• 8/22/2018

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टैक्नीकल टेक्सटाइल, भारत में एक उभरता हुआ क्षेत्र: डॉ.कविता गुप्ता

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Rohit Aswal

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5/30/2018 9:08:56 PM

जालंधर, 30 मई। फैडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) ने रैडिसन होटल में इंडस्ट्री मीट ‘टेक्नोटेक्स 2018’ की मेजबानी की। टेक्नोटेक्स 2018 टैक्नीकल टेक्सटाइल्स पर इंटरनेशनल एग्जीबिशन एंड कॉन्फ्रेंस का 7वां एडीशन है जो कि 28 और 29 जून, 2018 को बॉम्बे एग्जीबिशन सेंटर, मुंबई में होगी।   बैठक में मुख्य वक्ताओं ने इस अवसर पर ‘भारतीय तकनीकी वस्त्र उद्योग में चुनौतियों और अवसरों’ के बारे में बात की। बैठक में पंजाब के आसपास और आसपास कपड़ा उद्योग से जुड़े 80 प्रतिभागियों की एक बैठक में हिस्सा लेते हुए देखा गया। इस दौरान कपड़ा उद्योग की वर्तमान स्थिति के बारे में एक महत्वपूर्ण चर्चा की गई और इस क्षेत्र में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए उन कदमों पर बात की गई, जिनको तुरंत उठाने की जरूरत है। कार्यक्रम के दौरान टैक्नीकल टेक्सटाइल क्षेत्र के बारे में जागरूकता पैदा करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए, भारत सरकार के टेक्सटाइल मंत्रालय की टेक्सटाइल कमिश्नर डॉ. कविता गुप्ता ने कहा कि ‘‘टैक्नीकल टेक्सटाइल सेक्टर  भारत में उभरता हुआ क्षेत्र है। दुर्भाग्यवश, टैक्नीकल टेक्सटाइल में वृद्धि अपेक्षा के रूप में उत्साहजनक नहीं है। सरकार कपड़ा क्षेत्र के लिए लाभ प्रदान कर रही है लेकिन ज्यादातर उद्योग इससे अनजान हैं। वस्त्र उद्योग में अन्य उद्योगों की तुलना में अधिक सब्सिडी है। हम प्रोटेक्टिव टेक्सटाइल के लिए समान लाभ प्रदान करेंगे जिसमें कुल 25 फीसदी सब्सिडी, 12फीसदी ईपीएफ , आयकर लाभ, आयात शुल्क ड्यूटी और गारमेंट उद्योग द्वारा आनंदित कुछ और लाभ भी शामिल होंगे। स्पोट्र्स गुड्स मैन्युफैक्चर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के सचिव मुकुल वर्मा ने जलंधर में स्पोट्र्स गुड इंडस्ट्री के लिए पार्क की मांग की। उन्होंने कहा, हमें स्पोट्र्स गुड इंडस्ट्री के लिए शहर से जुड़ा स्थान चाहिएए जिसके लिए उचित सडक़ें, बिजली और सीवरेज की सुविधा उपलब्ध हो। इसके अलावा, बिजली सब्सिडी भी उतनी ही जरूरी है। वर्तमान उद्योग के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, सरकार को उद्योग के मानदंडों में कुछ छूट देनी चाहिए ताकि वे अपने क्षेत्रों का विस्तार कर सकें। भारत में बहुत कम तकनीकी टेक्सटाइल है जिसकी वैधता भी कम है। सरकार को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि हमें भारत में बाहर से वस्तुओं को निर्यात करने की आवश्यकता न पड़े। हमारी सरकार को आयात शुल्क पर भी ध्यान देना होगा। भारतीय उद्योग को देश के बाहर वस्तुओं को भेजने के लिए 10 फीसदी आयात शुल्क देना पड़ता है जबकि पाकिस्तान और बांग्लादेश में 0 फीसदी आयात शुल्क है। इस बैठक में विभिन्न उद्योगों द्वारा उठाए गए मांगों को ध्यान में रखते हुए भूपिंदर पाल सिंह, एडीसी, जालंधर ने कहा, हमें कपड़ा क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और मांगों को सुनकर खुशी हुई है। टेक्सटाइल पार्क की स्थापना के लिए भूमि की आवश्यकता है और राज्य सरकार इस उद्देश्य के लिए भूमि उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। हमारे पास 25 एकड़ जमीन है और यह इस पार्क के लिए प्रदान की जा सकती है। जैसे ही हमें उद्योगों से प्रस्ताव प्राप्त होगाए प्रक्रिया जल्द ही पूरी की जाएगी।  मनोज मेहता, ज्वाइंट डायरेक्टर, फिक्की ने इस कार्यक्रम के बारे में उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में लगभग 180 प्रदर्शकों के आने की उम्मीद है, जो 8000 से अधिक मेहमान भी इस आयोजन में शामिल होंगे। चीन, ताइवान (आरओसी) और दक्षिण कोरिया इंटरनेशनल पैवेलियन में होंगे। इस आयोजन में भाग लेने वाले अन्य देशों मे अमेरिका, जापान, स्विट्जरलैंड, लक्जमबर्ग, यूके, इटली, बेल्जियम, रूस, स्पेन, फ्रांस और जर्मनी शामिल हैं। भाग लेने वाले भारतीय राज्यों में गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, झारखंड, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, बिहार, ओडिशा और एनईआर राज्य शामिल हैं।