• 10/19/2018

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क्यूरोफाई ने अमृतसर में कई गंभीर मामले सुलझाने में की डॉक्टर्स की मदद

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Rohit Aswal

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6/1/2018 9:14:59 PM

अमृतसर, 1 जून। अमृतसर के रहने वाले ओटोलरिंजोलॉजिस्ट डॉ. एस.एस. बेदी ने क्यूरोफाई पर एक 40 वर्षीय महिला का केस शेयर किया जो डेढ़ साल से सबमैंडिबुलर रीजन (जबड़े के नीचे वाले हिस्से) पर गहरी सूजन से पीड़ित थी। डॉक्टर ने उसे बताया कि यह दर्द रहित, चमड़ी के अंदर मोबाइल की तरह है और उसके अंतर्निहित टिश्यूज से जुड़ा नहीं है। इसके लिए महिला को यूएसजी नेक एंड एफ.एन.ए.सी. की सलाह दी गई। जब डॉ. बेदी ने यह केस क्यूरोफाई पर पोस्ट किया तो देशभर से डॉक्टर्स ने अपने सुझावों के साथ इस पर प्रतिक्रिया दी और उपचार विधि बताई जिससे उनको यह केस मैनेज करने में काफी मदद मिली। यह जानकारी जारी एक विज्ञप्ति में दी गई। जल्द ही बर्ला से डॉ. सिद्धार्थ पांडित्रेय ने इस केस पर जवाब दिया कि यह निचले जबड़े के कोण को विलुप्त कर देने वाला पिंड है और इससे प्लेमॉर्फिक एडेनोमा के कठोर होकर स्थिर हो जाने की संभावना है। डॉक्टर्स के आपसी परामर्श से इस तरह के केस सुलझाने का एक श्रेय डॉक्टर्स केे नेटवर्किंग एप क्यूरोफाई को भी जाता है। यह प्लेफॉर्म डॉक्टर्स को आपस में जोड़ता है, वे एक दूसरे से मेेडिकल परामर्श ले सकते हैं, सैकंड ओपिनियन ले सकते हैं, अपनी जरूरतें पोस्ट कर सकते हैं और मेडिकल क्षेत्र में होने वाले डेवलपमेंट से जुड़ी खबरें पढ़ और साझा कर सकते हैं। इससे पहले, दूरदराज के क्षेत्र में कार्यरत डॉक्टर किसी भी केस में सलाह या सैकंड ऑपिनियन लेने के लिए अपने घरेलू नेटवर्क पर ही निर्भर होता था। लेकिन क्यूरोफाई की मदद से किसी बड़े हॉस्पिटल का डॉक्टर देश के हजारों डॉक्टरों से बिना मुलाकात के भी उनका मेंटर हो सकता है।  क्यूरोफाई भौगोलिक सीमाओं को तोड़ रहा है और कठिन मेडिकल केस हल करने में देशभर के डॉक्टर्स एक दूसरे की मदद कर रहे हैं। इस केस पर टिप्पणी करते हुए डॉ. एस.एस. बेदी ने कहा, ‘‘क्यूरोफाई मेडिकल परामर्श और मरीज के लिए आगे के उपचार की योजना के लिए अच्छा प्लेटफॉर्म है। इस मिलने वाली मदद का हमेशा स्वागत हैै।‘‘  क्यूरोफाई के सह-संस्थापक निपुन गोयल कहतेे हैं, ‘‘क्यूरोफाई की शुरुआत हेल्थकेयर इंडस्ट्री के अकेलेपन को दूर करने के लिए की गई थी। हम एक ऐसा प्लेटफॉर्म निर्मित करना चाहते थे जहां मेडिसिन के विभिन्न क्षेत्रों के डॉक्टर एक साथ आकर एक दूसरे की मदद कर सकें। यह देखकर अच्छा लगता है कि हम इसमें एक हद तक सफल रहे हैं और सीनियर डॉक्टर्स अपने अनुभव साझा करने को तैयार हैं। हम हर दिन यूजर्स के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और देश के साथ ही दुनिया के हर डॉक्टर को आपस में जोड़ना चाहते हैं।‘‘ फिलहाल देशभर में 2.2 लाख से ज्यादा डॉक्टर्स केस हल करने में एक दूसरे की मदद करने, अपना ज्ञान बढ़ाने और मरीजों का जीवन बचाने के लिए क्यूरोफाई का उपयोग करते हैं। पूरे पंजाब में 6950 और केवल अमृतसर में ही 1082 डॉक्टर्स क्यूरोफाई का उपयोग करते हैं।