• 12/11/2019
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जापान की मदद से पंजाब में जल्द चलेंगी इलेक्ट्रॉनिक बसें: पंजाब सरकार

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Varsha

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12/2/2019 10:13:37 PM

चंडीगढ़, 2 दिसंबर । पंजाब सरकार द्वारा चंडीगढ़ से पटियाला तक प्रयोग के तौर पर पाँच इलैक्ट्रॉनिकस बसें चलाने बारे जापान के साथ बातचीत जारी है। यह बसें जापानी तकनीक द्वारा तेज़ी से चार्ज होने वाली लिथियम आयन बैटरियों वाले इलेक्ट्रिक व्हीकल (ई.वी.) पर आधारित होंगी। पंजाब सरकार आगामी प्रोग्रेसिव पंजाब इनवैस्टजऱ् समिट-2019 के दौरान इस संबंधी जापानी ई.वी कॉरीडोर संबंधी विचार-विमर्श को आगे चलाएगी, जिसमें जापान की ऐकस्टर्नल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जेईटीआरओ), जापान की सरकार के साथ सम्बन्धित एक संगठन, कंट्री सैशन के लिए भागीदार है। जे.ई.टी.आर.ओ. की तरफ से जापानी संगठनों और दूसरे देशों के बीच आपसी लाभकारी व्यापार और निवेश को उत्साहित किया जाता है। इनवेस्टमैंट पर्मोशन और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनी महाजन के अनुसार भारत में जापान के राजदूत के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल आगामी निवेशक सम्मेलन में हिस्सा लेगा, जिसमें मितसूयी, एस.एम.एल इसूज़ू, मित्सुबिशी और यांमार के नुमायंदे भी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के इलैक्ट्रॉनिक्स और इन्फर्मेशन टेक्नोलोजी (एमईआईटी) मंत्रालय के सहयोग से पंजाब एडवांस्ड और उभरती प्रौद्योगिकियों में सैंटर ऑफ एक्सीलेंस बनने की राह पर आगे बढ़ रहा है। इसके अंतर्गत भारत की एमईआईटी, और जापान की एमईटीआई के बीच एमओयू (समझौता) किया जा रहा है। सूबे में अनुकूल औद्योगिक और निवेश के माहौल और कैप्टन अमरिन्दर सिंह सरकार की नयी औद्योगिक नीति द्वारा उत्साहित व्यापार सम्बन्धी उचित सहूलतों का लाभ लेने सम्बन्धी जापान की तरफ से हाल ही के महीनों में पंजाब में विशेषकर आटोमोबाईल क्षेत्र में महत्वपूर्ण निवेश किया है। अगस्त महीने में, लुधियाना-वर्धमान स्पैशल स्टील्ज़ लिमिटिड को जापान की आईची स्टील कार्पोरेशन से लगभग 500 मिलियन रूपए का पूँजी निवेश प्राप्त हुआ, जिससे इंडियन स्टील को 11.4 प्रतिशत हिस्सेदारी प्राप्त हुई है। वर्धमान का लुधियाना प्लांट टोयोटा के चेन्नई प्लांट को टोयटा आटोमोबाईलज़ के निर्माण के लिए विशेष स्टील कम्पोनेंट स्पलाई करेगा। वह भारत में आटोमोटिव कंपनियों के लिए स्टील के विशेष ग्रेड विकसित करेंगे जिससे मौजूदा समय में आयात किये जा रहे स्टील की जगह पूर्ण रूप में तैयार उत्पादों के निर्माण करने में सहायता की जा सके। सितम्बर 2018 में सूमितोमो कार्पोरेशन, जिसका एसएमएल इसूज़ू में 50 फ़ीसदी से अधिक हिस्सा है, द्वारा पंजाब में प्रौद्यौगिकी, वस्तु विकास और नवांशहर (एसबीएस नगर) में स्थित प्लांट की उत्पादन सामथ्र्य प्रति शिफ्ट 15 हज़ार यूनिट से