• 11/18/2018

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यात्री सुविधाओं में 53 प्रतिशत बजट बढ़ाया गयाः चौबे

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Swarnali Dutta

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2/9/2018 12:00:10 AM

नई दिल्ली, 8 फरवरी। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक, विश्वेश चौबे ने वीरवार 8.फरवरी को उत्तर रेलवे प्रधान कार्यालय, बडौदा हाउस, नई दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस को सम्बोधित करते हुए बजट-2018 में की गई रेल सम्बन्धित घोषणाओं को क्रियान्वित करने की योजना से अवगत करवाया। इस अवसर पर उत्तर रेलवे के सभी प्रमुख विभागाध्यक्ष उपस्थित थे ।  चौबे ने कहा कि उत्तर रेलवे बजट 2018-2019 में घोषित रेल परियोजनाओं में यात्री केन्द्रित उपायों को पूरा करने के लिए तत्पर है। उत्तर रेलवे की बजटीय घोषणाओं को पूरा करने के लिए बनाई गयी कार्य योजनाओं और जोन की वित्तीय स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष रेलवे के विभिन्न परिदृश्यों को अवलोकन करते हुए चौबे ने कहा कि क्षमता विस्तार हमारा प्रमुख लक्ष्य होगा और हम नई रेल लाइनों में 63 प्रतिशत अधिक आवंटित बजट राशि से लक्ष्य प्राप्त करेंगे। रेल सम्पर्क को तीव्रता और विस्तार देने के लिए नई रेल लाइनों और दोहरीकरण परियोजनाओं का कुल व्यय 3896.29 करोड़ रूपये होगा । उत्तर रेलवे पर रोड-ओवर/अंडर-ब्रिज/सीमित ऊँचाई वाले सब-वे जैसे सड़क संरक्षा कार्यों का आवंटन 537.48 करोड़ रूपये होगा । उत्तर रेलवे ने नई सिगनल प्रणाली के आवंटन में  93 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि की है । वर्ष की अन्य प्रमुख परियोजनाओं में यातायात सुविधाओं का उन्नयन, रेल पथ नवीनीकरण, इलैक्ट्रिकल एवं ट्रैक डिस्ट्रीब्यूशन कार्यों को शामिल किया गया ।       समपारों पर संरक्षा उत्तर रेलवे का प्रमुख विषय है । उत्तर रेलवे ने रोड-ओवर/अंडर-ब्रिज/सीमित ऊँचाई वाले सब-वे के निर्माण से कर्मचारीरहित समपार फाटकों को हटाने का लक्ष्य निर्धारित किया है । यात्री  सेवा क्षेत्र में रेलवे ने रेल उपयोगकर्ता सुविधाओं अर्थात् लिफ्ट और एस्केलेटरों को प्रावधान, फुट-ओवर-ब्रिज, प्लेटफॉर्म की ऊॅचाई बढ़ाना, स्टेशनों पर सॉफ्ट अपग्रेड, के आवंटन में वृद्धि की है । बजट में बाई पास लाइनों के लिए नियोजित सर्वेक्षणों और शहरी भीड-भाड़ को कम करने पर विशेष ध्यान दिया गया है ।       उत्तर रेलवे ने वर्ष 2017-2018 के दौरान 15841 करोड़ रूपये की कुल मूल आय अर्जित की है जबकि पिछले वर्ष की अवधि में यह आय 15635 करोड़ रूपये थी । निरंतर टिकट जाँच प्रयासों के परिणामस्वरूप उत्तर रेलवे ने दिसम्बर, 2017 के अंत तक 132.56 करोड़ रूपये की आय अर्जित की जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह 122.2 करोड़ रूपये थी ।       यात्री सेवा क्षेत्र में रेलयात्रियों के सुगम आवागमन के लिए अप्रैल, 2017 से जनवरी, 2018 तक 5700 विशेष रेलगाड़ियां चलाई गयीं । इनमें ग्रीष्मावकाश, शीत अवकाश, इत्यादि विशेष रेलगाड़ियां शामिल थीं । लगभग 297 अतिरिक्त रेल डिब्बों के कुल 9510 फेरे लगाकर रेलगाड़ियों की क्षमता में अतिरिक्त वृद्धि की गयी । इससे 6.8 लाख अतिरिक्त सीटों/शायिकाओं की व्यवस्था हुई। मुझे यह बताते हुए खुशी है कि टिकटिंग क्षेत्र में बेहतर सुविधा के लिए पीआरएस प्रणाली पर भीम एप के द्वारा भुगतान करने का परीक्षण 20.11.2017 से और ऑन-लाइन-बुकिंग 01.12.2017 से शुरू हुआ । चालू वित्तीय वर्ष के दौरान टिकट क्षेत्र में सुविधा प्रदान करने के लिए 336 एटीवीएम मशीनें लगाई गई हैं । राष्ट्रीय राजधानी में विभिन्न स्थानों पर एप आधारित पार्किंग ठेके, कैब सेवाएं शुरू की गयी हैं । इन्हें अन्य शहरों में भी शुरू किया जायेगा ।       वर्ष 2017-2018 के दौरान 50 से अधिक मेगा ब्लॉक लिए गए जिसके दौरान अनुरक्षण संबंधित विभिन्न कार्य किए गए । लक्सर-देहरादून, रायवाला-ऋषिकेश और मुरादाबाद-सहारनपुर सेक्शनों पर हाल ही में पुल और पटरी मरम्मत के कार्य पूरे किए गए हैं । इसके साथ-साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पुल बंगश पुल के गर्डरों को बदलने और अम्बाला यार्ड में रोड-ओवर-ब्रिज संख्या 298ए का कार्य पूरा किया गया । यह अनवरत संरक्षा एजेंडा और कार्य शेष सेक्शनों पर भी चल रहे हैं ।