• 8/22/2018

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हर्बल दवाईयों द्वारा होगा शुगर, लिवर व गैस की बीमारियों पर कंट्रोल

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Rohit Aswal

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6/13/2018 9:52:08 PM

चंडीगढ़, 13 जून। हम भारत में पहली बार सीबकथोर्न आधारित फाइटो दवाईयों को लांच करते हुए गर्व महसूस कर रहे हैं क्योंकि यह हमारे वैज्ञानिकों की 30 वर्षों की शोध का फल है। यह कहना था प्रीमाॅक नेचुरली केयर प्राईवेट लि॰ के चेयरमैन देवेन्द्र मित्तल का। देवेन्द्र मित्तल ने पत्रकारो को संबोधित करते हुए कहा कि सबसे अच्छी बात यह है कि इसका कोई साइड इफेक्टस नही है। उन्होंने कहा कि सीबकथोर्न को आगे लाने में स्वर्गीय डा॰ ऐ.पी.जे अबुल कलाम ने भी अपना योगदान दिया था जब वह डीआरडीओ के अध्यक्ष थे। उनके दिशानिर्देशों के तहत बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, एसआरएम विश्वविद्यालय चेन्नई व आदेश विश्वविद्यालय भटिंडा ने प्रमुख बीमारियों के इलाज में फाईटो बेस्ड दवाईयों के सकारात्मक प्रभाव साबित कर दिए है, इस अवसर पर मुख्य अतिथि डा॰ के.एन. सिंह, सीईओ व डायरेक्टर, मेडिसिस, बायो-टेक, हिमाचल प्रदेश ने कहा सीबकथोर्न अपने एंटीआॅक्सीडेंट, कार्डियो-सुरक्षात्मक, एंटी-डाइबेटिक, एंटीवायरल, एंटी-इंफ्लैमेटरी प्रभावों से परिपूर्ण है जिसमें विटामिन और पोषक तत्वों का भंडार है जो मानव जाति के लिए मूल्यवान हैं। हम प्रीमाक के साथ मिलकर इन दवाईयों को देश के हर भाग में पहुचाएंगे।  कच्छ गुजरात से प्रीमाक के डायरेक्टर संजय गोयल ने कहा आम आदमी में दिनों दिन गैस, लीवर व शूगर की बीमारियां बढ़ रही है और डायबफिन, लिवरेक व एनसिड दवाईयों से बीमारियों को कंट्रोल किया जा सकता है। ऐ. के. श्रीवास्तव, डायरेक्टर, गोवा ने कहा हमने तीस हजार से अधिक मधुमेह, लीवर व एसिडिटी के रोगियों में फाइटो मेडिसिन के परीक्षण किए और काफी सुधार देखने को मिला। गुड़गांव से डायरेक्टर अमित बज़ारी ने कहा हमारी दवाईयां लद्दाख व मदुरई में प्रोसेस होती है व सहारनपुर में पैकिंग होती है। हमारी दवाईयां आॅफ लाईन व प्रमुख प्रमुख आॅनलाईन पोर्टल पर भी उपलब्ध रहेगी। उन्होने आगे बताया कि हमारी कंपनी प्योर मिनिरल वाटर भी मार्केट में जल्द ही लाने वाली है।