• 2/28/2020

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महाराष्ट्र का 53वां वार्षिक निरंकारी संत समागम

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Surinder

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1/23/2020 10:42:55 PM

चंडीगढ़, 23 जनवरी। सत्य, प्रेम एवं एकत्व का संदेश देने के लिए महाराष्ट्र के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल नाशिक में आयोजित महाराष्ट्र के 53वें वार्षिक निरंकारी संत समागम का प्रारंभ शुक्रवार, 24 जनवरी, 2020 को संत निरंकारी मिशन की प्रमुख परम पूज्य निरंकारी सद्गुरु माता सुदीक्षा महाराज की छत्रछाया में हो रहा है। इस समागम के उपलक्ष्य में समागम स्थल पर को आयोजित पत्रकार सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए मिशन के प्रेस एवं पब्लिसिटी विभाग की मेंबर इंचार्ज राजकुमारी ने पिछले 10 सालों से मिशन द्वारा मानवता एवं विश्वबंधुत्व के प्रति किए गए प्रयासों पर रोशनी डाली। इसके पूर्व उन्होंने प्रेस कॉन्फरैंस का उदघाटन किया। इस अवसर पर उनके साथ उनके दिल्ली और मुंबई के सहयोगी तथा समागम कमेटी के चेअरमन एवं समन्वयक उपस्थित थें। उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र में संत समागमों की श्रृंखला का आरम्भ 1968 में मुंबई से हुआ और पिछले 52 साल ये समागम मुंबई इलाके में ही आयोजित किए गए । इस वर्ष पहली बार 53वां संत समागम सद्गुरु माता की असीम कृपा से मुंबई से दूर नाशिक में आयोजित हो रहा है। राजकुमारी जी ने बताया कि इस समागम में महाराष्ट्र के कोने-कोने से एवं पास के गुजरात राज्य से लाखों की संख्या में निरंकारी श्रद्धालु भक्त शामिल होंगे। इसके अलावा देश के विभिन्न भागों एवं विदेशों से भी काफ़ी संख्या में निरंकारी प्रतिनिधि भाग लेंगे। इस वर्ष यह संत समागम ‘संत निरंकारी मिशन के 90 वर्ष’ इस विषय को समर्पित किया गया है। वर्ष 1929 में पेशावर (अब पाकिस्तान में) इस मिशन का आरंभ हुआ और आज यह मिशन एक आध्यात्मिक आंदोलन के रुप में सारे संसार में फैला हुआ है । वर्तमान समय में भारतवर्ष में इस मिशन की 3019 ब्रांचे एवं 95 ज़ोन कार्यरत हैं, जबकि विदेशों में करीब 200 ब्रांचे हैं। महाराष्ट्र में मिशन का प्रारंभ 50 के दशक में हुआ और इस प्रदेश में आज मिशन की 473 ब्रांचे एवं 15 ज़ोन बने हुए हैं। समागम का आरंभ एक भव्य शोभायात्रा द्वारा होगा जो 24 जनवरी को सुबह 11.00 बजे पेठ रोड पर स्थित राहू हॉटल से शुरु होकर समागम स्थल तक जायेगी । शोभा यात्रा के समापन के बाद सद्गुरु माता पंडाल में स्थित मुख्य मंच पर विराजमान होंगे और दोपहर 2.30 बजे ‘मानवता के नाम संदेश’ दे कर संत समागम का विधिवत प्रारंभ करेंगे। सत्संग का कार्यक्रम रात 9.00 बजे तक चलता रहेगा और उसके बाद सद्गुरु माता उपस्थित जनसमुदाय को अपने अमृतमयी प्रवचन द्वारा आशीर्वाद प्रदान करेंगे। समागम के दूसरे दिन 25 जनवरी सुबह 11.00 से दोपहर 1.00 बजे तक सेवादल रैली होगी जिसमें हजारों की संख्या में सेवादल के बहन-भाई अपनी अपनी वर्दी में शामिल होंगे । सेवादल रैली के बाद दोपहर 2.30 बजे सत्संग कार्यक्रम आरंभ होगा और वह रात 9.00 बजे तक चलता रहेगा । उसके बाद सद्गुरु माता जी का प्रवचन होगा। समागम के तीसरे दिन 26 जनवरी को दोपहर 2.30 से रात 9.00 बजे तक सत्संग कार्यक्रम होगा जिसमें दोपहर 3.00 ते 5.00 बजे तक एक बहुभाषी कवी संमेलन का आयोजन किया जायेगा जिसमें करीब 20 कवि अपनी कवितायें प्रस्तुत करेंगे। रात 9.00 बजे के बाद सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के अमृतमयी प्रवचन द्वारा इस संत समागम का समापन होगा। समागम के विधिवत समापन के बाद सोमवार, 27 जनवरी, 2020 को सुबह 1100 बजे समागम स्थल पर सद्गुरु माता सुदीक्षा महाराज की छत्रछाया मे 60 जोड़ों का सामूहिक विवाह समारोह आयोजित होगा ।