• 7/23/2018

मुख्य खबर

Share this news on

अकाली सरकार ने नशों के मामलों पर सही जि़म्मेदारी निभाई होती तो आज यह दिन देखने न पड़ते: सुखजिंदर सिंह रंधावा

Apurv

/

7/5/2018 9:09:37 PM

चंडीगढ़, 5 जुलाई। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की तरफ से नशों के खि़लाफ़ शुरु की गई मुहिम के अंतर्गत सरकारी मुलाजिमों के डोप टैस्ट करवाने के ऐलान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की तरफ से विधायकों और मंत्रियों के डोप टैस्ट करवाने की माँग पर प्रतिक्रिया देते हुए सीनियर कांग्रेसी नेता और पंजाब के सहकारिता मंत्री स.सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने कहा कि यदि नशों के मामले पर अकालियों ने अपनी सरकार के समय सही जि़ मेदारी निभाई होती तो पंजाब को आज यह दिन नहीं देखने पड़ते। प्रकाश सिंह बादल को आड़े हाथों लेते हुए स. रंधावा ने पाँच साल पुरानी बात याद करवाते हुए कहा कि साल दिसंबर 2013 में जब अकाली सरकार थी तो उन्होंने विधानसभा में यह माँग की थी कि सभी विधायक डोप टैस्ट करवाएं। उस समय बादल की तरफ से ख़ामोशी साधी गई परंतु आज वह कौन से मुँह से विधायकों के डोप टैस्ट की माँग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उस समय उन्होंने विधानसभा के लोर पर नशों के मामले पर प्रकाश सिंह बादल को दरबार साहिब जाकर सौगंध उठाने के लिए भी चुनोती दी थी। उन्होंने कहा कि अकाली दल जब सत्ता में होता है तो तब और होता है और सत्ता से बाहर जाकर उनके बयान बदल जाते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में नार्को अतिवाद और नशों के लिए अकाली दल पूरी तरह जि़ मेदार है जिनकी सरकार में इसको सरकारी पनाह मिली जिस कारण नशे अमर बेल की तरह बढ़ा। स. रंधावा ने अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के डोप टैस्ट करवाने की माँग की जबकि बिक्रम सिंह मजीठिया सहित अकाली दल के दूसरे नेताओं का नार्को टैस्ट करवाने की माँग की। उन्होंने कहा कि कैप्टन सरकार की तरफ से नशों की कमर तोडऩे के लिए बड़े प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अकालियों की नालायकी और ग़ैर जि़ मेदारी के कारण ही पंजाब आज नशों के गंभीर संकट से गुजऱ रहा है जिस पर राजसी रोटियाँ सेक रहे अकालियों को इस मुद्दे पर बोलने का कोई नैतिक हक नहीं है।