• 6/25/2019

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न्यू कांग्रेस पार्टी ने बैसाखी शाहीदी दिवस के रूप में मनाई

Preeti

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4/14/2019 12:36:51 AM

चंडीगढ़, 13 अप्रैल। न्यू कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के कार्यकर्ताओं ने 13 अप्रैल की शाम शांतिकुंज सैक्टर - 16 में हाथो में मोमबत्तीयां लेकर बैसाखी के दिन जलीयावाला बाग़ के शहीदों पर जनरल डायर द्वारा किये गए गोलिबारी में शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि दी। पार्टी अध्यक्ष मति बबिता रानी ने कार्यकर्ताओं और मौजूदा शहरवासियों को देश की सेवा करने तथा देश में फैली बुराइयों को एकजुट होकर दूर करने की शपथ दिलाई उन्होंने कहा कि जिन शहीदों ने देश को आज़ाद करवाने के लिए अपनी जवानी के दिन देश कि सेवा में नयोंछावर कर दिए और अपने लहू से भारत के इतिहास के सुनहरे पन्ने लिखे उनके इतिहास को भारतवासियो को हमेशा याद रखना होगा। इस मौके पर शहरवासियों और कार्यकर्ताओ को मंच पर से सम्बोधित करते (एनसीपी) यूथ विंग के केंद्रीय अध्यक्ष विवेक हंस गरचा ने कहा कि जिन बेकसूर लोगों को आज के दिन जलीयावाला बाग़ अमृतसर में जनरल डायर ने गोलियों का शिकार बनाया था देश कि आजादी के लिए यह सबसे बड़ी कुर्बानी थी आजादी की कीमत के लिए निर्दोष बच्चे, जवान, बुजुर्ग और औरतों की सबसे बड़ी कुर्बानी थी पुरे देश में हर्षल्लास से बैसाखी का त्यौहार मनाया जा रहा था तब जरनल डायर ने मानवता के खून की नंगी होली खेली जो पुरे विश्व की मानवता के लिए शर्मनाक है। विवेक हंस गरचा ने पंजाब सरकार से मांग की कि बैसाखी के त्यौहार का नाम बदल कर (शहीदी दिवस) रखा जाये ताकि आने वाली पीढ़ी को यह इतिहासिक घटना हमेशा याद रहे, विवेक हंस गरचा ने चंडीगढ़ प्रशासन से मांग की कि पंजाब कि राजधानी चंडीगढ़ में भी एक जलीयावाला बाग़ का निर्माण करके उसमें शहीदों की मुर्तियां तथा उनकी जीवनियों पर आधारित लाइब्रेरी खोली जाये यह मांग पिछले कई वर्षों से चंडीगढ़ प्रदेश कि प्रथम क्षेत्रीय राज्य न्यू कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के संस्थापक प्रिंसिपल राम पाल हंस जी कि ओर से भी समय - समय पर प्रशासन से की गई। इस मौके पर श्रद्धांजलि सभा में पार्टी अध्यक्ष मति बबिता रानी, पंजाब प्रदेश अध्यक्ष गुरइन्दर पाल सिंह कहलों, पार्टी यूथ विंग के अध्यक्ष विवेक हंस गरचा, सचिव हरप्रीत सिंह, सुमित शर्मा, संगठन सचिव गुरप्रीत सिंह इंसान, महासचिव सिमरनजीत सिंह सैखो, रवि बागी, ओ.पी सक्सेना, राज कुमार काला, रविंद्र सिंह, साजिद अली सलमानी, एम. एम मसीह, बीबी इन्दरप्रीत कौर, बीबी अमनदीप कौर, मुकेश कुमार, पंडित अनिल कुमार शास्त्री इत्यादि मौजूद थे।