• 9/24/2018

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चंडीगढ़ के भावेश ने जेईई एडवांस्ड 2016 में नार्थ जोन में किया टॉप, ऑल इंडिया में दूसरा रैंक

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Chandigarh

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7/31/2017 1:05:08 AM

राज कुमार चंडीगढ़। एलेन चंडीगढ़ के स्टूडेंट्स भावेश ढींगरा, ने एक बार फिर से इंस्टीट्यूट के इतिहास को दोहराते हुए आईआईटी-जेईई 2016 में ऑल इंडिया रैंक-2 हासिल कर आईआईटी- नार्थ जोन के टॉपर बनने का श्रेय भी हासिल किया। इस साल आईआईटी-जेईई एडवांस्ड का आयोजन आईआईटी गुवाहाटी द्वारा 22 मई, 2016 को किया गया। इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के माध्यम से 18 आईआईटी और आईएसएम धनबाद में बैचलर डिग्री कार्यक्रमों में दाखिले का प्रबंध किया गया। इस साल आईआईटी-जेईई में 1,98,228 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी। भावेश ने 372 में से 312 अंक हासिल किए और कक्षा 12 सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में 92.4 प्रतिशत अंक हासिल किए। उसका उद्देश्य आईआईटी मुंबई से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करना है। भावेश, एक केवीपीवाई स्कॉलर है, को वर्ष 2016 में ओरिएंटेशन कम सिलेक्शन कैम्प (ओसीएससी) फॉर फिजिक्स के लिए भी चुना गया था, जिसे होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन द्वारा 26 मई से 06 जून तक संचालित किया गया। इसमें देशभर से सिर्फ टॉप 35 स्टूडेंट्स को आमंत्रित किया गया था। ये भी ध्यान देने योग्य है कि आईआईटी एडवांस्ड में सभी तीन प्रमुख पोजीशंस को इस साल एलेन स्टूडेंट्स द्वारा हासिल किया गया है। इस संबंध में एलेन के इंडिस्ट्रयल एरिया कैम्पस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावेश अपने परिवार के सदस्यों के साथ उपस्थित था। उसने मीडिया से भी बातचीत की। एलेन के वाइस प्रेसिडेंट पंकज बिरला ने बताया कि एलेन कैरियर इंस्टीट्यूट में दाखिला लेने वाले 622 स्टूडेंट्स में से 308 ने जेईई मेन्स के लिए क्वालीफाई किया। इन 308 स्टूडेंट्स ने जेईई एडवांस्ड में परीक्षा दी और इनमें से 125 स्टूडेंट्स ने परीक्षा में क्वालीफाई किया है और किसी भी कोचिंग इंस्टीट्यूट से चुने गए स्टूडेंट्स के मुकाबले ये सफल स्टूडेंट्स का सर्वाधिक प्रतिशत है। एलेन के सेंटर हैड पुष्कर राय, जो कि कैमिस्ट्री में विशेषज्ञ हैं और वे भावेश ढींगरा के मेंटर भी हैं, ने बताया कि इंस्टीट्यूट में पढ़ाई के दौरान भावेश काफी गंभीर और एक आज्ञाकारी स्टूडेंट था जो कि दिए गए सभी दिशा निर्देशों का पालन करता था। उसका उत्साह भी हमेशा बुलंद रहता था। वे चीजों को काफी ध्यान से देखता था और कॉन्सेप्चुअल थिकिंग में काफी दिलचस्पी लेता था और किसी भी चीज को दोहराते हुए याद करने में विश्वास नहीं रखता था। मुश्किल से मुश्किल हालात में भी वह तार्किक सोच को प्राथमिकता देता था और चीजों को उलझने नहीं देता था। उसकी सफलता में इन सभी बातों ने अहम भूमिका अदा की है।