• 11/16/2018

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जम्मू कश्मीर के मोर्चे पर बलिदान हुए थे डॉ मुखर्जी: प्रो.चौहान

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Varsha

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7/6/2018 9:21:46 PM

घरौंडा, 6 जुलाई। पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर सहित समूचा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। अक्टूबर 1948 में जम्मू कश्मीर के तत्कालीन शासक महाराजा हरि सिंह ने ठीक वैसे ही अधिमिलन पत्र पर दस्तखत कर अपनी रियासत को भारत गणराज्य का हिस्सा बना दिया था जैसे आज अधिमिलन पत्र पर दस्तखत कर अन्य राजे-रजवाड़ों ने अपने-अपने राज्यों का भारत में विलय किया था। हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष और ग्रामोदय अभियान के संयोजक प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह चौहान ने आज यहां डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में यह टिप्पणी की। मार्केट कमेटी उपाध्यक्ष सुरेंद्र जैन ने बैठक की अध्यक्षता की। ग्रंथ अकादमी उपाध्यक्ष ने कहा कि जम्मू कश्मीर की वर्तमान दुर्दशा के लिए पंडित नेहरू से लेकर अब तक का कांग्रेस नेतृत्व काफी हद तक जिम्मेदार है, वहीं भारतीय जनता पार्टी के पूर्वावतार भारतीय जनसंघ और उसके बाद भारतीय जनता पार्टी निरंतर जम्मू-कश्मीर को राष्ट्रीय मुख्यधारा में लाने के लिए संघर्षरत रहे हैं। भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान तो जम्मू-कश्मीर से अलगाव के बीज उखाड़ने की प्रक्रिया में ही हुआ। इसीलिए भारतीय जनता पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता के मन में यह बात गहरे बसी हुई है कि जहां हुए बलिदान मुखर्जी वह कश्मीर हमारा है और जो कश्मीर हमारा है वह सारे का सारा है। प्रो.वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि संवैधानिक और कानूनी तौर पर भारत में अधिमिलन के बावजूद यह कड़वा सत्य है कि महाराजा हरि सिंह द्वारा भारत को सौंपी गई जम्मू कश्मीर रियासत का एक बड़ा हिस्सा 1948 से पाकिस्तान के नाजायज कब्जे में है। इस भूमि का एक भाग उसने अपने आका चीन के हवाले कर रखा है। वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर के मीरपुर, मुजफ्फराबाद और गिलगित-बाल्टिस्तान इत्यादि क्षेत्रों को वापस लेना जम्मू कश्मीर के मामले में स्वतंत्र भारत के अधूरे पड़े कार्यों में शुमार है। उन्होंने कहा कि कश्मीर घाटी के जो क्षेत्र आतंक और अलगाववाद के चक्रव्यूह में बरसों से लहूलुहान हैं उन्हें राष्ट्र की मुख्यधारा में लाना और आतंक के पाकिस्तानी मंसूबों पर पानी फेरने के लिए केंद्र की वर्तमान सरकार और भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा प्रभावी ढंग से काम किया जा रहा है। मार्केट कमेटी उपाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार जैन ने इस अवसर पर डॉक्टर मुखर्जी को एक महान शिक्षाविद और प्रखर राष्ट्रवादी व्यक्तित्व के रूप में स्मरण किया। मंडल अध्यक्ष रविंद्र त्यागी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान के कारण अधूरे रह गए मिशन को पूरा करने की पुरजोर कोशिशें की जा रही हैं।