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दी ग्रेट इंडियन बुकटूर के दूसरे दिन देश भर से आए लेखक हुए साहित्य प्रेमियों के रू-ब-रू

Preeti

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2/7/2020 1:19:28 AM

चण्डीगढ़, 6 फरवरी । स्पार्टन पोकर 'दा ग्रेट इंडियन बुक टूर' के दूसरे दिन सी.जी.सी लांडरां में देश भर से आए लेखकों ने साहित्य प्रेमियों के साथ अपने तजुर्बे सांझे किए। ट्राईसिटी भर से सैंकड़ों साहित्य प्रेमी इस समय मौजूद रहे। अपनी किताब 'ए स्टोरी केन चेंज यूयर लाईफ' के बारे बातचीत करते ऋतु सिंगल ने उनके जीवन को बदलने वाली घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जीवन में घटी हर घटना उस अटल शक्ति द्वारा रची जा रही कहानी का एक हिस्सा होता है और हमें खुद विश्वास के साथ सही दिशा में आगे बढ़ते रहना चाहिए। चण्डीगढ़ शहर से सबंधित अलग-योग्य लेखक चेतन्न्या मुकुन्द जो कि बचपन से ही टांगों से वंचित हैं ने माता-पिता द्वारा बच्चे को दिए जाते सहयोग के बारे में बातचीत करते इस की जरूरत पर जोर दिया। अपनी किताब 'शिवाए-का वंडर ब्वाय' के बारे में बोलते चेतन्न्या ने कहा कि उस के माता पिता के सहयोग के बिना यह किताब संभव नहीं हो सकती थी और उनके द्वारा दिए हौंसले के कारण ही आज इस स्थान पर पहंचे हैं। उन्होंने कहा कि समाज को इस बात को समझना चाहिए कि हाथों पैरों के बिना मनुष्य भी वह कार्य कर सकता है जो एक आम मनुष्य अपनी जिंदगी में करता है। इसके लिए सिर्फ आत्म शक्ति और समाज के प्रोत्साहन की जरूरत होती है। 'बाल एैज कैनवस' के मुद्दे पर बातचीत के दौरान प्रो. सुंमंगल राए ने रेखा चित्र सृजन करने के लिए जरूरी टिप्स सांझे किए। उनके अनुसार कला में वह शक्ति है जिस के साथ कि ऐसा संदेश भी दिया जा सकता है जो जुबानी -कलामी देना संभव नहीं होता। ' पावर आफ इनफलुइसग, पर बोलते चित्रा शर्मा ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की मानसिकता को समझने के लिए वक्ता या लेखक को आम जीवन के साथ स बन्धित घटनाओं का वर्णन करना चाहिए जिससे व्यक्ति उस के साथ जुड़ा महसूस कर सके। किसी भी कहानी को पढऩे या सुनने वाला व्यक्ति अपने आप को मु य पात्र के तौर पर देखता है इस लिए लेखक को ऐसी घटनाओं को बयान करना चाहिए जो जीवन के बिल्कुल नजदीक हों। 'फ्रॉम रेगुलर टू रिमारकेबल' के लेखक रूपलीन ने जीवन में साधारण से सर्वोत्तम होने के लिए किए जाने वाले बदलावों के बारे में बातचीत की। उन्होंने कहा कि हर मनुष्य कुदरत की तरफ से बनाया गया एक अहम तोहफा है सो उनको अपनीशक्तियों की पहचान करते हुए जीवन में आगे बढ़ते रहना चाहिए। 'लाईफ एंड टाईमज आफ कामन मैन' के लेखक संजय चंद्रा ने कहा कि हमें अपने आसपास घटती घटना पर नजऱ रखते हुए इन की सूक्ष्मता का आनंद मानना चाहिए। स्वै घटित घटनाएं जीवन में शक्ति प्रदान करने का सब से उत्तम साधन हैं सो व्यक्ति को वह कार्य ही करने चाहिएं जो उन का दिल करे। उन्होंने कहा कि असफलता कोई शाश्वत चीज नहीं है और अपने अंदर की ताकत को जान कर इस से उपजे डर पर काबू पाया जा सकता है।