• 10/19/2018

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हरियाणा ‘इज ऑफ डूईंग बिजिनेस’ मामले में देश में टॉप स्थान पर पहुंचाः गोयल

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Manoj Sharma

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4/11/2018 9:00:15 PM

चंडीगढ़, 11 अप्रैल। हरियाणा सरकार द्वारा  राज्य में ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’, तथा ‘स्किलिंग इंडिया’ अभियान को जिस निष्ठा से लागू किया जा रहा है उसके सकारात्मक परिणाम आने लगे हैं। यह कहना है हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री विपुल गोयल का। उन्होंने कहा है कि हरियाणा में औद्यागिक नीतियों के सरलीकरण से व्यवसाय करने का माहौल निरंतर उत्कृष्ट बन रहा है। आज परिणामस्वरूप हरियाणा ‘इज ऑफ डूईंग बिजिनेस’ के मामले में देश भर में टॉप स्थान पर पहुंच गया है। मात्र एक साल में छठे स्थान से पहले स्थान पर पहुंचना बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि केंद्र सरकार के औद्योगिक नीति एवं प्रोत्साहन विभाग द्वारा ‘इज ऑफ डूईंग बिजिनेस’ के मामले में देश के राज्यों की रैंकिंग की जाती है। हरियाणा सरकार द्वारा उद्योगपतियों के हित में कई अहम कदम उठाए गए।  हमारे राज्य में ‘बिजिनेस रिफोर्म एक्शन प्वाइंट-2017’ के सभी 369 बिंदुओं पर सुधार किया गया जिससे प्रदेश आज ‘इज ऑफ डूईंग बिजिनेस’ के मामले में पूरे देश में टॉप स्थान पर पहुंचा है। गोयल ने बताया कि प्रदेश में बिजनेस करने के लिए अच्छा माहौल बना है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान 29121 करोड़ रुपये का नया निवेश हुआ, जिससे निजी औद्योगिक उद्यमों में 2 लाख 3359 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृृजित हुए। वर्तमान में चल रही परियोजनाओं में 45 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश हो रहा है। उन्होंने कहा कि अब हमारी सरकार का उद्देश्य ‘इज ऑफ डूईंग बिजिनेस’ के टॉप लेवल को बनाए रखना है ताकि प्रदेश में निरंतर निवेश बढ़ता रहे। पिछले तीन साल में राज्य सरकार की अनूठी उद्यमी प्रोत्साहन नीति-2015 से बुनियादी ढ़ांचा सुदृढ़ हुआ है और उद्योगों में रोजगार के अधिक अवसर सृजित हुए हैं। हरियाणा में निवेशकों को और अधिक आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार ने फरवरी- 2017 में हरियाणा उद्योग प्रोत्साहन केन्द्र नामक ‘सिंगल रूफ  मैकेनिज्म’ की स्थापना की। एकल खिडक़ी की अवधारणा के साथ औद्योगिक विभाग ने और कई कदम उठाए। सभी औद्योगिक स्वीकृृतियां/लाइसेंस देने के लिए एकल कार्यालय की परिकल्पना करने वाला हरियाणा भारत का एकमात्र राज्य है। एकल कार्यालय के माध्यम से सभी औद्योगिक स्वीकृृतियां समयबद्ध तरीके से ऑनलाइन दी जा रही हैं, व्यक्तिगत रूप से कार्यालय जाकर आवेदन करने की अब जरूरत नहीं। अगर ऑनलाइन आवेदन के बाद अधिकतम 45 दिन में कोई बिजिनेस क्लीयरनेंस नहीं होती है तो उस आवेदन की स्वत: क्लीयरनेंस मानी जाएगी।  उद्योगपतियों को सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा दी जाने वाली सेवाओं की फीडबैक देने के लिए नया ‘रैपिड एसेसमैंट सिस्टम’ शुरू किया गया जिसकी काफी प्रशंसा हुई। औद्योगिक प्लाटों की बिल्डिंग प्लान में प्रमाण-पत्र लेने के लिए पहले कई औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती थी,परंतु राज्य सरकार ने सरलीकरण करते हुए ‘हरियाणा कॉमन बिल्डिंग कोड-2017’ के अनुसार सभी औद्योगिक प्लाटों को स्वत:-प्रमाणित करने की सुविधा शुरू कर दी जिसका उद्योग-जगत में खासा स्वागत हुआ है। इसी प्रकार 10 श्रम कानूनों का एक साथ निरीक्षण करने के लिए नियम बनाया जिससे उद्योगपतियों को इंस्पैक्टरी से मुक्ति मिली।