• 11/14/2019
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सीआईआई एमएसएमई के लिए बना मार्केटिंग का शानदार प्लेटफार्म

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Dr. Kumar

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10/19/2019 9:23:01 PM

चंडीगढ़, 19 अक्टूबर। भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित चंडीगढ़ फेयर 2019 में एमएसएमई ने बड़ी संख्या में बढ़ चढ़ कर भाग लिया ताकि इस मेले के माध्यम से वह लोगों से सीधे संवाद कर सकें । सीआइआई चंडीगढ़ फेयर एमएसएमई को उनकी प्रदर्शनियों के माध्यम से बेहद अच्छे उपभोक्ताओं से संवाद का मौका देता है। इसके साथ ही आगंतुकों को नाबार्ड, एनएसआईसी तथा नेशनल जूट बोर्ड की स्टॉल पर उत्पादों की बड़ी रेंज पेश की गई। एनएसआईसी से जेएस मैनुफैक्चुरर्स द्वारा लगाई गई स्टॉल में इको फ्रैंडली रेफ्रिजरेटर की रेंज पेश की गई और इस फ्रिजर की खास बात यह है कि इसको चलाने के लिए बिजली की आवश्यकता नहीं है। गुजरात में तैयार इस रेफ्रिजरेटर को कुच की मिट्टी से तैयार किया गया है जो पानी पर चलता है। इसका 12 लीटर का वाटर टैंक है जो तापमान को हमेशा 15 डिग्री से नीचे बनाए रखता है। ऐसे में खाद्य पदार्थ व अन्य वस्तुओं को लंबे समय तक चलाने के लिए इसमें रखा जा सकता है क्योंकि यह बिना बिजली वाले रिफ्रिजरेटर की तरह काम करता है। इसके साथ ही कुच की मिट्टïी के बने ऐसे बर्तन भी पेश किए गए जो माईक्रोवेव में पूरी तरह से काम करते हैं। यह उसी तरह काम करते हैं जैसे प्लास्टिक के बर्तन लेकिन यह इको फ्रैंडली हैं। इन बर्तनों को 900 डिग्री तक के लिए तैयार किया गया है जिसके चलते यह स्टोव पर भी काम कर सकते हैं और माईक्रोवेव पर भी। यदि इस विचारधारा पर काम किया जाए तो पर्यावरण को बचाया जा सकता है और वह भी कम समय में। निस्संदेह सीआईआई नए अविष्कारों और नई प्रयोगों को एक महान मंच प्रदान करता है और हमारी पृथ्वी को बचाने के लिए आम जनता के बीच आदतों को विकसित करता है। यहां कलाकारों को एक्सपोजर मिलता है जिससे उनके आत्मविश्वास में इजाफा होता है। खासकर समाज की वंचित वर्ग को जिनमें महिलाएं शामिल हैं। यह महिला सशक्तिकरण के लिए भी एक बेहतरीन मंच है। शहर के परेड ग्राउंड में आयोजित किए जा रहे सीआईआई चंडीगढ़ फेयर 2019 में उत्तराखंड की स्टॉल को आगंतुकों से बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। मेले में एक प्रमुख आकर्षण उत्तराखंड सरकार द्वारा स्थापित किया गया स्टाल है। उत्तराखंड की एक संस्था ओरा इनफिनि स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए स्वेच्छा से काम करने वाली 300 महिलाओं द्वारा संचालित संस्था है जिसने दुनिया के लिए एक अद्भुत उदाहरण स्थापित किया है। जिसने कहा गया है कि उसमें सृजन, पोषण और परिवर्तन करने की शक्ति है। ओरा इनफिनि सब ठीक है का पर्याय है जिससे महिलाओं को एहसास होता है कि वे किसी से कम नहीं हैं। उनके द्वारा तैयार की गई विभिन्न प्रकार की एलईडी लाइट्स 100 प्रतिशत भारतीय हैं। ये एलईडी बाजार में मौजूद एलईडी के मुकाबले बेहतर हैं। उनकी ओर से कहा गया कि उनकी एलईडी भले ही कुद मंहगी हैं लेकिन अत्यधिक टिकाऊ और दोबारा इस्तेमाल की जा सकने वाली हैं। ये लाइटें आसानी से गर्म नहीं होती हैं और निरंतर उपयोग के बाद भी गर्म नहीं होती। प्रदर्शक ने कहा कि हम अपने उत्पादों के निर्माण में मशीनों का उपयोग कम से कम करते हैं। ये महिलाएँ जेल के कैदियों, बाल सुधार गृहों व नारी निकेतन की महिलाओं को भी प्रशिक्षण देती हैं। उन्हें पीएमईजीपी योजना के तहत उत्तराखंड सरकार द्वारा समर्थित किया जा रहा है। उत्तराखंड राज्य की प्राचीन सुंदरता कोई रहस्य नहीं है, लेकिन हथकरघा और हस्तकला लेखों में राज्य के कारीगरों की उत्कृष्ट शिल्प कौशल केबारे में लोग कम जानते हैं। मेले में उत्तराखंड का पारंपरिक ऊनी कोट भी उपलब्ध है। कोट की खासियत यह है कि यह भेड़ के ऊन मैरिनो से बना है जिसकी आगंतुकों के बीच भारी मांग है। इसके ऊनी शॉल, स्वेटर, जैकेट, मफलर आदि पुरुष और महिला दोनो खरीददारों के लिए उपलब्ध हैं जिनकी रेंज कीमत 900 रुपये से 15,000 रुपये के बीच है। बच्चों के लिए उत्तराखंड के पारंपरिक हस्तकला वाले कुर्तियां और पोशाक मेले में सबके द्वारा पसंद किए गए। विभाग ने प्राकृतिक अनाज, दालें, गेहूं का आटा, अनाज, मसाले, खाद्य तेल, जड़ी बूटियों और यहां तक कि जैविक चाय की विभिन्न किस्मों को पेश किया है। मेले के दूसरे ही दिन लगभग सारा स्टॉक बिक चुका है। पर्यटक पहाड़ी राज्य में उगाई जाने वाली जैविक दालों और सब्जियों को पसंद कर रहे हैं। लोग अपने स्वास्थ्य लाभों को देखते हुए जैविक खाद्य पदार्थों के प्रति अधिक झुकाव रखने लगे हैं। उत्तराखंड के स्टाल पर एक प्रतिनिधि ने कहा कि हम सीआईआई चंडीगढ़ फेयर में इस तरह की प्रतिक्रिया से बेहद खुश और उत्साहजनक है।