• 10/20/2019
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पंजाब सरकार सी.आई.सी.यू. व जी.एन.डी.ई.सी. के सहयोग से सूक्ष्म और लघु उद्योगों में खोज और नवाचार को करेगी उत्साहित

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Preeti

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10/8/2019 9:37:17 PM

चंडीगढ़, 8 अक्तूबर । राज्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों में खोज और नवाचार प्रफुल्लित करने के लिए पंजाब सरकार, चेंबर ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल अंडरटेकिंग्ज (सी.आई.सी.यू.), लुधियाना और जी.एन.डी.ई.सी. साझे तौर पर प्रयास करेंगे। इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि विज्ञान प्रौद्यौगिकी और पर्यावरण विभाग ने सी.आई.सी.यू., लुधियाना के इंडस्ट्रियल एसोसिएशन सदस्यों के साथ एक मीटिंग आयोजित की जहाँ विभाग के प्रमुख सचिव राकेश वर्मा ने उद्योगपतियों को राज्य में खोज और नवाचार को प्रफुल्लित करने के लिए सरकार द्वारा चलाए ‘मिशन इनोवेटिव पंजाब ’ से अवगत करवाया। प्रमुख सचिव ने बताया कि राज्य में यह मिशन यूनिवर्सिटियों और खोज संस्थाओं, उद्योगों, सरकारी विभागों और फंडिंग एजेंसियों की हिस्सेदारी के साथ चलाया जायेगा। उद्योगपतियों को सूक्ष्म, छोटे और मध्यम इंटरप्राईज़ों (एम.एस.एम.ई.) पर इनोवेशन के प्रभाव सम्बन्धी जागरूक करवाया। लुधियाना का राज्य में उत्पादक सरगर्मियों का केन्द्र होने के कारण प्रमुख सचिव ने सी.आई.सी.यू के सदस्यों को इनोवेशन आधारित आधुनिक उत्पादन प्रौद्यौगिकी इख्तियार करने में मुख्य भूमिका निभाने की अपील की। उद्योगों को समय का साथी बनाने के अंतर्गत विभिन्न विचार-विमर्श भी करवाए गए ताकि उनके द्वारा नयी औद्योगिक प्रौद्यौगिकी 4.0 को अपनाया जा सके। नयी उत्पदान प्रौद्यौगिकी के साथ न केवल उत्पादन बल्कि सामथ्र्य में भी वृद्धि होगी और हमारे उद्योग वैश्विक स्तर के हो सकेंगे। इस दौरान यह भी बताया गया कि एम.एस.एम.ई के कार्य सामथ्र्य में वृद्धि के बावजूद मौजूदा हालातों में एम.एस.एम.ई के लिए नये उद्योग 4.0 के साथ मुकाबला करना बहुत बड़ी चुनौती है। सरकार और सी.आई.सी.यू ने ऐसे संस्थानों की पहचान करने के लिए सहमति अभिव्यक्ति है जो उद्योग 4.0 लगाने के लिए अपेक्षित सामथ्र्य रखते हैं। राकेश वर्मा ने गुरू नानक देव इंजीनियरिंग कालेज का दौरा भी किया जिसके पास पर्यावरण, सूचना प्रौद्यौगिकी, उत्पादन और ऐडिटिव उत्पादन सम्बन्धी तजुर्बा है। इसके साथ ही यह संस्थान उद्योगों के साथ मिलकर अपनी लैबों को उद्योग 4.0 के अनुसार बनाने के लिए अपग्रेड करने की संभावनाएं तलाशता रहता है जिससे एम.एस.एम.ई से उद्योग 4.0 की ओर रूख किया जा सके और तकनीकी तौर पर कुशल कामगार पैदा किये जा सकें।