• 6/3/2020

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आई बसंत बहार शास्त्रीय संगीत संध्या की प्रस्तुति 1 मार्च को चंडीगढ़ में

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Preeti

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2/29/2020 11:50:17 PM

चंडीगढ़ 28 फरवरी । गंर्धव महाविद्यालय, सेक्टर 10 पंचकूला द्वारा शास्त्रीय गायन आई बसंत बहार का आगाज सेक्टर 26 स्थित राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान (एनआईटीटीटीआर) के सभागार में 1 मार्च को आयोजित किया जायेगा। जिसमें देश के उच्चकोटि के गायक पद्मश्री पं. उल्हास कशालकर संगीत प्रेमी श्रोताओं के समक्ष अपनी प्रस्तुति देगें। इनके साथ तबले पर देश के उच्चकोटि के तबलावादक पं. योगेश सम्सी तथा हारमोनियम पर सिद्धीश बिचलौचकर संगत करेगें। इस संबंध में जानकारी देते हुए गंर्धव महाविद्यालय, पंचकूला के निदेशक व प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीतकार गायक प्रो. अरविंद शर्मा ने बताया कि आई बसंत बहार शास्त्रीय संगीत का आयोजन बसंत ऋतु के अवसर पर किया जा रहा है। गंर्धव महाविद्यालय, पंचकूला द्वारा पिछले लगभग 43 वर्षो से यह परीक्षा का केंद्र है और यहां पर विधिवत शिक्षा व परीक्षाए, गंर्धव महाविद्यालय, मंबई मंडल द्वारा आयोजित की जाती हैं। महाविद्यालय समय समय पर आयोजित कार्याक्रमों में देश भर से कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करने आते हैं। कार्याक्रमों की इस परम्परा को महाविद्यालय पिछले कई वर्षो से आयोजित करवाता आ रहा है और भविष्य में भी ऐसा प्रयास जारी रखेगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में पद्मश्री पं. उल्हास कशालकर अपनी प्रस्तुति सायं 6 बजे एनआईटीटीटीआर के सभागार में देगें। पद्मश्री पं. उल्हास काशालकर ने अपनी प्रारम्भिक संगीत की शिक्षा अपने पिता संगीतज्ञ एन डी कशालकर से ली जिसके बाद उन्होंने गुरू पं.राजभाउ कोगजे और प्रो.प्रभाकर राव खारदेनवी से संगीत में दीक्षा ली। वे ग्वालियर जयपुर और आगरा जैसे तीन अलग-अलग घरानों से शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि पद्मश्री उल्हास काशलकार को भारत सरकार द्वारा पद्मश्री, मध्य प्रदेश सरकार द्वारा राष्ट्रीय तानसेन अवार्ड, संगीत नाटक अकादमी अवार्ड, गुजरात संगीत नाटक अवार्ड जैसे कई उच्चकोटी के सम्मानों से विभूषित हो चुके हैं। उन्हें जगत गुरु शंकराचार्य से-स्वर-रत्न, राग ऋषि और गान तपस्वी जैसे कई उपाधियां मिली है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर हरियाणा सरकार के एडिशनल चीफ सैक्रेटरी (आईएएस) पीके दास होगें जबकि एनआईटीटीटीआर के डायरेक्टर श्याम सुंदर पटनायक विशेष अतिथि के तौर पर मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि शास्त्रीय संगीत प्रेमियों के लिये कार्यक्रम नि:शुल्क है।