• 11/15/2018

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चिनाब पुल की मेन आर्च का निर्माण कर रेलवे ने रचा नया इतिहास

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Neeraj

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11/6/2017 7:37:13 PM

रियासी/नई दिल्ली, 6 नवंबर। उत्तर रेलवे ने आज कटरा-बनिहाल रेल खण्ड पर निर्माणाधीन प्रतिष्ठित चिनाब पुल की मेन आर्च की लाँचिंग के साथ निर्माण अभियांत्रिकी में एक नया इतिहास रचा है। मेन आर्च में पुल के दोनों किनारों अर्थात् कौडी छोर एवं बक्कल छोर से हेवी सेगमेंट की लाँचिंग में विश्‍व का सबसे लम्बा केबल क्रेन अरेंन्जमेंट शामिल है। भारतीय रेल ने आज अपने फ्लैगशिप उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) प्रोजेक्ट के एक भाग के रूप में कटरा-बनिहाल सेक्शन पर चिनाब नदी के ऊपर निर्माणाधीन प्रतिष्ठित पुल पर पुल की मेन आर्च की लाँचिंग के साथ एक नया इतिहास बनाया। चिनाब निर्माण स्थल पर आज प्रातः एमके गुप्ता, सदस्य इंजीनियरिंग, रेलवे बोर्ड, श्री एके सचान, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, यूएसबीआरएल के तत्वावधान में आयोजित एक समारोह में मुख्य वृत्त खण्ड (मेन आर्च) को लाँच किया गया। मुख्य वृत्तखण्ड (मेन आर्च) की अवस्थापना एक उल्लेखनीय प्रयास है जैसा कि यह पुल के दोनों किनारों अर्थात् कौडी छोर एवं बक्कल छोर से हेवी सेंगमेंट ले जाने में सक्षम है और इसमें विशेष रूप से विश्व का सबसे लम्बा केबल क्रेन प्रयोग किया गया । इस ऐतिहासिक अवसर पर निर्माण कार्य के भागीदारों के साथ केआरसीएल और उत्तर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बेहद दिलचस्प बात यह है कि यूएसबीआरएल प्रोजेक्ट के कटरा-बनिहाल खण्ड पर चिनाब पुल 359 मी. ऊचांई पर विश्व का सबसे ऊचां आर्च ब्रिज है। परियोजना के विभिन्न चरणों में विश्व प्रसिद्ध राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सलाहकारों को नियुक्त किया गया है। विस्तृत भू-भौतिकी अध्ययन, भूकंपीय अध्ययन, स्लोप स्टेबिलीटी रिपोर्ट इत्यादि इसके निर्माण का हिस्सा है । यह अद्वितीय पुल कुतुब मीनार से लगभग 5 गुना ऊंचा और एफिल टॉवर से लगभग 35 मी. ऊंचा होगा। विश्व में पहली बार, ब्लास्ट लोड के लिए पुलका डिजाईन डी.आर.डी.ओ के परामर्श से किया गया है। पुल का संस्थापन अपने आप में ही एक बड़ा प्रोजेक्ट हैं । इसको क्रियान्वित करने के लिए नदी के दोनों तरफ खंभों को संस्थापित किया गया और इन खंभों पर स्थाई आग्जिलरी रोप को खींचने के लिए दो ऑक्जिलरी स्व-चालन केबल क्रेन स्थापित की गई। रोप का उपयोग वृत्त खण्ड भाग की सहायता के लिए किया गया। नदी के अनुप्रवाह की तरफ चिनाब के दोनों तटबंधों में हार्ड चर्टी डोलोमाइट और क्वार्टजाइट स्टीप क्लिफ हैं। पुल के प्रत्येक भाग का लाँचिंग धीरे-धीरे क्रमबद्ध तरीके से की जाती है ताकि प्रत्येक नये जोडे जाने वाले अतिरिक्त भाग को सुपर सट्रक्चर के पीछले भाग से जोडा जा सके । यह अनूठा पुल निर्माण कार्य अभियांत्रिकी का बेजोड कीर्तिमान एवं अनोखे रिकार्ड का सृजन करेगा । पुल के श्रीनगर छोर पर स्टील स्ट्रक्चर के फैब्रिकेशन को सम्पादित करने के लिए तीन बड़ी वर्कशॉप और पुल के कटरा छोर पर एक कार्यशाला बनाई गई हैं। शुरूआत के प्रयोजन हेतु पूरी तंग नदी घाटी में केबल क्रेन के संचालन के साथ खंभों को गाड़ने की व्यवस्था सफलतापूर्वक पूरी हो गई है। 915 मीटर के स्पॉन पर खंभों सहित केबल क्रेन असेम्बली विश्व की सबसे बड़ी असेम्बली है। पहली बार भारतीय रेल वायडक्ट 2.74 डिग्री के घुमाव पर लाँच किया गया है।