• 9/24/2018

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मजीठिया वेज बोर्ड की त्रिपक्षीय बैठक आयोजित

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P. Sihagh

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8/11/2017 12:52:56 PM

लखनऊ, 10 अगस्त। पत्रकारों को मजीठिया वेज बोर्ड की अनुशंसाओं के  अनुरूप वेतनमान दिलाने को लेकर त्रिपक्षीय (पत्रकार प्रतिनिधि संगठन, मीडिया समूह मालिकान,श्रम विभाग अधिकारियों) की सामूहिक बैठक 8 अगस्त को हुई। जिसकी अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के श्रम मन्त्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने की। उल्लेखनीय है कि श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की पहल पर वर्षो के अन्तराल के बाद यह पहली बैठक आयोजित की गई। पहले यह बैठक योजना भवन के कक्ष संख्या 111 में दोपहर 12 बजे बुलाई गयी थी। अपरिहार्य कारणों से स्थान परिवर्तन कर विधान भवन के 'तिलक हाल' में सम्पन्न हुई। श्रम मन्त्री ने कहा कि मजीठिया वेज बोर्ड की अनुशंसाओं के अनुरूप पत्रकारों को वेतनमान दिलाना बहस का मुद्दा नही है,अपितु माननीय सुप्रीम कोर्ट के सम्मान का प्रश्न है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशो का अनुपालन सुनिश्चित कराने में सरकार पीछे नही हटेगी। मौर्य ने कहा कि मीडिया समूह मालिकान स्वतः संज्ञान लेकर स्वेच्छा से इसे लागू करेंगे, तो हम उसका स्वागत करेंगें तथा सरकार को हस्तक्षेप भी नहीं करना पड़ेगा।उन्होंने कहा कि पत्रकार और प्रबंधन मिल बैठकर एक सम्मानजनक रास्ता निकाले तो हम उसका स्वागत करेंगे। मन्त्री महोदय ने कहा कि पत्रकार की मेहनत के बल पर ही अखबार मशहूर होते है।पत्रकार अंतिम साँस तक काम करने को तत्पर रहता है,उसे उपेक्षित नही किया जा सकता। उन्होंने अपेक्षा की कि प्रबंधन समूह सकारात्मक पहल करें। उन्होंने अपर मुख्य सचिव आर.के.तिवारी को एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए जो नियमित रूप से पक्षकारों की बात सुन सकें। श्रम मंत्री महोदय ने स्वीकार करते हुए कहा कि यह पहली बैठक है,लेकिन अंतिम नहीं है। बैठकें नियमित रूप से होती रहेंगी।अगली बैठक 3 माह बाद होगी। यू.पी.जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (उपजा) की ओर से प्रान्तीय महामन्त्री रमेश चन्द जैन एवम् पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष निर्भय सक्सेना बैठक में शामिल हुए। प्रान्तीय महामन्त्री रमेश चन्द जैन ने हाउस में सवाल किया कि 7 फरवरी 2014 को माननीय सुप्रीमकोर्ट द्वारा  मजीठिया वेज बोर्ड की अनुशंसा लागू करने के आदेशों के 42 माह बाद आज तक,क्या श्रम विभाग किसी पत्रकार को मजीठिया वेतनमान दिला पाया❓ कितने पत्रकारों को आजतक लाभान्वित कराया❓ इस सवाल पर श्रम विभाग के अधिकारी बगले झाँकने लगे। रमेश चन्द जैन ने हाउस में कहा कि अपने को न० -1 बताने वाले दैनिक जागरण,हिंदुस्तान, अमर उजाला आदि समाचार पत्र समूह अपने सभी संस्करणों की प्रसार संख्या के आधार पर अपने विज्ञापन रेट निर्धारित कराते है तथा भारी विज्ञापन ऊंची दर पर हड़प लेते है।जबकि पत्रकारों को मजीठिया देने में एकल संस्करण की आय सामने रखकर धता बता देते है।यदि कोई पत्रकार मुँह खोलता है तो उसका अनेक तरह से उत्पीड़न किया जाता है। इस सम्बन्ध में "उपजा" की ओर से एक ज्ञापन प्रान्तीय महामन्त्री रमेश चन्द जैन ने माननीय श्रममंत्री को दिया। "उपजा" के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष निर्भय सक्सेना ने केंद्रीय श्रम मंत्री को सम्बोधित एक ज्ञापन उत्तर प्रदेश श्रममंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या  को दिया जिसमें पत्रकारों को सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार मजीठिया वेतनमान 2011 से दिलाने की मांग की। रमेश चन्द जैन एवम् निर्भय सक्सेना ने हाउस में संयुक्त रूप से मांग उठाई कि पत्रकारों के श्रम न्यायालयों में लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निबटाए जाये तथा प्रदेश के विभिन्न मंडलो में ख़ाली पड़े। श्रम न्यायलयों में पीठासीन अधिकारी नियुक्त किये जाये। रमेश जैन ने कहा सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि सामूहिक संस्करणों की कुल आय के आधार पर श्रेणी निर्धारित करके पत्रकारों को वेतन दिया जाये। साथ ही मीडिया फैक्टरी परिसर में काम करने वाला प्रत्येक कर्मचारी, वर्किंग जर्नलिस्ट्स एक्ट की धारा -16 की व्याख्या के दायरे में आने वाला प्रत्येक पत्रकार/गैर पत्रकार कर्मचारी तथा दबाव में 20 जे में समझौता करने वाला पत्रकार भी मजीठिया वेतनमान पाने को अनुमन्य है। विभिन्न पत्रकार नेताओं ने मजीठिया वेतनमान लागू कराने में विसंगतियों से सम्बंधित ज्ञापन श्रम मंत्री को सौंपे। बैठक में हेमंत* *तिवारी,मुदित माथुर,लोकेश त्रिपाठी, उमाशंकर मिश्रा आदि पत्रकार नेताओं ने प्रबंधन समूहों द्वारा पत्रकारों/गैर पत्रकारों को मजीठिया वेतनमान देने के दावों का कड़ा प्रतिरोध किया तथा बताया कि प्रबंधन की आर.सी. कटने के बाद भी लखनऊ उपश्रमायुक्त कार्यालय ने उसे ठन्डे बस्ते में पंहुचा दिया।श्रम विभाग की शिथिलता की भी कड़ी निंदा हुई। बैठक में समाचार पत्र प्रबंधन की ओर से दैनिक जागरण, हिदुस्तान, अमर उजाला, राष्ट्रीय सहारा, टाइम्स ऑफ़ इंडिया, इन्डियन एक्सप्रेस,पायनीयर आदि मीडिया समूहों के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। बैठक में श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, श्रम राज्य मंत्री मन्नू लाल कुरील,अपर मुख्य सचिव (श्रम) द्वय राजेन्द्र कुमार तिवारी, पी. के.मोहंती सहित कानपुर मुख्यालय एवम् लखनऊ के श्रम विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। श्रम विभाग के ए. के. गुप्ता एवम् कल्पना श्रीवास्तव ने संचालन तथा संतोष कुमार ने व्यवस्था बनाने में सहयोग किया।