• 9/23/2019

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ज्ञान जागृत करने के लिए शिक्षा सबसे सशक्त माध्यम

Rajan

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9/10/2019 11:04:35 PM

पानीपत, 10 सितंबर। ज्ञान मनुष्य में पहले से मौजूद होता है I बात सिर्फ़ जागृत करने की होती है और इसके लिए शिक्षा सबसे सशक्त माध्यम होता है I इसी बात को मध्यनज़र रखते हुए समालखा स्थित केंद्रीय विद्यालय बिहोली में कक्षा सात के छात्रों के लिए रामकृष्ण मिशन, नई दिल्ली के सौजन्य से जागृत नागरिक प्रोग्राम का आगाज़ किया गया I कार्यक्रम के प्रथम चरण के तहत विद्यालय के शिक्षक राजेश वशिष्ठ को केंद्रीय विद्यालय संगठन गुरुग्राम संभाग के तत्वावधान में रामकृष्ण मिशन, नई दिल्ली द्वारा गहन प्रशिक्षण दिया गया है I प्राचार्य सुनीता ने बताया कि इस दिशा में सीबीएसई के मूल उद्देश्य को अमलीजामा पहनाते हुए केंद्रीय विद्यालय संगठन ने यह बीड़ा उठाया है जिसके तहत छात्रों में जीवन की विषमताओं के प्रति समझ पैदा कर ,सकारात्मकता के साथ स्वयं को सशक्त बना कर जीवन और ज्ञान के नए आयाम और मूल्य पैदा करना है जो वैश्विक जीवन कौशल और चरित्र निर्माण के माध्यम से संभव है I वैश्वीकरण के युग में छात्रों में सांस्कृतिक सहनशीलता, नैतिकता और नारी के प्रति श्रद्धा छात्रों में तीन वर्षीय कार्यक्रम को 16 मोड्यूल में बाँटते हुए कक्षा सात से कक्षा नवीं के छात्रों के लिए तैयार किया गया है I इस कार्यक्रम से आत्मचिंतन की क्षमता पैदा कर शिक्षकों को भी बेहतर ढंग से छात्रों की अपार क्षमताओं को समझने में सहयोग मिलेगा I और देश में बढ़ रही ड्राप आउट की समस्या से निजात मिलेगी तथा समावेशी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा I शिक्षा के प्रति स्वामी विवेकानंद का नज़रिया बड़ा विलक्षण तथा उनकी सोच ‘शिक्षा एक व्यक्ति में पहले से ही पूर्णता की अभिव्यक्ति हैI’ का समर्थन करते हुए संसाधक राजेश वशिष्ठ के अनुसार यह कार्यक्रम छात्रों में छिपी प्रतिभा को निखारने में सहायता करेगा क्योंकि इसके अंतर्गत छात्र साहसी बनेंगे,स्वयं की अपार संभावनाओं में विश्वास पैदा करते हुए , स्वयं का विस्तार करते हुए वह जान पायेंगे कि जिस लक्ष्य को हासिल करने में डर था,वह प्राप्त किया जा सकता है।सद्भावना के साथ रहना तथा सर्वधर्म समभाव रखना सीखेंगे ,उत्कृष्टता की खोज करेंगे और पूर्णता की प्राप्ति करते हुए आत्म श्रद्धा का विकास कर अपने आदर्श चरित्र से स्वयं के नायक बन सकेंगे और जीवन के महानतम लक्ष्य सत्य के खोजी बन सकेंगे I इससे छात्रों में भारत के प्रति भी नज़रिया तैयार होगा I छात्र अपने जीवन में जिम्मेवार विकल्प चुनना सीखेंगे तथा कालजयी नैसर्गिक गुणों को जागृत कर जिम्मेवार नागरिक बन सकेंगे। इस कार्यक्रम की विशेषता यह है कि यह अन्य नैतिक मूल्य संबंधी कार्यक्रमों से इतर है क्योंकि इसमें क्या करें और क्या न करें के निर्देश थोपे नहीं गए हैं ,इनमें पूर्वाग्रह नहीं है बल्कि छात्र अपनी चेतना की जागृति से निर्णय लेता है और उनकी जिम्मेवारी भी लेता है I कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों में निर्भीकता का भाव पैदा होगा जिससे वह जीवन में नवोन्मेषण और नवाचार करने में सक्षम होंगे।