• 10/17/2018

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सेकुलरिज्मवादी योग  से करते थे परहेजः प्रो चौहान 

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Rohit Aswal

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6/13/2018 4:45:24 PM

करनाल, 12 जून।  भारत के ऋषि - मुनियों द्वारा हजारों वर्ष पूर्व विकसित कर मानव कल्याण के लिए विश्व को सौंपी गई योग रूपी संपदा को हम भारतवासी स्वयं भूल बैठे थे। स्वामी रामदेव के नेतृत्व में पतंजलि योगपीठ ने इस वैज्ञानिक पद्धति से भारत का पुनः योग कराया अर्थात जुड़ाव पैदा किया।  योगमय हुए भारत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूप में एक योगी प्रधानमंत्री प्राप्त हुआ तो यह विद्या नए अंदाज में संयुक्त राष्ट्र संघ के माध्यम से समूचे विश्व के सम्मुख प्रस्तुत की जा सकी। ओपीएस विद्या मंदिर में जिला प्रशासन और पतंजलि योग समिति के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे योग शिविर में बतौर मुख्य अतिथि अपने संबोधन में हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष प्रो. वीरेंद्र सिंह चौहान ने यह टिप्पणी की।   ग्रंथ अकादमी उपाध्यक्ष और ग्रामोदय अभियान के संयोजक वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि आज जब समूचा विश्व और खास तौर पर अपने आप को आधुनिक मानने वाला पश्चिमी जगत मानव जीवन को सुखमय बनाने के रास्ते तलाश रहा है, इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए योग से अधिक प्रभावी उपाय हो ही नहीं सकता। चौहान ने कहा कि योग जैसी प्राचीन भारतीय विद्या स्वाधीन भारत के पूर्ववर्ती सत्ताधारियों  द्वारा नजरअंदाज की गई। सेकुलरिज्म के नाम पर भारत की इस प्राचीन संपदा को अपनाने में पूर्व की सरकारों के कर्ता-धर्ता संकोच और शर्म महसूस करते थे। मगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संघ के मंच पर जिस प्रभावी ढंग से इस विषय को रखा, दुनिया के 177 देशों ने 90 दिन के रिकॉर्ड समय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी। यह भारत,  भारतीयता और स्वयं को योगियों का उत्तराधिकारी मानने वाले भारतवासियों की वैश्विक जीत है। वीरेंद्र सिंह चौहान पतंजलि योगपीठ की टीम को योग विद्या को घर घर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने के लिए साधुवाद दिया और कहा कि वर्ष 2022 तक वर्तमान भारत की बड़ी समस्याओं का हल करते हुए इसे नवीन भारत बनाने का सपना तब तक साकार नहीं हो सकता जब तक प्रत्येक भारतवासी स्वस्थ  न हो। और स्वास्थ्य भारत के सपने को व्यवहारिक आकार देने में योग की सर्वाधिक भूमिका रहने वाली है। इससे पहले योगपीठ की ओर से सेठ पदम सेन, राव सूर्यदेव, राणा ठाठ सिंह सहित विभिन्न पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि वीरेंद्र सिंह चौहान का स्वागत किया। इस अवसर पर योग शिविर के संचालक डॉ संजय सिंह भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के अध्यक्ष राज सूर्यदेव, पतंजलि योग शिविर के अध्यक्ष दिनेश शर्मा, महासचिव डी आर गुप्ता, संरक्षक बाबू पदम सेनगुप्ता, ठाठ सिंह, केहर सिंह चोपड़ा, गोसाई जी, राजरानी महेला, सुनीता नरवाल आदि मौजूद रहे।