• 11/16/2018

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उच्च न्यायालय में न्यायिक कार्य हिंदी में भी कराने की हुई तैयारी

Rohit Aswal

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7/3/2018 8:42:32 PM

चंडीगढ़, 3 जुलाई। हरियाणा सरकार द्वारा बिजली-पानी बिलों को हिंदी में भी प्रकाशित करने के निर्देश के बाद अब पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में भी न्यायिक कार्य हिंदी में कराने की तैयारी की जा रही है। हिंदी को हरियाणा में बेहतर तरीके से प्रशासनिक एवं न्यायिक कार्यवाही में शामिल कराने के लिए भाषा विभाग को भी सक्रिय किया जा रहा है। सरकार जल्द ही राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी से इस संबंध में राष्ट्रपति को पत्र लिखने के लिए अनुरोध करेगी, ताकि हरियाणा में भी न्यायिक प्रक्रिया को हिंदी में प्रारंभ कराने की पहल की जा सके। देश के चार उच्च न्यायालय इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश), राजस्थान, मध्यप्रदेश, पटना (बिहार) में न्यायिक कारर्यवाही राजभाषा हिंदी में किए जाने की अनुमति के बाद से याचिकाओं की सुनवाई और बहस हिंदी में की जाती है। सुनवाई उपरांत निर्णय भी हिंदी में दिए जाते हैं। इस प्रक्रिया को हिंदी बहुल राज्यों में बढ़ाने की मंशा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इच्छा जताई है कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में भी हिंदी भाषा में कार्यवाही की अनुमति मिले, ताकि वादियों को उनकी अपनी भाषा में पूरी प्रक्रिया को समझने तथा अपनी बात रखने का अवसर मिले। सरकारी सूत्रों की मानें तो जनतंत्र में न्याय का एक उद्ेश्य यह थी है कि वादी को न्याय शीघ्र और उसकी भाषा में मिले तथा न्यायिक कार्यवाही के दौरान, वह मूकदर्शक न बना रहे। हाल ही में केरल उच्च न्यायालय के हीरक जयंती कार्यक्रम में भी खुद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा उच्च न्यायालय के निर्णयों को वादी की भाषा में उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। ऐसे में राज्यपाल को यह अधिकार है कि वह राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से उच्च न्यायालय में हिंदी भाषा को उच्च न्यायालय की कार्यवाहियों के लिए प्राधिकृत कर सकते हैं। ऐसे में जल्द ही प्रदेश सरकार राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखने का अनुरोध करेगी।