• 8/22/2018

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ख़ुद भेदभाव करने वाले फिर आ गए  उत्तर हरियाणा को बरगलाने: प्रो चौहान

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Manoj Sharma

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6/4/2018 1:11:03 PM

करनाल, 3 जून। सत्ता में रहते उत्तर हरियाणा के साथ घनघोर राजनीतिक भेदभाव करने वाली कांग्रेस पार्टी के जनता द्वारा नकारे गए नेता एकाएक बरसाती मेंढकों की तरह फिर से इस क्षेत्र में सक्रिय हो गए हैं। मुख्यमंत्री के रूप में परखे  जाने के बाद नकारे गए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा हों , पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व सांसद कुमारी शैलजा हो या फिर अपनी ही पार्टी में अपनों के हाथों उपेक्षा का शिकार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर, तीनों नेता उस इलाके को गुमराह करने निकल पड़े हैं जिसकी इन्होंने सत्ता में रहते हुए कभी प्रवाह नहीं की। ग्रामोदय अभियान के संयोजक और भाजपा के प्रदेश प्रकाशन विभाग प्रमुख प्रो वीरेंद्र सिंह चौहान ने कांग्रेस के इन नेताओं की असंध, करनाल और समालखा में हुई  जनसभाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए आज यहां जारी एक वक्तव्य में यह आरोप लगाए। प्रो वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि साढ़े 9 साल तक जब भूपेंद्र सिंह हुड्डा हरियाणा  के मुख्यमंत्री रहे, उन्हें क्षेत्रवाद और जातिवाद से बाहर निकलने का ख्याल नहीं आया। बात विकास की हो या रोजगार की, उन पर ‘अंधा बांटे रेवड़ी फिर फिर अपने को दे’, इस पुरानी कहावत को राजनीति में चरितार्थ करने का आरोप लगा। चौहान ने कहा कि यह केवल आरोप नहीं था बल्कि आम जनता को उनके द्वारा किया गया भेदभाव साफ तौर पर नजर आता था। इस ‘इलाकावाद’ और जातिवाद को समाप्त करने के ऐलान  के साथ सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में ‘सबका साथ सबका विकास’ का न्याय उचित और लोकतांत्रिक नारा दिया। वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि हरियाणा की भाजपा सरकार ने प्रदेश के सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों का तर्कसंगत ढंग से समान विकास करके दिखाया है और इस प्रक्रिया में उत्तर हरियाणा के जिलों को भी लंबे अरसे के बाद विकास और नौकरियों में अपनी हिस्सेदारी  प्राप्त हो सकी है। चौहान ने कहा कि शनिवार को असंध में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उत्तर हरियाणा का सवाल उठाने वाली पूर्व मंत्री कुमारी शैलजा को चाहिए कि वह पहले उत्तर हरियाणा के लोगों को इस बात का स्पष्टीकरण दें कि उनके सत्ता में रहते हुए इस इलाके के साथ भेदभाव क्यों हुआ?  साथ ही कुमारी शैलजा को यह भी तो बताना पड़ेगा कि जब उनकी पार्टी के राज में उत्तर हरियाणा सौतेले बर्ताव का शिकार हो रहा था तो उन के श्रीमुख पर राजनीतिक टेप क्यों लगी हुई थी? ग्रामोदय अभियान के संयोजक ने कहा कि अगर कुमारी शैलजा ईमानदारी की राजनीति करती तो उसी समय इस इलाके के हक में आवाज उठाती और अगर कायदे से उन्होंने आवाज उठाई होती तो भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत उन्हीं की पार्टी के किसी नेता की हिम्मत नहीं होती कि वह उत्तर हरियाणा के साथ भेदभावपूर्ण बर्ताव करता। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर द्वारा हाल ही में संविधान बचाओ  सभा और वह भी करनाल में करने पर सवाल उठाते हुए भाजपा नेता वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि ऐसी जनसभा तो अशोक तंवर को रोहतक में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के चुनाव क्षेत्र में जाकर करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए आवश्यक था कि   भारत के संविधान को बचाने का जुमला छोड़ने वाले कांग्रेस अध्यक्ष का पहला दायित्व अपनी ही पार्टी के संविधान की रक्षा करना है। चौहान ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की ‘चौधराहट’ को उनकी पार्टी के हरियाणवी चौधरी आज तक पचा नहीं पा रहे हैं और ऐसे में उन्हें पहले राहुल गांधी की मदद से अपना घर संभालना चाहिए।