• 10/19/2018

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राजनीतिक फायदे के लिए शुगर मिल के नाम का किया जा इस्तेमाल: राणा इंद्र

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Varsha

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5/29/2018 11:12:31 PM

चंडीगढ़, 29 मई। राणा शुगर मिल पर प्रदूषण फैलाने के सुखपाल खैरा और आम आदमी पार्टी की तरफ से लगाए गए आरोपों पर राणा शुगर मिल के एमडी राणा इंद्र प्रताप सिंह ने मंगलवार को प्रेस कल्ब में अपनी तरफ से सफाई दी है। राणा इंद्र प्रताप सिंह के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में राणा शुगर मिल के आसपास के कई गांवों के किसान और जमींदार भी शामिल हुए।  इस दौरान राणा इंद्र प्रताप सिंह ने सुखपाल खैहरा पर राजनीतिक फायदे के लिए शुगर मिल का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। राणा इंद्र प्रताप सिंह ने इस दौरान राणा शुगर मिल के कई वीडियो और फोटो मीडिया को दिखाएं और बताया कि किस तरह से राणा शुगर मिल के अंदर प्रदूषण को रोकने के तमाम बंदोबस्त किए गए हैं और जो पानी खराब होकर मिल से निकलता है उसे रिसाइकल करने का भी पूरा बंदोबस्त किया गया है। साथ ही राणा शुगर मिल के एमडी राणा इंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शुगर मिल से जो शीरा निकलता है उसको बाजार में बेचा जाता है और किसी भी नदी-नाले या नहर में राणा शुगर मिल से कोई भी केमिकल या प्रदूषित पानी नहीं छोड़ा जाता। इस दौरान राणा शुगर मिल के एमडी राणा इंद्र प्रताप सिंह के साथ बुट्टर गांव और शुगर मिल के आसपास के कई गांवों के सरपंच और जमींदार और किसान नेता भी मौजूद थे। इन सब लोगों ने बताया कि वो भले ही अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों की सोच रखते हो लेकिन बुट्टर इलाके की शुगर मिल के समर्थन में तमाम लोग शुगर मिल के साथ खड़े हैं और इस शुगर मिल की वजह से उनके घर परिवार और बच्चों का पेट पलता है। शुगर मिल के आसपास रहने वाले गांव के लोगों ने मीडिया को बताया कि शुगर मिल की वजह से उनकी आर्थिक दशा काफी सुधर गई है और वो जो भी चुकंदर और गन्ने की फसल तैयार करते हैं वो सीधी शुगर मिल में बेची जाती है और शुगर मिल से उन्हें पेमेंट भी टाइम पर मिलती है। गांवों से आये सरपंचों, जमीदारों और किसान नेताओं ने कहा कि वो राणा शुगर मिल के साथ सिर्फ इसलिए खड़े हैं क्योंकि शुगर मिल में कुछ भी ऐसा गलत नहीं हो रहा जिससे पंजाब या देश के प्रदूषण को किसी तरह का खतरा होता हो और सुखपाल खैहरा ने राजनीतिक फायदे के लिए राणा शुगर मिल को बदनाम करके बंद करवाने की कोशिश कर रहे हैं जो कि गलत है और ऐसा करके अगर वो शुगर मिल बंद करवा देंगे तो उस पूरे इलाके के हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। इस दौरान राणा शुगर मिल के एमडी राणा प्रताप सिंह ने मीडिया और सुखपाल खैरा को ओपन चैलेंज दिया कि वो कभी भी आकर शुगर मिल की चेकिंग कर सकते हैं और देख सकते हैं कि राणा शुगर मिल में प्रदूषण को रोकने के पूरे बंदोबस्त किए गए हैं। साथ ही राणा प्रताप सिंह ने शुगर मिल को पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल की तरफ से हर साल मिलने वाले पॉल्यूशन कंट्रोल सर्टिफिकेट भी मीडिया को दिखाएं।