15 अस्थायी भंडारा स्थलों का पुख्ता प्रबंध किया हुआ था। मंदिर परिसर और उसके आस-पास चप्पे-चप्पे पर भारी सुरक्षाबल की तैनाती की गई थी और दुनिया में तीसरी आँख के नाम से मशहूर सीसीटीवी को भी काफी संख्या में लगाया गया था ताकि किसी भी अप्रिय घटना पर तुरंत प्रभाव से काबू पाया जा सके। उल्लेखनीय है कि श्राइन बोर्ड ने इस बार सभी श्रद्धालुओं के साथ-साथ अपाहित, वृद्ध और बच्चों के लिए लिफ्ट का भी प्रबंध किया हुआ था ताकि वे लोग बिना लाइन में लगे सीधे माता के दर्शन कर सके। बच्चों को खेलने के लिए खास प्रकार के झूलों आदि का भी प्रबंध किया गया था। स्वास्थ्य की देखभाल के लिए मंदिर में डॉक्टरों की विशेष टीम को भी लगया गया था। इसके अलावा मच्छरों आदि से बचने के लिए समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा फोगिंग भी करवाई जा रही थी। किसी प्रकार की सहायता हेतु परिसर के समीप सहायता कक्ष का भी निर्माण किया गया था। जिसमें सूचना सम्पर्क विभाग के कर्मी भी दिन रात लगे हुए थे। माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड के आला अधिकारी, पुलिस अधिकारी भी 24 घंटे श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु किये गए प्रबंधों को लेकर दिन में कई बार उसकी चेकिंग करते पाए गए ताकि बोर्ड के कर्मी किसी भी प्रकार की कोताही न बरते और इससे यात्रियों को भी असुविधा न हो सके। इतना ही नहीं इस बार अधिकारी स्वयं लाइनों में लगे श्रद्धालुओं से उनको होने वाली असुविधा को हल करते नजर आये जोकि अपने आपमें एक अनूठा प्रबंध था। इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाये गए चढ़ावे को लेकर भी बोर्ड के कर्मियों को उसकी गिनती और निगरानी के लिए लगाया गया। मंदिर के चडावे में पारदर्शिता लाने हेतु अधिकारियों की देख-रेख में इस काम को अंजाम दिया गया। इतने व्यापक प्रबंधों के चलते इस बार मंदिर स्थल पर माता रानी की कृपा से किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना का कोई समाचार प्राप्त नहीं हुआ। नवरात्रों की तैयारियों को देखकर श्राइन बोर्ड के आला अधिकारी भी संतुष्ट नजर आये। दर्शन करने आये श्रद्धालुओं ने भी इस बार श्राइन बोर्ड के पुख्ता प्रबंधों की जमकर प्रशंसा की और कहा कि इस वर्ष की भांति यदि हर वर्ष श्राइन बोर्ड ऐसे ही प्रबंध करे ताकि आने वाले समय में भी यात्रियों को असुविधा का सामना न करना पड़े। नवरात्रों के पावन अवसर पर दिन रात लगे कर्मियों और माथा टेकने आये हर व्यक्ति का आदर भाव किया गया और शिष्टता पूर्वक उनको सम्मान दिया गया।