• 9/23/2019

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2 मरीज़ों की रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सर्जरी से मिला नया जीवन

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Preeti

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4/20/2019 8:28:58 PM

पंचकूला, 20 अप्रैल। 2 मरीज़ों की रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सर्जरी ओजस अस्पताल पंचकूला के अमनदीप ओजस सैंटर आफ़ एक्सीलैंस फ़ार नी रिप्लेस्मैंट में सफलतापूर्वक की गई । अमनदीप ग्रुप आफ़ हास्पीटल्ज़, अमृतसर के चीफ़ आर्थोपेडिक सर्जन डा अवतार सिंह और ओजस के हड्डियों के विभाग के डायरेक्टर, डा सुरेश सिंग्ला ने संयुक्त रूप से सफलतापूर्वक रोबोटिक आप्रेशन किया । आज पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए डा अवतार सिंह ने बताया , इस तकनीक से आप्रेशन करने वाले डाक्टर को मरीज़ के घुटने की सिफऱ् खऱाब हड्डी को बहुत ही बारीकी से बदलने की सुविधा मिल जाती है जबकि घुटने का प्राकृतिक ढांचा बच जाता है । इस तरह घुटना बदलवा कर भी मरीज़ को बिल्कुल प्राकृतिक घुटने की तरह महसूस होता है । उन्होंने कहा , आप्रेशन मैं ही करता हूं न कि रोबोट । रोबोट द्वारा दी जाती आधुनिक सूचना के आधार पर आप्रेशन करने वाला डाक्टर घुटने की खऱाब हड्डी को बहुत ही बारीकी से काट सकता है जोकि मानवीय ढंग से की जाने वाली सर्जरी में संभव नहीं हो पाता था । इस तकनीक से मैं मरीज़ के घुटने की एक 3-डी तसवीर बना लेता हूं जिस से एमआरआई और सीटी स्कैन की आवश्यकता नहीं रहती । इस तस्वीर को देख कर मैं प्रत्येक मरीज़ के लिए सर्जरी की अलग-अलग योजना तैयार कर सकता हूं क्युंकि हर व्यक्ति का घुटना अलग होता है । इस प्रकार आप्रेशन के अंत में डाले जाने वाले घुटने से मरीज़ को बिल्कुल प्राकृतिक महसूस होता है व उस को यह भी भूल जाता है कि उसका कोई आप्रेशन हुया है । रोबोट तकनीक से घुटने बदलने का सबसे ज्यादा लाभ यह है कि इसका प्रयोग करके घुटने का पूर्ण जोड़ अथवा आंशिक जोड़ बदला जा सकता है । घुटने का आंशिक जोड़ बदलने के मामले में भी यह तकनीक उतनी ही कामयाब है जितनी पूरा जोड़ बदलने में । रोबोट से घुटने बदलवाने की तकनीक पूरे उत्तर भारत में केवल अमनदीप ग्रुप आफ़ हास्पीटल्ज़, अमृतसर के पास ही उपल्ब्ध है व हाल ही में यह तकनीक ओजस अस्पताल, पंचकूला में भी ट्राईसिटी व आस-पास के लोगों के लिए उपलब्ध करवाई गई है । मरीज़ गुरपाल सिंह (नाम परिवर्तित) ने बताया कि पिछले कुछ माह से उसके घुटने में लगातार असहनीय दर्द हो रहा था । वह ऐसे तरीके की खोज में था जो आधुनिक अत्यधिक सुरक्षित व आरामदेह भी हो । वह इस तकनीक के बारे जानकर बहुत प्रभावित हुया और फिर उसने घर जाकर इस तक्नीक संबंधी इंटरनेट पर भी खोज की तो पाया कि इसके परिणाम बहुत ही आश्चर्यजनक हैं । इसी लिए उसने अपना घुटना बदलवाने के लिए इस तक्नीक का चयन किया ।