• 9/26/2018

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एलपीजी गैस से होगा अंतिम संस्कार, खेर ने एमपीलैड से दिए 85.65 लाख रुपये

Varsha

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6/22/2018 8:38:10 PM

चंडीगढ़, 22 जून। शहर में अब जल्द ही एलपीजी मशीन से अंतिम संस्कार हो सकेगा। इससे जहां लकड़ी से होने वाले प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी, वहीं वातावरण भी साफ होगा। सेक्टर-25 स्थित शमशान घाट में एलपीजी मशीन लगाने के लिए सांसद किरण खेर ने सांसद विकास निधि (एमपीलैड) से 85.65 लाख रुपये मंजूर किए हैं। खेर 3 जुलाई को इसका नींव पत्थर रखेंगी। नगर निगम ने एलपीजी मशीन लागने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है और नींव पत्थर रखे जाने के बाद इसको लगाने का काम शुरू हो जाएगा। सितंबर के दूसरे सप्ताह तक यह मशीन चालू हो जाएगी। देश के कई शहरों में एलपीजी गैस के माध्यम से अंतिम संस्कार पहले से हो रहा है। पटियाला में भी कुछ समय पहले इसकी शुरुआत हुई है। इस प्रोजेक्ट से पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाया जा सकेगा। औसतन एक शव के लिए चार क्विंटल लकड़ी की जरूरत पड़ती है। इस हिसाब से लकड़ी से संस्कार करने में एक पेड़ लग जाता है। प्रोजेक्ट के जरिए पेड़ों की कटाई कम होगी और समय की बचत होगी। गैसफायर्ड क्रिमिटोरियम प्रोजेक्ट ते तहत संस्कार करने में 55 से 60 मिनट लगेगा। एक संस्कार पर एक सिलेंडर खर्च होने का अनुमान है। पारंपरिक तौर पर लकड़ी से संस्कार करने में तीन से चार हजार तक का खर्च आता है। मशीन के शुरू होने पर 1500 से 2000 रुपये तक खर्च आएगा। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार गैस आधारित शव दाहगृह में एक शव की अंत्येष्टि में लगभग डेढ़ घंटे का समय लगेगा। एक शव पर लगभग 19 किलो गैस खर्च होगी।