• 11/14/2019
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आपस में लडवाने वाली भाजपा की सरकार से छुटकारा चाहते हैं लोग: कुमारी सैलजा

Varsha

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10/19/2019 9:21:06 PM

चंडीगढ़, 19 अक्टूबर। आपस में लडवाने और बेरोजगारी फैलाने वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार से लोग छुटकारा पाने का मन बना चुके हैं। कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने चुनाव प्रचार के आखिरी दिन कहा कि हरियाणा के लोगों को समझ आ चुका है कि यह भारतीय जनता पार्टी नहीं बल्कि भारतीय जुमला पार्टी है। लोग अब जुमला पार्टी से बदला लेने के मूड में हैं। कांग्रेस की जीत के लिए भारी संख्या में वोट की तैयारी वाली रिपोर्ट प्रदेश भर से मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में फिर से अमन,भाईचारा औऱ तरक्की की पैरोकार कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने जा रही है। वो नीलोखेड़ी में बंताराम, रादौर में बिशन लाल सैनी, समालखा में धरम सिंह छोकर और उकलाना के ओल्ड अनाज मंडी में श्रीमती बाला देवी के समर्थन में जनसभाएं कर मुख्यमंत्री मनोहर लाल सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा के किसी भी नेता ने तीन बार प्रदेश को जलाने और हरियाणा के स्वाभिमानी लोगों पर दंगाई होने का लाक्षंण लगाने के लिए माफी नहीं मांगी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक ने हरियाणा पुलिस की गोली से मारे गए लोगों को याद तक नहीं किया। किसी जनसभा में भाजपा शासन में मारे गए लोगों के परिजनों के हरे जख्म पर मरहम लगाने का काम नहीं किया। भाजपा नेताओं की रैलियों में लोग बस इस उम्मीद में जाते रहे कि वहां उनको संवेदना देखने को मिलेगा। शासन देने में फेल हुई मनोहर लाल सरकार की रिपोर्ट दी जाएगी। माफी मांगी जाएगी। अपराध औऱ बेरोजगारी में प्रदेश को नंबर वन बना देने के बहाने सुनने को मिलेंगे। मंदी की मार, बढ़ती बेरोजगारी औऱ किसानों के साथ हुए अन्याय का जबाव मिलेगा। लेकिन जमीनी दिक्कतों को दूर करने के उपाय बताने के बजाय भाजपा के नेता हरियाणा के लोगों को चुनावी सभाओं में मूर्ख ही बनाते रहे। पाकिस्तान, कश्मीर औऱ एनआरसी के बहाने जनता जनार्दन को बहलाने की कोशिश करते रहे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पांच साल तक मनोहर लाल सरकार के हाथों बुरी तरह लुटी पिटी जनता फिर से अमन चैन की चाहत से भरी है। इस बार “हर घर में नौकरी, हर हाथ को काम” देने वाली कांग्रेस पार्टी की सरकार के लिए वोट करना चाहती है। हरियाणा के लोग सियासी चतुराई को खूब समझते हैं। हरियाणवी की भावनाओं का मजाक उड़ाने वालों को वोट के जरिए मजा जरुर चखाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पांच साल में हरियाणा के आर्थिक हालात गर्त में डूबो दिया गया है। बडे से लेकर छोटे कल कारखानों पर ताले लग रहे हैं। व्यापारी सिर पर हाथ धरे बैठा है। बाजार में रौनक लौटने का इंतजार करते हुए दशहरा, करवा चौथ बीत गया। दिवाली आने वाली है लेकिन अनाडियों के हाथों में फंसी अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटने का नाम नहीं ले रही है। उद्योग धंधे चौपट हो गए। प्रदेश में बेरोजगारों की आबादी बेइंतहा बढ़ गई। बच्चों का भविष्य अंधकार में है। अपराध का ग्राफ आसमान छूने लगा है। फिर भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल का अहंकार सिर चढ़कर बोल रहा है। प्रदेश का हर वर्ग भाजपा के इस व्यवहार से दुखी है। उन्होंने कहा कि इतिहास में पहली बार केंद्रीय वित्त मंत्री के पति ने सरकार के आर्थिक नीतियों का उपहास उड़ाया है। हरियाणा में झूठ की सरकार चलाते रहे। किसान परेशान हुए। आमदनी दोगुनी करने का झांसा देकर लागत दोगुना कर दिया गया। लोगों को नौकरियां नहीं मिली। 15 लाख बेरोजगारों को 250 किलोमीटर तक परीक्षा के लिए दौड़ाया गया। सरकारी कर्मचारियों को सम्मानजनक वेतनमान नहीं मिला। एससी और ओबीसी के आरक्षण पर चोट की गई। किसी गरीब को प्लॉट नहीं मिले। एक बीपीएल कार्ड तक नहीं बनाया। संत रविदास की ऐतिहासिक मंदिर गिरा दी गई। चुनाव में भूल का अहसास हुआ, तो सुप्रीम कोर्ट में फिर बनाने की दलील देने लगे।