• 6/3/2020

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केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर सीटू की अगवाई में हुआ रोष प्रर्दशन

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Dr. Kumar

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5/22/2020 8:53:23 PM

चण्डीगढ़, 22 मई । केन्द्रीय ट्रेड़ यूनियनों के आह्वान पर सीटू चण्डीगढ़ की अगवाई में अलग अलग क्षेत्रों में वर्करों की जत्थेबन्दियों तथा कर्मचारी फैड़रेशनों द्वारा भकना भवन, सैक्टर 29 के प्रांगन में रोष प्रर्दशन किया गया। प्रर्दशन की प्रधानगी सीटू चण्डीगढ़ के प्रधान कुलदीप सिंह ने की। प्रदर्शन को सीटू पंजाब के उप-प्रधान कामरेड़ चन्दरशेखर, सीटू चण्डीगढ़ के महासचिव दिनेश प्रसाद, एम एस गोरसी, कमिन्दर वालिया, राम आधार के अलावा फैड़रेशन ऑफ यूटी इम्पलाईज एण्ड वर्करज चण्डीगढ़ के महासचिव गोपाल दत्त जोशी, उप प्रधान राजेन्द्र कटोच, भीमसेन, हरकेश चन्द, पी कामराज पंजाब सबओर्डीनेट सर्विसेज फैड़रेशन (वैज्ञानिक) के आगू हरजीत सिंह वसेवा, नारायण दत्त तिवारी के अलावा अलग-अलग संगठनों के नेताओं ने सम्बोधित किया। प्रर्दशन में शारीरिक दूरी के सिद्धान्तों की पालना की गई। प्रर्दशन को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने केन्द्र की भाजपासरकार तथा अलग-अलग प्रदेशों की राज्य सरकारों द्वारा कोरोना महामारी के दौरान उत्पन्न हालातों का नाजायज फायदा उठाकर श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी संशोधन करने, काम के घंटे 8 घंटे बढ़ाकर 12 घंटे करने, बिजली समेत अन्य पब्लिक सैक्टरों को निजी मालिकों को बेच रही है। ट्रेड यूनियनों ने भारत के प्रधानमंत्री व पंजाब के मुख्य मंत्री को जिलाधीश के मार्फत ज्ञापन भेजा जिसमें मजदूरों के हक में बने श्रम कानूनों में बदलाव न करने, काम में घंटे 8 की जबाय 12 न करने, सरकारी क्षेत्रों का निजीकरण रोकने, मुनाफे में चल रहे यूटी चण्डीगढ़ के बिजली विभाग का किया जा रहा निजनकरण रद्द करने, निर्माण के कर्मचारी, रेडीफडी वाले, मोची, धोबी पलम्बर, इलैक्ट्रीशियन जो भी पंजीकृत हों या न हों सभी को गुजारे के लिए रूपये 7500/-- देने, कोरोना महामारी कारण लॉकडाऊन के दौरान काम से वंचित रह गये मजदूरों की पूरी तनख्वाह देने, करोना के दौरान काम कर रहे सभी कर्मचारियों का 50 लाख का बीमा कराने व कर्मचारियों को सम्पूर्ण सुरक्षा साधन उपलब्ध कराने की माँग की गई। प्रर्दशन में केन्द्र सरकार द्वारा जारी करने के बाद रोका गया मँहगाई भत्ता शीघ्र देने की भी मांग की गई। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर कोरोना की आड़ में मजदूर- मुलाजिमों के हितों पर कुठाराघात किया गया तथा सार्वजनिक क्षेत्रों को बेचना बन्द नहीं किया गया तो सरकार को कामगारों का तीखा विरोध झेलना पड़ेगा। उन्होंने सभी कर्मचारियों से तीखे संघर्ष के लिए तैयार रहने की अपील की। यह जानकारी संस्था के महासचिव दिनेश प्रसाद ने जारी एक बयान में दिया।