• 9/23/2019

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पंजाब फूड कमीशन ने आंध्रा मिड डे मील मॉडल का लिया जायज़ा

Varsha

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4/22/2019 9:52:09 PM

चंडीगढ़, 22 अप्रैल। मिड डे मील के अंतर्गत ताज़ा पकाया गरमा-गर्म भोजन आंध्र प्रदेश के स्कूलों में बच्चों को बाँटा जा रहा है। यह जानकारी फूड कमीशन, पंजाब के चेयरमैन डी.पी. रेड्डी ने दी। उन्होंने बताया कि हाल ही में चेयरमैन और सदस्यों द्वारा आंध्र प्रदेश के दौरे के दौरान राज्य सरकार द्वारा अक्षय पात्र की सैंट्रली मैकेनाईजड़ किचन का दौरा आयोजित किया गया, जिससे यह दिखाया जा सके कि किस तरह मिड डे मील के लिए स्कूल के बच्चों के लिए ताज़ा और गरमा-गर्म ख़ाना तैयार किया जा रहा है। यह एक प्रभावशाली मॉडल है, जिसमें 25 किलोमीटर के घेरे में आते स्कूली बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था करने हेतु सुचारू रूप में सैंट्रलाईजड़ रसोईयां स्थापित की गई हैं। स्कूलों में भोजन उपलब्ध कराने के लिए जी.पी.एस. की सुविधा वाले वाहन इस्तेमाल किये जा रहे हैं। चेयरमैन ने बताया कि इस प्रणाली संबंधी भरपूर जानकारी और जायज़ा लेने के लिए अक्षय पात्र और इस्कोन ग्रुप के नुमायंदों के साथ मीटिंग आयोजित की गई और इस मीटिंग में श्री कृष्ण कुमार, आई.ए.एस., शिक्षा सचिव,पंजाब, श्रीमती अमृत कौर गिल, डायरैक्टर, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग पंजाब के अलावा सम्बन्धित विभागों के अधिकारी भी शामिल हुए। रेड्डी ने कहा कि अक्षय पात्र ग्रुप के नुमायंदे श्री रघूपथी दास ने इच्छा अभिव्यक्त की कि यदि राज्य के शिक्षा विभाग द्वारा इस प्रस्ताव के प्रति सहमति बनती है तो बिल्कुल ऐसे प्रयास पंजाब में शुरू किये जा सकते हैं। वह पहले ही साल 2000 से मिड डे मील स्कीम के अंतर्गत 12 राज्यों में भोजन मुहैया करवा रहे हैं। इस्कोन ग्रुप के नुमायंदों ने बताया कि वह भी अक्षय पात्र ग्रुप की तरह ही काम कर रहे हैं और दोनों ग्रुप पंजाब में इसी तजऱ् का मॉडल शुरू करने के लिए सहृदय हैं। मिड डे मील के साथ-साथ आंगनवाडिय़ों के लिए भी भोजन की आपूर्ति संबंधी संभावना तलाशने के लिए चेयरमैन ने दोनों ग्रुपों के नुमायंदों से सुझाव माँगे और अक्षय पात्र ग्रुप के नुमायंदों ने बताया कि आंगनवाडिय़ों के लिए भी भोजन की व्यवस्था की जा सकती है क्योंकि कई राज्यों में उनके ग्रुप द्वारा आंगनवाडिय़ों के लिए भोजन की स्पलाई दी जा रही है। शिक्षा सचिव ने सुझाव दिया कि पहले यह स्कीम पायलट प्रोजैक्ट के तौर पर शुरू किया जाये और पायलट प्रोजैक्ट की कामयाबी के बाद समूचे पंजाब में इसको लागू करने संबंधी विचारा जायेगा। उन्होंने इच्छा ज़ाहिर की कि मिड डे मील स्कीम में अक्षय पात्र और इस्कोन ग्रुप का सहयोग लिया जायेगा। शिक्षा सचिव ने उक्त संगठनों द्वारा अन्य राज्यों के साथ सहीबद्ध किये एम.ओ.यू.(समझौता) की कॉपी की माँग की। प्रोजैक्ट के विस्तृत अध्ययन के बाद ही यह फ़ैसला लिया जायेगा और दोनों ग्रुपों (अक्षय पात्र और इस्कोन)को एक-एक जिला पायलट प्रोजैक्ट के तौर पर दिया जायेगा। शिक्षा सचिव ने यह सुझाव भी दिया कि शिक्षा विभाग अध्यापकों का एक प्रतिनिधिमंडल राजस्थान में अक्षय पात्र समूह द्वारा चलाई जा रही सैंट्रलाईजड़ रसोई का दौरा भी करवाएगा जिससे वहाँ चलाई जा रही मिड डे मील स्कीम के काम-काज को देखा जा सके।