• 10/17/2018

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गेहूँ की निर्विघ्न खरीद जारी, 18 अप्रैल तक 34.92 लाख मीट्रिक टन गेहूँ की खऱीदः पंजाब सरकार

Rohit Aswal

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4/20/2018 12:44:43 AM

चंडीगढ़, 19 अप्रैल। राज्य की खरीद एजेंसियों की तरफ से 18 अप्रैल तक 34.92 लाख मीट्रिक टन गेहूँ खऱीदा जा चुका है और राज्य सरकार रबी के चालू सीज़न के दौरान अपने निश्चित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सही दिशा में जा रही है।  एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि राज्य में गेहूँ की चल रही खरीद सुस्त रफ़्तार में नहीं है और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के निर्देशों पर राज्य की खरीद एजेंसियाँे के प्रमुख सभी मंडियों की प्रगति की निजी तौर पर निगरानी कर रहे हैं।  मुख्यमंत्री ने हिदायत दी कि यदि किसी तरह की समस्या पेश आती है तो उसे बिना किसी देरी के तत्काल तौर पर खरीद एजेंसियोँ के मुखियों द्वारा हल किया जाना चाहिए और इस सम्बन्ध में किसी तरह की ढील या लापरवाही सहन नहीं की जायेगी।  प्रवक्ता ने कहा कि खऱीदे या उठाये गये गेहूँ की अदायगी भी समय पर की जा रही है और 18 अप्रैल तक 1885.30 करोड़ रुपए अदा किये जा चुके हैं।  प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार की तरफ से गेहूँ की खरीद को मुख्य प्रथमिकता दी जा रही है और राज्य की खरीद एजेंसियाँ अनुमानित 130 लाख मीट्रिक टन गेहूँ खरीदने के लिए पूरी सक्रियता के साथ जुटीं हुई हैं।  प्रवक्ता ने आगे बताया कि मंडियों में खऱीदे गये गेहूँ की उठवाई साथ-साथ की जा रही है। खऱीदे गेहूँ को मंडियों में से राज्य की खरीद एजेंसियोँ के गोदामों में लेजाया जा रहा है और भारतीय खाद्य निगम को भी मंडियों से गेहूँ भेजा जा रहा है जिससे और गेहूँ आने के लिए जगह बनाई जा सके। उन्होंने बताया कि इस उद्ेश्य के लिए भारतीय खाद्य निगम ने अप्रैल और मई 2018 के लिए 400 विशेष रेल गाड़ीयोँ की योजना बनायी है।  प्रवक्ता ने आगे बताया कि भारत सरकार /भारतीय खाद्यनिगम के निर्देशों के अंतर्गत राज्य सरकार की तरफ से खरीद एजेंसियोँ पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ घटाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि गेहूँ की ढुलाई के लिए पिछले वर्ष 300-400 प्रतिशत की कीमत की बजाय इस वर्ष अधिक से अधिक 120 प्रतिशत की कीमत पर टैंडर अलॉट किये गए हैं।  सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य के कुछ हिस्सों में कहीं -कहीं बौछार होने से पैदा हुई कुछ समस्याओं को हल किया जा चुका है और खरीद प्रक्रिया में किसी किस्म का विघ्न न पडऩे को सुनिश्चित करने के लिए प्रयास जारी रहेंगे।