• 12/11/2019
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68 वर्षीय महिला की दुर्लभ बाईपास सफल सर्जरी की गई

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Preeti

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12/2/2019 10:21:51 PM

चंडीगढ़, 2 दिसंबर । हाल ही में पंचकूला के ओजस हॉस्पिटल में 68 साल की महिला की असामान्य हार्ट आर्टिरीज (धमनियों )की बीटिंग हार्ट दुर्लभ सर्जरी को सफलतापूर्वक किया गया। सर्जरी का विवरण देते हुए, डॉ.वीरेंद्र सरवाल, डायरेक्टर, कार्डियोथोरेसिस एंड वैस्कुलर, ओजस हॉस्पिटल ने बताया कि आर्टिरीज की विसंगतियाँ विशेष रूप से मुख्य धमनी लेफ्ट एंटीरियर डिसेंडिंग आर्टिरी (एलएडी) की विसंगति बहुत दुर्लभ होती है । डॉ.सरवाल ने बताया कि महिला की राइट कोरोनरी धमनी (आरसीए) 100 प्रतिशत ब्लॉक्ड थी । दूसरी बायीं ओर की धमनी रेमस इंटरड्यूस भी गंभीर रूप से ब्लॉक्ड थी। मरीज को कोरोनरी आर्टिरी बायपास ग्राफ़्ट के लिए ले जाया गया और उस पर 4 ग्राफ्ट्स किए गए और जिसमें लेफ्ट इंटर्नल मैमेरी आर्टिरी भी शामिल थी। डॉ. सरवाल ने कहा कि सर्जरी का महत्वपूर्ण हिस्सा आर्टिरीओटॉमी की जगह में असामान्य ओरिजिन एलएडी की पहचान करना था और यह पता लगाना था कि अन्य एलएडी की ग्राफ़्ट की आवश्यकता है या नहीं। इस प्रकार के घातक एनोमली यानि विसंगति का परिणाम ब्लैकआउट, अचानक मृत्यु, धडक़न का अनियमित होना और हार्ट फेलियर हो सकता है। उन्होंने बताया कि ये विसंगति अन्य धमनियों के रोग के साथ होने पर 19 प्रतिशत एथलीटों में मृत्यु का दूसरा प्रमुख कारण है । डॉ.सरवाल ने कहा कि इसके अलावा सर्जिकल इंटरवेंशन के लिए अधिक ध्यान देने और देखभाल की आवश्यकता होती है ताकि ऑफ पंप या बीट हार्ट सर्जरी में अधिक से अधिक उचित रीवैस्कुलराइजेशन दिया जा सके, क्योंकि गलत एनास्टोमोसिस से इंट्रा ऑपरेटिव इस्किमिया, अररिदमिस और अन्य समस्या हो सकती है। मरीज को सर्जरी के बाद 6वें दिन स्टेबल हालत में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉ.सरवाल ने कहा कि 2016 तक दुनिया भर में इस तरह के सिर्फ 9 मामले रिपोर्टकिए गए हैं।