• 11/14/2019
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एसबीआई पेंशनर्स ने ‘स्ट्रोक अवेयरनेस’ हेल्थ टॉक में लिया हिस्सा

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Preeti

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7/11/2019 9:41:12 PM

पंचकूला, 11 जुलाई । 30 एसबीआई पेंशनर्स ने वीरवार को एसबीआई बैंक, सेक्टर 5 पंचकूला में ‘स्ट्रोक अवेयरनेस ’पर अल्केमिस्ट अस्पताल द्वारा आयोजित हेल्थ टॉक में हिस्सा लिया। यह हेल्थ टॉक एसबीआई पेंशनर के सहयोग से आयोजित की गई थी। हेल्थ टॉक को संबोधित करते हुए डॉ अनुराग लांबा, सीनियर कंसल्टेंट - न्यूरोलॉजी , अलकेमिस्ट अस्पताल ने कहा कि ब्रेन स्ट्रोक हार्ट अटैक और कैंसर के बाद भारत में तीसरा सबसे बड़ा जानलेवा रोग है। डॉ. लांबा ने कहा कि हर 20 सेकंड में एक भारतीय को ब्रेन स्ट्रोक होता है और बदलती जीवन शैली के कारण इनकी संख्या खतरनाक तौर पर बढ़ रही है। इस दर पर, हर साल लगभग 15 लाख भारतीय स्ट्रोक से प्रभावित होते हैं और स्ट्रोक के 90 प्रतिशत मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते हैं। 55 साल की उम्र के बाद स्ट्रोक का जोखिम महिलाओं के लिए पांच में से एक है और पुरुषों के लिए छह में से एक है। डॉ. लांबा ने बताया कि ‘‘स्ट्रोक शरीर के एक हिस्से का काम करना अचानक बंद कर सकता है। यदि कोई व्यक्ति संतुलन में समस्याओं से ग्रस्त है, आवाज में बदलाव, अचानक दृष्टि चले जाना, एक चीज की तरह गिर जाना, थकान आदि हो तो उन्हें अस्पताल ले जाना चाहिए। ब्रेन स्ट्रोक का इलाज घर पर शुरू नहीं हो सकता और इसके लिए सीटी या एमआरआई स्कैन आवश्यक है।’’ उन्होंने बताया कि अध्ययन से पता चलता है कि स्ट्रोक के पहले लक्षणों का अनुभव करने के बाद औसतन एक व्यक्ति चिकित्सा देखभाल प्राप्त करने से पहले 13 घंटे तक प्रतीक्षा करता है। अल्केमिस्ट अस्पताल से जुड़े डॉ. लांबा ने कहा कि दो प्रतिशत मरीज 24 घंटे तक इंतजार करते हैं। इसलिए, इस मुद्दे पर जागरूकता जरूरी है क्योंकि स्ट्रोक के लक्षणों को पहचानना और तत्काल आपातकालीन ध्यान देना महत्वपूर्ण है। ऐसे में ये ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि स्ट्रोक के बाद 4-5 घंटे के भीतर मेडिकल केयर प्रदान करना जरूरी है । ब्रेन स्ट्रोक तब होता है जब मस्तिष्क तक ऑक्सीजन और पोषक तत्वों को ले जाने वाली ब्लड वेसल एक थक्के या फटने से अवरुद्ध हो जाती है, जिससे मस्तिष्क को जरूरी तत्व नहीं मिल पाते हैं। अगर मस्तिष्क को कुछ समय के लिए भी ऑक्सीजन से वंचित किया जाए, तो मस्तिष्क की कोशिकाएं मरने लगती हैं। डॉ.लांबा ने कहा कि ‘‘हार्ट अटैक की तुलना में, ब्रेन स्ट्रोक के बारे में जागरूकता, काफी कम और काफी सीमित है। इसलिए इसको लेकर जागरूकता में सुधार होना चाहिए।’’ स्ट्रोक से बचाव के लिए 1. स्वस्थ खानपान करें। 2. कोलेस्ट्रॉल कम रखें 3. नियमित व्यायाम करें 4. धूम्रपान /शराब से परहेज 5. रक्तचाप और मधुमेह को नियंत्रण में रखें