• 11/16/2018

मुख्य खबर

Share this news on

नवीन भारत निर्माण में हर नागरिक की हो भागीदारी: प्रो. चौहान

Apurv

/

7/10/2018 9:13:53 PM

पानीपत, 10 जुलाई। नवीन भारत का निर्माण प्रत्येक भारतवासी का ऐसा सपना होना चाहिए जिसे भारत की स्वतंत्रता के 75वें वर्ष अर्थात 2022 तक जी जान से जुट कर साकार करना है। हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष एवं निदेशक प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह चौहान ने ददलाना गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की। प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह चौहान ग्रामोदय शिक्षा संवाद कार्यक्रम के तहत वेब कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 11वीं और 12वीं कक्षाओं के विद्यार्थियों व उनके शिक्षकों से रूबरू हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य दलबीर सिंह ने की। ग्रामोदय अभियान के जिला सह-संयोजक एडवोकेट रमेश मोर्य इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि थे। विद्यार्थियों के साथ संवाद में हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष प्रो. चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 तक भारत वर्ष को बहुविधि संपन्न और महान वैश्विक शक्ति के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इसी वर्ष स्वाधीन भारत 75 साल का हो जाएगा। चौहान ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को हासिल हुई भारत की आजादी के संग्राम में लाखों भारतवंशियों ने हिस्सा लिया था और इस संघर्ष में असंख्य लोगों की कुर्बानी भी हुई। जिन लोगों ने स्वाधीनता संग्राम में हिस्सा लिया निसंदेह वे भी भाग्यशाली लोग थे। मगर आज वह लोग भाग्यशाली कहे और माने जाएंगे जो स्वाधीन भारत को उन्नत और नवीन भारत बनाने में क्रांतिकारियों की भांति हिस्सा लेंगे। वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि देश का वर्तमान और भविष्य सुधारने का काम केवल और केवल सरकार के भरोसे नहीं हो सकता। इस महान यज्ञ में हर नागरिक को अपने ढंग से आहुति डालनी पड़ेगी। उन्होंने विद्यार्थियों और अध्यापकों का आवाहन किया कि वे अपने अपने मनों में नवीन भारत का स्पष्ट सपना संजोए और फिर उस सपने को साकार करने में अपनी भूमिका निर्धारित कर साधना शुरू करें। ग्रंथ अकादमी उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बीते 4 वर्षों में दुनिया भर में भारत का भाल ऊंचा हुआ है। उसे उभरते हुए विश्व नेता के रूप में देखा जाने लगा है। यह बहुत बड़ा बदलाव है जिस पर हर हिंदुस्तानी को गर्व होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से पुस्तकों के साथ दोस्ती करने और जीवन में ऊंचे सपने देखने का आवाहन किया। संवाद के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों ने नवीन भारत को लेकर अपने-अपने विचार सांझा किए। 12 वीं कक्षा की छात्रा तनु ने कहा कि 2022 के भारत में बेटियों के पढ़ने-लिखने पर कोई प्रतिबंध नहीं होना चाहिए। शीतल और रितु ने 2022 तक भारत को स्वच्छता के पैमाने पर दुनिया में सर्वोत्तम बनाने की बात कही। इसी कक्षा के लवकुश गुप्ता ने कहा कि नवीन भारत में बेरोजगारी के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। नवीन भारत ऐसा भारत होगा जिसमें प्रत्येक नागरिक को उसकी काबिलियत और रूचि के अनुसार रोजगार मिले और किसी को गरीबी के कारण भूखा ना सोना पड़े। विद्यालय के शिक्षक रणवीर सिंह ने पॉलीथिन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध की वकालत की। इस पर ग्रंथ अकादमी उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि सभी विद्यार्थी और शिक्षकों को अपने व्यक्तिगत जीवन में पॉलिथीन और प्लास्टिक के उपयोग को न्यूनतम करने के लिए संकल्प लेना चाहिए। एडवोकेट रमेश मोरे ने कहा कि ग्रामोदय शिक्षा संवाद के माध्यम से प्रदेश के विद्यालय और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को नवीन भारत निर्माण की प्रक्रिया में जुड़ने के लिए प्रेरित किए जाने का सिलसिला शुरु किया गया है। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य दलवीर सिंह ने इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह चौहान और ग्रामोदय अभियान की टीम का आभार जताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा जगत में नई ऊर्जा के संचार के जरिए ही नवीन भारत का निर्माण संभव हो सकेगा। इस अवसर पर शिक्षकों में अमित, सीमा, रामचंद्र और रविंद्र कौर के अलावा ग्रामोदय अभियान की ओर से जसवीर सिंह भी उपस्थित थे।