• 7/23/2018

मुख्य खबर

Share this news on

ट्रैक्टर पर टोल नहीं होगा सहनः राजू मान

Image

Varsha

/

11/23/2017 4:18:57 PM

बाढड़ा, 23 नवंबर। केंद्र सरकार द्वारा ट्रैक्टर को कमर्शियल वाहनों की श्रेणी में डालकर टोल थोपने को कतई सहन नहीं किया जाएगा और भाजपा सरकार के इस किसान विरोधी फैसले को लेकर कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरने से गुरेज नहीं करेगी। यह बात कांग्रेसी नेता राजू मान ने आज यहां उपमंडल के गांव आर्यनगर में ग्रामीणों से बातचीत करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भाजपा को दोहरा चेहरा सामने आ गया है। एक तरफ भाजपा नेता चुनावों से पूर्व किसानों के लिए स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने के साथ उनकी आय दुगुनी करने का वायदा करते थे उन बातों पर खरा उतरने की बजाए किसान को आर्थिक रूप से कमजोर करने के बेतुके फैसले लिये जा रहे हैं।              मान ने कहा कि इस ताजातरीन फैसले से हरियाणा समेत देश भर के किसान अब यदि अपनी ट्रैक्टर-ट्राली के साथ किसी भी टोल प्लाजा से गुजरेंगे तो उन्हें ट्रकों के समान पैसे देने पड़ेंगे। केंद्र सरकार किसानों के ट्रैक्टर-ट्राली को कामर्शियल वाहनों की श्रेणी में डालने जा रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की अधिसूचना के ड्राफ्ट रूल में इस बात का स्पष्ट उल्लेख है कि ट्रैक्टर अब नान ट्रांसपोर्ट व्हीकल (गैर व्यवसायिक वाहनों) की श्रेणी से बाहर माने जाएंगे। केंद्र सरकार ने 1989 में किसानों की सुविधाओं को लेकर सड़क एवं परिवहन विभाग, मोटर व्हीकल अधिनियम तथा एनएचएआइ की नियमावली में संशोधन कर ट्रैक्टर-ट्राली को नॉन कमर्शियल वाहनों में शामिल किया था।  इसके बाद से ट्रैक्टर ट्रालियों को टोल संग्रहण केंद्रों पर टोल टैक्स नहीं देना पड़ता था।              उन्होंने कहा कि भाजपा केवल महापूंजीपतियों के हितों का ध्यान रखते हुए नीतियां बना रही है और उसे आम जन से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि किसान खाद बीज लाने, फसल बोने से लेकर मंडी तक फसल को ले जाने के लिए ट्रैक्टर का उपयोग पूरी तरह से निजी इस्तेमाल के लिए करता है ऐसे में इसे कामर्शियल साधन बनाना उसके साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में किसान खेती के लिए पूरी तरह से ट्रैक्टर पर निर्भर है। इस फैसले से उस पर और ज्यादा भार पड़ेगा। जबकि किसान किसी भी तरह इसका व्यापारिक उपयोग नहीं करता।               उन्होंने कहा कि अगर ट्रैक्टर को कमर्शियल साधनों में शामिल किया गया तो टैक्स का भार भी ज्यादा पड़ेगा। उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडगरी से इस मसले पर मिला जाएगा फिर भी उन्होंने इस फैसले को रद्द नहीं किया तो आंदोलन करने पर से नहीं हिचकेंगे। उन्होंने सरकार द्वारा 6 राज्यों में जाने वाली बसों को बंद करने के निर्णय को भी जन विरोधी करार देते हुए कहा कि सरकार इसकी आड़ में अपने चेहतों को फायदा पहुंचाना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार देने में पूरी तरह  विफल है और जिस प्रकार रोडवेज के 8200 कर्मचारियों को  कच्ची सूची में डाल दिया है उसने सिद्ध कर दिया है कि यह सरकार पक्की नौकरी देने की बजाए पक्के कर्मचारियों को कच्चा करने पर तुली है। इस मौके पर दरियाव सिंह श्योराण, भीम सिंह श्योराण, मांगेराम श्योराण, हवासिंह श्योराण, राजपाल, महिपाल, अत्तर सिंह, लक्ष्मी नारायण, मोहनलाल, रमेश, डॉ देवरत, बद्रीप्रसाद, अजीत सिंह, ईश्वर सिंह फौगाट समेत अनेक ग्रामीण मौजूद थे।