• 8/22/2018

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बंसल द्वारा रचित पुस्तक ‘‘आल यू नीड टू नो अबाउट हार्ट’’ का राज्यपाल ने किया विमोचन

Rohit Aswal

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6/1/2018 9:21:34 PM

चण्डीगढ़, 1 जून। हरियाणा के राज्यपाल प्रो० कप्तान सिंह सोलंकी ने आज राजभवन में शारदा मित्तल के दोहा संग्रह ‘‘मनवा भयो फकीर’’ और जाने माने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ० एस.एस. बंसल द्वारा रचित पुस्तक ‘‘आल यू नीड टू नो अबाउट हार्ट’’ का विमोचन किया।  इस अवसर पर राज्यपाल ने लेखकों को बधाई देते हुए उनके इस लेखन और भविष्य में किए जाने वाले प्रयासों की सफलता की कामना की। उन्होंने साहित्य सृजन के लिए श्रीमति शारदा मित्तल की सराहना करते हुए कहा कि साहित्य लोगों को संवेदनशील व दयालु बनाने का सबसे बड़ा साधन है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि श्रीमति मित्तल की लेखनी से आगे भी ऐसी रचनाएं निकलेंगी जो समाज की सच्ची धरोहर साबित होंगी।  डॉ० बंसल को बधाई देते हुए प्रो० सोलंकी ने कहा कि उनकी लिखी पुस्तक में हृदय रोग व उपचार सहित दी गई तमाम जानकारी हृदय रोगों के उपचार व रोकथाम के लिए समाज में जागरुकता पैदा करने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भी डॉ० बंसल स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में लगातार समाज को जागरुक करते रहेंगे। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मन्त्री श्री विपुल गोयल ने कहा कि चिकित्सा जगत के विख्यात डॉ० बंसल ने अपने पेशे में उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ-साथ अपनी काबिलियत को इस रचना के माध्यम से संकलित कर समाज को जागरूक करने का काम किया है। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, राजेश खुल्लर ने दोनों पुस्तकों की सराहना की। उन्होंने लेखकों से कहा कि इन पुस्तकों को सोशल मीडिया पर भी लगा दें ताकि इसे डाउनलोड करके ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने एक कविता के माध्यम से कहा, ‘‘दिल की हो गई एनजीओ प्लास्टी, मिटी छाती की पीर, फिर न आना हो यहां मनवा कर लो फकीर।’’ हरियाणा साहित्य आकादमी की निदेशक डॉ० कुमुद बंसल, प्रख्यात कवि दिनेश रघुवंशी सहित साहित्य जगत के जाने माने कवि व लेखकों के पारिवारिक सदस्य भी पुस्तक विमोचन समारोह में उपस्थित थे। पंचकुला निवासी श्रीमति शारदा मित्तल सार्थक और दिल को छू लेने वाली कविताओं के लिये प्रसिद्व हैं। उनकी कविताओ में मानवता, उदारता तथा भावनाओं की झलक मिलती है। महिलाओं से सम्बन्धित मुद्दों व सामाजिक विसंगतियों को लिखने में उनकी विशेष रूचि है। इस पुस्तक में 389 दोहे हैं जो मानव प्रवृतियों का वर्णन करते हुए समाज का मार्गदर्शन करते हैं।  भारत के जाने माने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ० एस.एस.बंसल 20 साल से भी ज्यादा का अनुभव रखते हैं और वे 23 देशों में गंभीर हृदय रोगियों का सफलतम ईलाज कर बहुत लोगों की जिंदगी बचा चुके हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में किये गये अभूतपूर्व योगदान के लिये इन्हें कई पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। उनकी पुस्तक आल यू नीड टू नो अबाउट हार्ट, हृदय रोग और उपचार के सभी पहलूओं को दर्शाती है। डॉ० बंसल द्वारा अपनी पुस्तक उन सभी मरीजों को समर्पित की है जो उन्हें सामान्य जागरूकता के लिये पुस्तक लिखने के लिये प्रेरित करते हैं।