• 11/14/2019
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पश्चिम बंगाल के हाथ से पेंट दुपट्टों ने खींचा आगंतुकों का ध्यान

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Preeti

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10/19/2019 9:24:37 PM

चंडीगढ़, 19 अक्टूबर। भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित चंडीगढ़ के सेक्टर १७ स्थित परेड ग्राउंड में आयोजित सीआईआई चंडीगढ़ फेयर भारत के राज्यों द्वारा लगाए गए स्टॉल के बीच पश्चिम बंगाल की दिलचस्प कलाकृतियों और हस्तशिल्प को जबरदस्त प्रतिक्रियामिल रही है। पश्चिम बंगाल के हाथ से पेंट किए गए दुपट्टे इस साल सबके मन को भा रहे हैं। एक कारीगर ने बात चीत में बताया कि आगंतुकों ने वास्तव में हाथ से पेंट किए दुपट्टे और सूट पसंद किए और हमने बहुत सी बिना सिली कुर्तियां बेची हैं जिसका स्टॉक अब खतम हो चुका है। दुपट्टे की कीमत 550 रुपये से 650 रुपये जबकि कुर्तियों की कीमत 600 रुपये से 900 रुपये के बीच है। पश्चिम बंगाल स्टेट एक्सपोर्ट प्रमोशन सोसाइटी अपनी लकड़ी की नक्काशी, मूर्तियां, बर्तन, कृत्रिम फूल, सजावटी शोपीस, जूट के बैग, क्रिस्टल के हार, सूती सूट, हाथ से बने नरम खिलौने, हाथ से बनी साड़ी आदि का प्रदर्शन कर रही हैं। पश्चिम बंगाल राज्य निर्यात संवर्धन सोसायटी के अधिकारी ने बताया कि कृष्णानगर के कारीगर हाथ से बनी मिट्टी की गुडिय़ा लेकर आए हैं इसके साथ ही मानव आकृतियों, हिंदू धर्म की मूर्तियों और भारत के महापुरुषों की मूर्तियां भी पेश की गई हैं। इन मूर्तियों की विशेषता यह है कि कारीगर मानव शरीर रचना विज्ञान के प्रदर्शन के बारे में बहुत विशेष हैं। पश्चिम बंगाल के तांबे के आभूषणों की कीमत 50 रुपये से 2,500 रुपये के बीच है। डोकरा से बने आभूषण पश्चिम बंगाल के स्टालों पर सबसे अधिक बिकने वाले उत्पाद हैं। डोकरा धातु विज्ञान का एक प्राचीन रूप है और धातु पिघलने के बाद आभूषण बनते हैं। सबसे ज्यादा मांग हाथ से सिले हुए सूट और साड़ी की रही जिनकी कीमत 5,000 रुपये से 7000 रुपये के बीच है। कारीगर ने बताया कि एक सूट को पूरा करने में उन्हें एक साल का समय लगता है। कारीगरों ने विभिन्न प्रकार के सोला, ताड़ और बेंत के फूल की छड़ें और जूट और कपास के फूल झूलों को लाए हैं जो बच्चों द्वारा विशेष रूप से पसंद किए जा रहे हैं। राजस्थान - रेगिस्तानों, ऊँटों और रंगों की भूमि: एक अन्य मुख्य आकर्षण जयपुर से प्राचीन नीली मिट्टी के बर्तनों की एक उत्तम श्रेणी रहा जो हाथ से बनाया गया है और अपने रंग और चमक के लिए विश्व प्रसिद्ध है। 50 रुपये से 600 रुपये के बीच की कीमत वाले दीयों, लालटेन, वॉल हैंगिंग, बाथरूम सेट और सजावटी सामानों की एक विस्तृत श्रृंखला का भी प्रदर्शन किया जा रहा है। 250 से 300 रुपये के मामूली मूल्य के बीच लालटेन और दीये दिवाली की खरीददारी के लिए सबसे उपयुक्त हैं। राजस्थान से कला और हस्तशिल्प कुछ बहुत ही कलात्मक आरती थालियों के अलावा सुंदर कान के छल्ले, कटलरी, पेन-स्टैंड, संगमरमर की मूर्तियां, नमक और काली मिर्च के डिस्पेंसर ने भी सभी को आकर्षित किया। अचार, पापड़, सेवइयाँ और कुछ मिठाइयां जैसे कि गजक और मोंगरा पर्यटकों को लुभा रहे हैं। वाटरप्रूफ डोरमैट्रेस तथा जयपुरी जुती जैसे कई अन्य सामान भी हिट रहे।