• 5/25/2018

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महान पूर्वजों और उन्नत ज्ञान परम्परा ने नाता जोड़ें युवा: प्रो चौहान

Varsha

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5/13/2018 1:04:09 AM

असंध/करनाल। देश की युवा पीढ़ी भारत की महान ज्ञान परम्परा और महापुरुषों को जाने और नवीन भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने को आगे आए। हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष और निदेशक प्रो वीरेंद्र सिंह चौहान ने यहाँ हारट्रोन प्रशिक्षण केंद्र के विद्यार्थियों और प्रशिक्षकों के साथ एक संवाद में की। संवाद का आयोजन वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के उपलक्ष्य में किया गया था। वीडियो काँफेरेंसिंग प्रणाली का उपयोग करते हुए इस आयोजन में चौहान ने युवा पीढ़ी को नवीन प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल अपना कौशल बढ़ाने में करने को कहा। उन्होंने कहा कि  देश को आगे बढ़ाने और व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के काम में टेक्नॉलजी का बेहतरीन इस्तेमाल करने के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नित नई मिसाल क़ायम कर रहे हैं। मुग़लिया आतंक के ख़िलाफ़ चट्टान की भाँति अडिग रह कर संघर्ष करने वाले वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को ग्रंथ अकादमी उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह चौहान ने भारतीय राष्ट्रवाद और स्वतंत्रता-संघर्ष का उज्ज्वलतम प्रतीक क़रार दिया। उन्होंने कहा कि  जीवन में कठिन से कठिन हालात के सामने बग़ैर बिके-झुके-टूटे खड़े रहने वालों को ही संसार महान मानता है। चौहान ने कहा कि महाराणा प्रताप के सामने अकबर के दरबार में सजदा करके सारी सुख-सुविधाए और मेवाड़ का राज्य वापस  पा लेने का विकल्प खुला था। मगर उन्होंने विदेशी हमलावर के आगे झुक कर देश की गर्दन नीची करने के बजाय घास की रोटी खाना और जंगलों में भटकना मंज़ूर किया। इसी वजह से वे आज हमारे राष्ट्रीय आदर्श हैं और अकबर के दरबारी राजाओं के कोई नाम तक नहीं जानता। प्रो वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि 1998 में पोकरण  में ऑपरेशन शक्ति के अंतर्गत परमाणु परीक्षण कर तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और उनके उस समय के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार स्वर्गीय डॉक्टर एपीजे अबदुल कलाम ने महाराणा प्रताप की उसी परम्परा को निभाया था जहाँ देश के स्वाभिमान को सर्वोच्च माना जाता है। उन्होंने कहा कि  पोकरण विस्फोट के समय अमरीका सहित संसार के सभी ताक़तवर देश भारत को परीक्षण न करने देने पर आमादा थे। मगर हमारे पराक्रमी नेतृत्व ने हर दबाव को नकारा और अमरीकी एजेंसियों की कथित चौकसी को भी तार-तार कर डाला था। कार्यक्रम में प्रशिक्षण केंद्र के प्रबंधन की तरफ़ से राम शर्मा ने प्रो चौहान का स्वागत किया।