• 11/18/2018

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वरिष्ठ नागरिकों के लिए यूरोलॉजिकल केयर बेहद जरूरी: डॉ.मनीष आहुजा

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Preeti

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5/15/2018 7:14:20 PM

मोहाली 15 मई। उम्र बढऩे से हर किसी में स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों की मौजदूगी बढ़ जाता है। यूरोलॉजिक सिस्टम (मूत्राशय प्रणाली) से संबंधित लोग विशेष रूप से परेशान होते हैं, और उम्र से संबंधित सबसे आम समस्याएं अक्सर पेशाब, आर्जेंसी और यूरिनरी रिसाव होती हैं। इसके बारे में बात करते फोर्टिस मोहाली में आयोजित एक सत्र का नेतृत्व करते हुए, यूरोलॉजी के कंसल्टेंट मनीष आहुजा ने उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों को कहा कि ‘‘पुरुषों में यूरिनरी संबंधी लक्षण आमतौर पर प्रोस्टेट से संबंधित बीमारियों के कारण होते हैं जैसे बेनिग्न प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया या बीपीएच और प्रोस्टेट कैंसर। हालांकि, महिलाओं में, बड़ी समस्या यूरिनरी रिसाव या ‘इनकॉन्टीनेंस’ है, जिसे हम ये मेडिकल टर्म के तौर पर कहते हैं।’’ उन्होंने आगे कहा कि ‘‘ यूरिनरी रिसाव का सबसे आम कारण पेल्विक अंगों को समर्थन में कमी आई है क्योंकि इन अंगों में उम्र बढऩे के साथ कमजोरी आ जाती है। कई महिलाएं यूरिनरी के कुछ बूंदों के रिसाव की शिकायत करते हैं और ऐसा उनके हंसने या छींकने के दौरान होता है। यह अवस्था अक्सर रजोनिवृत्ति के बाद देखी गई है। इस प्रकार के यूरिनरी रिसाव को तनाव असंतुलन कहा जाता है।’’ डॉ आहुजा ने कहा कि ‘‘पुरुषों और महिलाओं दोनों में यूरिनरी रिसाव का एक और आम कारण एक अति सक्रिय यूरिनरी ब्लेडर है। इस स्थिति में, यूरिनरी ब्लेडर उस व्यक्ति की इच्छा के खिलाफ बल उत्पन्न करता है जिससे यूरिनरी करने की अचानक तीव्र इच्छा होती है। यूरिनरी का दबाव इतना तीव्र हो जाता है कि व्यक्ति को अक्सर शौचालय में भागना पड़ता है। इस समस्या को देखते हुए प्रभावित व्यक्ति सामाजिक पुनर्विचार का कारण बन जाता है।’’ उन्होंने आगे कहा कि इन सभी परिस्थितियों का उपचार उपलब्ध है। इन समस्याओं के सफल उपचार का आधार ये है कि इनकी जल्द पहचान कर ली जाए। इसे सक्रिय तौर पर वार्षिक चेकअप द्वारा किया जा सकता है या इस संबंध लक्षण शुरू होते ही डॉक्टर्स से संपर्क कर पूरी स्थिति के बारे में बताया जा सकता है। आखिरकार, शुरुआती उपचार अंतत: इलाज को पूरा करने का मार्ग प्रशस्त करता है।’’