• 2/28/2020

मुख्य खबर

Share this news on

खेलों से व्यक्ति में अनुशासन, मनोबल, टीम भावना व शारीरिक बल बढ़ता हैं: मुख्यमंत्री

Manoj Sharma

/

2/5/2020 10:55:12 PM

चंडीगढ़, 5 फरवरी । हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा खेलों का हब है और हरियाणा सरकार ने खेल नीति के साथ-साथ खेल परिषद का भी गठन किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार खेलों में आगे बढने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने वाले खिलाडियों के अनुभव का भी लाभ प्राप्त कर रही है ताकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए जा सकें। मुख्यमंत्री आज गुरूग्राम के भौंडसी पुलिस परिसर में अखिल भारतीय पुलिस घुड़सवारी प्रतियोगिता एवं घुड़सवार पुलिस ड्यूटी मीट का शुभारम्भ करने के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि खेलों से व्यक्ति में अनुशासन, मनोबल, टीम भावना और शारीरिक बल बढ़ता हैं तथा एक अच्छा सिपाही एक अच्छा खिलाड़ी भी होता है। इस प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों, अर्धसैनिक बलों की 16 टीमों के 623 घुड़सवार अपने 279 घोड़ों के साथ 31 प्रकार की स्पर्धाओं मे भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता 14 फरवरी तक चलेगी। मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता में अच्छे प्रदर्शन के लिए सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी तथा आयोजन के लिए डीजीपी मनोज यादव, आयोजन समिति सचिव आईजी डा. हनीफ कुरैशी व उनकी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने खेल नीति 2015 लागू की है, जिसमें हरियाणा के ओलम्पिक में स्वर्ण पदक विजेता को 6 करोड़ रूप्ये की राशि ईनाम में दी जाती है। इसी प्रकार, अन्य पदक विजेताओं को भी करोड़ो रूप्ये की राशि इनामस्वरूप दी जाती है और ओलंपिक में प्रतिभागिता के लिए 15 लाख रुपये दिए जाते हैं। खेलों को बढ़ावा देने के लिए खिलाडियों के लिए नर्सरी स्तर से ही ध्यान देना आरम्भ किया गया है। उन्होंने घुड़सवारों का स्वागत करते हुए कहा कि हरियाणा में आयोजन के लिए सुंदर व्यवस्थाएं बनाई गई हैं, उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रतिभागी हरियाणा से अच्छी यादें लेकर जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि घुड़सवार अनेक जोखिमपूर्ण स्थितियों में कार्य करते हैं जो उनके कर्तव्य के प्रति समर्पण को दर्शाता है। घोड़ा मनुष्य का वफादार साथी भी है और सारथी भी। यह वहां भी ले जाता है जहां आप जाना चाहते हैं और वहां भी मार्गदर्शन करता है जहां आप रास्ते में समस्या अनुभव करते हैं। उन्होंने कहा कि घोड़ा अपनी वफादारी के गुण के साथ निरंतर तैयारी की अवस्था में रहने का भी संदेश देता है। उन्होंने कहा कि घोड़े ने इतिहास में भी अपने कार्यो से जगह बनाई है। रामायण काल में अश्वमेघ यज्ञ और महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक के बारे में हम बचपन से ही सुनकर रोमांचित होते आए हैं। इससे पहले, हरियाणा के पुलिस महानिदेशक मनोज कुमार यादव ने मुख्य अतिथि, निर्णायक मंडल और भाग ले रही टीमों का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रतियोगिता में मेजबान हरियाणा पुलिस, बिहार, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, तामिलनाडू, उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल, चंडीगढ़ पुलिस, सीमा सुरक्षा बल, आसाम राइफल, भारत तिब्बत बार्डर पुलिस, सशस्त्र सुरक्षा बल और सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी की घुड़सवारी टीमें भाग ले रही हैं। अखिल भारतीय पुलिस घुड़सवारी प्रतियोगिता के तहत घुड़सवारी और घोड़े को प्रशिक्षित करने की एक प्रकार की कला जिसके तहत घोड़े में आज्ञाकारिता, लचीलापन और संतुलन विकसित किया जाता है(ड्रेसाज), वन डे इवेंट, जम्पिंग इवेंट, टेंट के खूंटे उखाडने व क्रॉस कंटरी की स्पर्धाएं होंगी। इसी आयोजन में घुड़सवार पुलिस ड्यूटी मीट के अंतर्गत पुलिस अश्व परीक्षा, क्वाड्रिल कंपीटीशन,मेडली रिले, फेरियर के लिए प्रतियोगिता और घोड़ों की देखभाल करने वालों की स्पर्धाएं होंगी। उन्होंने मुख्य अतिथि को आयोजन समिति की ओर से स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में सभी प्रतिभागी टीमों ने अपने घोड़ों के साथ मार्च-पास्ट किया और मुख्य अतिथि का अभिवादन करते हुए मंच के सामने से गुजरे। इस प्रतियोगिता की 11 साल बाद दूसरी बार हरियाणा मेजबानी कर रहा है। इससे पहले यह प्रतियोगिता वर्ष 2009 में पुलिस परिसर मधुबन में आयोजित की गई थी। मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने भी इन टीमों का अभिवादन स्वीकार किया। मार्च पास्ट की अगुवाई गत प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ सवार रहे सीमा सुरक्षा बल के निरीक्षक सुमेर सिंह ने की । उन्होंने प्रतिभागियों को प्रतियोगिता में खेल भावना से भाग लेने की शपथ भी दिलाई। आयोजन सचिव एवं इंडियन रिर्जव बटालियन के महानिरीक्षक डा. हनीफ कुरैशी ने मुख्य अतिथि को प्रतियोगिता आरम्भ करने का निवेदन किया जिस पर मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता के आरम्भ होने की विधिवत् घोषणा की। कोलकाता पुलिस के पूर्व महानिदेशक एस रामाकृष्णनन् प्रतियोगिता के निदेशक एवं तकनीकी प्रतिनिधि के रूप में कार्य देखेंगे। उनके साथ निर्णायक मंडल (ज्यूरी) के 16 सदस्य प्रतियोगिता को निष्पक्ष और सुचारू संचालन के लिए उनकी सहायता करेंगे। इस असवर पर गुरूग्राम की मेयर श्रीमती मधु आजाद, गुरूग्राम भाजपा जिला अध्यक्ष भूपेंद्र चैहान, हरियाणा के पूर्व डीजीपी रंजीव दलाल, पूर्व पुलिस अधिकारी बीके सिन्हा, अनंत कुमार ढुल, जगदीश नागर, गुरूग्राम के पुलिस आयुक्त मोहम्मद अकिल, राज्य सतर्कता ब्यूरो के एडीजी आरसी मिश्रा, राज्य अपराध शाखा के एडीजीपी देसराज सिंह, सीआईडी हरियाणा प्रमुख अनिल कुमार राव, फरीदाबाद पुलिस आयुक्त के के राव, एसटीएफ के उप महानिरीक्षक बी सतीश बालान, आयोजन के प्रदर्शन सचिव एवं आरटीसी भौडसी के उप महानिरीक्षक कुलविंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक ओपी नरवाल सहित अर्धसैनिक बलों के उच्च अधिकारी व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।