• 11/14/2019
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कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पानी की बर्बादी के विरुद्ध सख्त रूख अपनाया, नये कानून की करी वकालत

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Varsha

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7/11/2019 9:40:20 PM

चंडीगढ़, 11 जुलाई । पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पानी की बर्बादी के विरुद्ध सख्त रूख अपनाते हुए इस अहम संसाधन के संरक्षण को यकीनी बनाने के लिए निर्देश जारी किये हैं और इसके साथ ही उन्होंने पानी के बिलों का भुगतान न करने वालों के लिए दंड का प्रावधान करने का फ़ैसला किया है। मुख्यमंत्री ने अर्बन रीन्युवल एंड रिफोर्मज़ कोंसलटेटिव ग्रुप की दूसरी मीटिंग में पानी की राज्य में बहुत ज़्यादा कमी की स्थिति का जायज़ा लेते हुए पानी की बर्बादी के विरुद्ध जंग शुरू करने के निर्देश जारी किये हैं। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने इस सम्बन्ध में नियमों को सख्ती से लागू करने पर ज़ोर देते हुए सम्बन्धित विभागों को इनमें की जाने वाले ज़रूरी संशोधनों संबधी सुझाव देने के निर्देश दिए जिससे पानी की बर्बादी करने वालों को रोकने के लिए उनके बनते पानी के बकाए के भुगतान के लिए मजबूर किया जा सके। उन्होंने कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी तो राज्य पानी के संरक्षण और पंजाब को बंजर बनने से रोकने को यकीनी बनाने के लिए अलग कानून ला सकता है। मीटिंग के बाद एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि उन्होंने राज्य की पोश इलाकों के बड़े घरों में पानी की बर्बादी को रोकने के लिए मीटर लगाने संबंधी विभाग को फ़ैसला लेने के लिए कहा। मीटिंग में पानी की बर्बादी को रोकने के लिए बढ़ी दरें लगाने की संभावनाओं पर विचार किया गया है। इसके साथ ही जल सप्लाई /सिवरेज के संचालन के लिए ओ एंड एम बनाने पर भी विचार किया गया। पानी के संरक्षण के सम्बन्ध में लोगों में जागरूकता पैदा करने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने स्थानीय निकाय और जल सप्लाई एवं सेनिटेशन विभागों को विशेष कैंप लगाने के लिए कहा जिससे पानी के संरक्षण की ज़रूरत संबंधी खासतौर पर ग्रामीण लोगों को संवेदनशील बनाने के साथ-साथ उनको जागरूक भी किया जा सके। उन्होंने विधायकों को जि़ला, सब-डिविजऩ और ब्लॉक स्तर पर लोगों के साथ संपर्क प्रोग्राम आयोजित करने की अपील की जिससे पानी की बूँद -बूँद की बचत करने के लिए जनमत को लामबंद किया जा सके। मॉनसून के सीजन के दौरान पानी की निकासी की समस्या से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने स्थानीय निकाय के प्रमुख सचिव को अचानक और लम्बी मियाद की व्यापक नीति तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने बंद पड़ी सिवरेज लाईनों की सफ़ाई के लिए सुपर सक्कर और जैट मशीनों का प्रबंध करने के लिए स्थानीय निकाय विभाग को कहा। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने शहरी इलाकों में सिवरेज लाईनों में बाढ़ों जैसी स्थिति से बचने के लिए जल सप्लाई और सिवरेज बोर्ड के साथ विचार-विमर्श के द्वारा स्थानीय निकाय विभाग को समयबद्ध कार्य योजना तैयार करने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री ने 14वें वित्त आयोग के तहत 221 करोड़ रुपए के फंड स्थानीय निकाय विभाग को तुरंत जारी करने के लिए वित्त विभाग को कहा है जिससे शहरी स्थानीय संस्थाओं में विकास के कार्य किये जा सकें। प्रमुख सचिव वित्त ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि यह फंड विभाग को 10 दिनों के अंदर जारी कर दिए जाएंगे। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने जल-सप्लाई, सिवरेज, स्ट्रीट लाईटों और इमारती उल्लंघनाओं को नियमित करने के लिए ओ.टी.एस के रूप में शहरी बुनियादी ढांचे का स्तर ऊँचा उठाने के अलावा प्राथमिक शहरी सुविधाओं की मज़बूती से सम्बन्धित बुनियादी मुद्दों की पहचान करने के लिए स्थानीय निकाय मंत्री को तुरंत विधायकों, संसद सदस्यों और निगमों के मेयरों की मीटिंग बुलाने के लिए कहा है। मीटिंग में अन्यों के अलावा वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल, आवास निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री सुखबिन्दर सिंह सरकारिया, खाद्य और सिविल सप्लाई मंत्री भारत भूषण आशु, मुख्यमंत्री के सीनियर सलाहकार जनरल (सेवामुक्त) टी.एस. शेरगिल, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, विधायक सुरिन्दर डावर, सुनील दत्ती, अमित विज, अमरिन्दर सिंह राजा वडि़ंग, डा. हरजोत कमल, प्रगट सिंह, सुशील रिंकू, कुलजीत सिंह नागरा, कुशलदीप सिंह ढिल्लों, मेयर जालंधर जगदीश राज राजा, लुधियाना के मेयर बलबीर संधू और मेयर पटियाला संजीव शर्मा के अलावा ए.सी.एस आवास निर्माण एवं शहरी विकास विन्नी महाजन, प्रमुख सचिव वित्त अनिरुद्ध तिवाड़ी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री तेजवीर सिंह, प्रमुख सचिव स्थानीय निकाय ए. वेनू प्रसाद, सचिव पी.डब्ल्यू.डी. (बी एंड आर) हुस्न लाल और सी.ई.ओ. जल सप्लाई और सिवरेज बोर्ड अजोए शर्मा उपस्थित थे।