• 10/20/2019
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कुत्ते बॉडी लैंग्वेज के जरिए आपसे अपनी बात कहते हैं: दिव्य दहिया

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Dr. Kumar

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10/9/2019 10:15:38 PM

चंडीगढ़, 9 अक्टूबर । स्ट्रीट डॉग्स को हर तीन महीने में डिवर्मिंग टेबलेट देकर शांत रखा जा सकता है। पेट में कीड़े होने पर कभी-कभी कुत्ते चिड़चिड़े और कटखने हो सकते हैं। कुत्ते अपने शरीर के हावभावों से अपनी बात कहते हैं। हाथ के सरल संकेतों के जरिये आप भी उनसे बात कर सकते हैं। पशु चिकित्सक से सलाह लिए बिना कुत्ते या बिल्ली को दर्द निवारक या एंटीबायोटिक दवा नहीं देनी चाहिए। पीजीआई कम्युनिटी सेंटर में आयोजित फर्स्ट एड कैम्प में विशेषज्ञों ने ये टिप्स दीं। कैम्प फरएवर फ्रेंड्स रेस्क्यू संस्था द्वारा लगाया गया था। पशु चिकित्सा सर्जन डॉ. रविंदर सैनी ने कहा, 'प्राथमिक चिकित्सा सब कुछ नहीं है, परंतु पशु चिकित्सक तक पहुंचने से पहले यह आपके पालतू जानवरों का जीवन बचा सकती है। पेट के कीड़े और टीकाकरण की तारीखें याद रखनी चाहिए। पालतू जानवरों के व्यवहार में कोई बड़ा बदलाव दिखे तो तुरंत पशु चिकित्सक से परामर्श करें। डॉग ट्रेनर दिव्य दहिया ने कहा, 'आपका कुत्ता हर समय आपसे बात करता है। उसकी बॉडी लैंग्वेज, कान, पूंछ, पोस्चर, चेहरे के आवभाव पर गौर करें। हाथों के सरल इशारों से आप कुत्ते से बात कर सकते हैं। जो विहेवियर आप बार-बार चाहते हों, उसके लिए उसे रिवार्ड दें। कुत्ते को ट्रेनिंग देने के लिए उसे किसी तरह की तकलीफ न दें, उससे वो आक्रामक हो सकता है। फरएवर फ्रेंड्स के संस्थापक विकास लूथरा ने कहा, 'शिविर का उद्देश्य लोगों को सक्षम बनाना है, ताकि मामूली चोटों से वे खुद निबट लें और सडक़ पर कुत्तों और पालतू जानवरों को प्राथमिक उपचार दे सकें। हम सभी कॉल्स पर ध्यान देते हैं, लेकिन एक ही समय में हर जगह पहुंचना हमारे वॉलंटियर्स के लिए संभव नहीं होता। इसलिए लोगों को प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी होनी जरूरी है। ' कार्यक्रम के दो मुख्य अतिथि थे: स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरजा चावला और भारत का टॉप डॉग मॉडल- जोई। शिविर में ट्राइसिटी के 42 पशु प्रेमियों ने भाग लिया। सभी को मुफ्त फस्र्ट एड किट वितरित की गयी। सीनियर वॉलंटियर नविता आहूजा ने भी संबोधित किया। यह भी चर्चा की गयी कि पशु प्रेमियों को हमेशा मदद का अनुरोध करने के बजाय, स्वयं भी मदद की पेशकश करनी चाहिए। जब भी आप एक घायल जानवर को देखते हैं, और उसकी जानकारी एक बचाव दल को देते हैं, उस समय हैल्प मिलने तक जानवर के साथ रहने की कोशिश करें। विकास ने कहा, 'हमारे लिए पैसे से भी ज्यादा जरूरी है तरह-तरह की स्किल्स। ऐसे पशु प्रेमी जो वेब डेवलपर, वकील, सीए, फोटो एडिटर, कंटेंट राइटर, सोशल मीडिया मैनेजर, वीडियो एडिटर आदि हैं, वे अपना कुछ समय हमें दान कर सकते हैं।