बढ़ाकर 25 हज़ार यूनिट करने के लिए 200 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है। पंजाब की आटोमोबाईल इंडस्ट्री में निवेश करने वाली अन्य जापानी कंपनियों में यांमार होलडिंग, जिसकी इंटरनेशनल टै्रकटर्ज़ लिमिटिड (जिसको सोनालिका के तौर पर जाना जाता है) में 20 फ़ीसदी से अधिक हिस्सेदारी है। इनकी तरफ से अब भारत में नये हाइब्रिड ट्रैक्टर लांच करने की योजना बनाई जा रही है, जिनमें माईक्रो हाइब्रिड, माइल्ड हाइब्रिड और प्लग-इन हाइब्रिड शामिल हैं। मैटल शीटों के पुर्जे और अन्य सम्बन्धित साजो-सामान तैयार करने वाली पंजाब आधारित अग्रणी निर्माता न्यू स्वेन टैक्रोलॉजीज़ आटोमोटिव और जनरल इंडस्ट्री के लिए वातानकूल कम्पोनेंट के निर्माण के लिए गुनमा सीको के साथ प्रौद्यौगिकी हिस्सेदारी की है। साल 2019 की शुरुआत में और निवेश में टौपन प्रिंटिग, जिसका मैक्स सपैशलिटी फि़ल्म्ज़ में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है, ने रोपड़ यूनिट की सामथ्र्य 46.35 के.टी.पी. से बढ़ाकर 80.85 के.टी.पी. करने के लिए 250 करोड़ रुपए का निवेश किया है। यह प्लांट निर्माण की पैकिंग में वातवरण समर्थकी प्लास्टिक के प्रयोग पर केंद्रित है। साल 2019 के आखिर में, जापान की कंसाई नैरोलैक पेंट्स कंपनी की तरफ से अमृतसर के नज़दीक गोइन्दवाल साहिब में स्थित नये प्लांट की शुरुआत की, जिसका उत्पादन सामथ्र्य प्रति साल 38,000 मीट्रिक टन है और चरण आधार पर विस्तार किये इस प्रोजैक्ट पर अंदाजऩ 180 करोड़ रुपए लागत आई है। पंजाब और जापान के बीच सम्बन्ध अब अन्य क्षेत्रों में भी बढ़ रहे हैं और लवली प्रोफैशनल यूनिवर्सिटी की तरफ से अपने फगवाड़ा के कैंपस में जापानी भाषा प्रशिक्षण संस्थान खोला गया है। पंजाब की निवेश योजनाओं में जापान की महत्ता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह की तरफ से जापान के राजदूत श्री केनजी हीरामातसु के साथ कई मौकों पर दिल्ली और चंडीगढ़ में मज़बूत औद्योगिक संबंधों और नयी सकारात्मक साझेदारी के लिए विचार विमर्श किया गया है। पंजाब के लुधियाना और जालंधर आटो और साइकिलों से सम्बन्धित सामान के निर्माण के केन्द्र के तौर पर जाने जाते हैं। विनी महाजन ने कहा कि सूबे के अर्थचारे की विरासती सामथ्र्य भी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेश लाने में अहम भूमिका निभा रही है, जिसकी मिसाल राष्ट्रीय रुझान के उलट पंजाब में प्राथमिक सैक्टर में साल 2016 -17 से साल 2017 -18 के दौरान 10.31 फ़ीसदी वृद्धि दर्ज की गई है जबकि राष्ट्रीय स्तर पर इसकी औसत दर 7.20 प्रतिशत है। साल 2017 -18 से 2018 -19 के दौरान अनुमानित विकास दर 6.09 प्रतिशत थी जबकि इसी समय के दौरान भारत की यह दर 5.45 फ़ीसदी थी। ‘मेक इन पंजाब’ निर्माण क्षेत्र के लिए अहम प्रदर्शन में तबदील करने पर केंद्रित है। इस सैक्टर का साल 2016 -17 से 2017 -18 के दौरान 8.71 फ़ीसदी का विकास दर्ज किया गया था और साल 2017 -18 से 2018 -19 के दौरान 9.2 फ़ीसदी विकास दर रहने का अनुमान है।