• 10/19/2018

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कांग्रेस की ग़लत नीतियों के कारण आयी ‘ब्लू-स्टार’ की नौबत : प्रो चौहान

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Raghvender

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6/6/2018 8:50:45 PM

करनाल, 6 जून। अलगाववादी और देशघाती ताकतों को राजनीतिक प्रश्रय देने की तत्कालीन कांग्रेस सरकार की नीतियां ही ऑपरेशन ब्लू स्टार, कालांतर में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या और दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में हुए सिख विरोधी दंगों की वजह बनी। कांग्रेस पर 1984 के अमानवीय दंगों के कांग्रेसी आरोपियों को बचाने का आरोप मढ़ते हुए आज यहां जारी एक बयान में हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष और भाजपा नेता प्रो. वीरेंद्र सिंह चौहान ने यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस आज तक दिल्ली के सिख विरोधी दंगों में रक्तिम हुए अपने हाथ नहीं धो पाई है। प्रो वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के हरमंदिर साहिब में सशस्त्र आतंकवादियों को कांग्रेस ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए पहले पंजे जमाने दिए और जब वे बेकाबू हो गए तो सेना भेज कर पवित्र परिसर खाली कराने की कार्यवाही करनी पड़ी।इस प्रक्रिया में समूचे देश और खासकर पंजाब प्रांत को भारी कीमत चुकानी पड़ी। उन्होंने कहा कि सेकुलरिज्म की खाल ओढ़कर कांग्रेस हमेशा फिरकापरस्ती की राजनीति करती रही है। चौहान ने कहा कि पंथ निरपेक्षता का नाम लेकर वर्षों तक मुस्लिम तुष्टिकरण का गंदा खेल खेलती रही कांग्रेस के हाथ दिल्ली के सिख विरोधी दंगों में मारे गए 3000 से अधिक निर्दोष लोगों के खून से रंगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि जो कांग्रेस आज भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर भय का माहौल बनाने का आरोप लगा रही है, उसे देश को बताना चाहिए कि दिल्ली के दंगों के मामले में आखिर किसके दबाव और भय के चलते दोषियों को आज तक सजा नहीं मिल पाई। ग्रामोदय अभियान के संयोजक प्रो चौहान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सर्वधर्म समभाव में विश्वास रखती है और सनातन भारतीय जीवन मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। भाजपा नेता वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि खालसा पंथ और सिख समाज भारत के सनातन जीवन मूल्यों को सच्चे अर्थों में जीने और उनकी रक्षा के लिए मरने को भी तैयार रहने वाला समाज है। इन्हीं मूल्यों की रक्षा के लिए कुर्बान हुए हिंद की चादर कहलाने वाले श्री गुरु तेग बहादुर, दशमेश पिता गुरु गोविंद सिंह, उनके चारों साहबजादे और बंदा बहादुर समेत बलिदानियों की लंबी कतार हमारे गौरवशाली इतिहास का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि खालसा पंथ के अप्रतिम बलिदान को ना भुलाया जा सकता है और ना ही कम करके आंका जा सकता है।