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पंजाब पुलिस विभिन्न ढंगों के द्वारा ज़रूरी वस्तुओं की घर घर सप्लाई के लिए पूरी तरह सरगर्म

Apurv Kumar

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3/25/2020 10:27:45 PM

चंडीगढ़, 25 मार्च । कोविड -19 के मुकाबले के लिए राज्य में लगाए गए कफ्र्यू / तालाबंदी के हिस्से के तौर पर कठोर पाबंदियों और नियंत्रण के दरमियान, पंजाब पुलिस जमैटो, स्विगी, वेरका, अमूल, मंडी प्रधानों, कैमिस्ट ऐसोसीएशनों आदि के साथ रणनीतिक तालमेल के ज़रिये लोगों को नवीनतम ढंगों के द्वारा ज़रूरी वस्तुओं की घर-घर सप्लाई के लिए पहलकदमियों की शुरुआत के लिए मिशन के तौर पर काम कर रही है। जिला पुलिस की तरफ से की गई पहलकदमियों के नतीजे के तौर पर राज्य के कई जि़लों में दवाओं, किराने, खाने पीने जैसी ज़रूरी वस्तुओं की घर -घर सप्लाई शुरू की गई है। डीजीपी दिनकर गुप्ता के अनुसार ज़रूरी चीजों की सप्लाई के लिए अधिकृत विक्रताओंं को पास भी जारी किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विशेष तौर पर दवाओं की होम डिलिवरी के लिए सम्बन्धित कैमिस्ट एसोसिएशनों के साथ अपेक्षित तालमेल बनाया जा रहा है जिससे फ़ोन पर आर्डर लेकर उसके अनुसार होम डिलीवरी की जा सके। डीजीपी ने लोगों और मीडिया को थोड़ा धैर्य दिखाने की अपील की क्योंकि इतने बड़े स्तर पर प्रबंधों को लागू करने के लिए समय लगता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के द्वारा ध्यान में आने वाली किसी भी तरह की सूचना पर पुलिस द्वारा तुरंत कार्यवाही की जा रही है और बताया कि मदद के लिए टवीट किये जाने के बाद जालंधर के एक परिवार को शुगर की दवाओं की डिलिवरी के लिए प्रबंध किये गए थे। गुप्ता ने कहा कि कफ्र्यू को सख्ती से लागू करने से उल्लंघन के लिए दर्ज एफ.आई.आरज़ की संख्या कल 230 के मुकाबले कम होकर आज 74 रह गई। लोगों के लिए ज़रूरी चीजों और सेवाओं की पहुँच को यकीनी बनाते हुये पाबंदियों को सख्ती से लागू करन के लिए 38,468 पुलिस कर्मी तैनात किये गए हैं। कफ्र्यू के दौरान लुधियाना शहर, लुधियाना ग्रामीण, खन्ना, रोपड़, संगरूर, पटियाला, जालंधर शहर, होशियारपुर, कपूरथला, एसबीएस नगर, मानसा और फिऱोज़पुर से उल्लंघन के मामले रिपोर्ट किये गए। कुछ अलग ढंग अपनाने सम्बन्धी डीजीपी के दिशा निर्देशों के मद्देनजऱ कई जिलों में पुलिस कमिशनर और एसएसपी अलग-अलग ढंग अपना रहे हैं जिससे ज़रूरी वस्तुओँ को नागरिकों तक पहुंचाना यकीनी बनाया जा सके। डीजीपी ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की तरफ से कफ्र्यू की घोषणा और प्रधानमंत्री की तरफ से देश व्यापक तालाबंदी से तुरंत बाद उच्च अधिकारियों को कुछ हिदायतें जारी की थीं। उन्होंने सभी उच्च अधिकारियों को ज़रूरी समान और सेवाओं को घर -घर पहुँचाने के लिए उचित प्रबंध करने और डिलीवरी वाले लडक़ों, रेहडिय़ों, छोटे वाहनों आदि के सही कार्यशीलता को यकीनी बनाने के लिए कहा। अमृतसर और लुधियाना शहरों में, स्विगी से 650 व्यक्ति ज़रूरी चीजों की घरेलू सुपुर्दगी में जुटे हुए हैं, जबकि जिला पटियाला में जोमैटो और स्विगी के डिलीवरी वाले लडक़ों के साथ तालमेल करके ज़रूरी वस्तुओं की होम डिलीवरी यकीनी बनाई जा रही है। डीजीपी ने कहा कि स्थानिक वलंटियरों के सहयोग के साथ आज संगरूर जिले में ज़रूरी वस्तुओं की लगभग 100 ट्रालियाँ भेजी गई। डीजीपी ने आगे कहा कि जिला तरन तारन में वेकरा और अमूल जैसी दूध उत्पादन करने वाली इकाईयों को उचित दूरी और सवधानी उपाय का प्रयोग करते हुए दूध की विक्रेंद्रीकृत वितरण को यकीनी बनाने का काम सौंपा गया है। गुप्ता ने कहा कि मिल्क प्लांट वेरका के अधिकारियों के साथ संपर्क बनाया गया है और उन्होंने भरोसा दिया है कि उनके 700 विक्रेता अमृतसर शहर में भी घर-घर जाकर दूध की सप्लाई करेंगे और इस सम्बन्धी कमिशनरेट अमृतसर को ज़रूरी पास जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, अमृतसर शहर में फलों और सब्जियों के लिए, सब्ज़ी मंडी के व्यापारी नेता (प्रधान) के साथ संपर्क बनाया गया है। नतीजे के तौर पर, मंडी के तकरीबन 200 विक्रेता कमिशनरेट अमृतसर और हरेक कालोनी और क्षेत्र के निवासियों को घर -घर जा कर सब्जियों मुहैया करवाएंगे। इसी तरह मंडी के प्रधान ने भरोसा दिया है कि घर -घर जाकर फलों की सप्लाई /डिलीवरी करन के लिए लगभग 100 विक्रेता नियुक्त किये जाएंगे। खन्ना जिले में सब्जियों और फलों को मंडियों से लेकर, रेहडिय़ों द्वारा घर -घर जाकर बेचा जा रहा है। सूखे राशनों के लिए किराने स्टोरों के साथ ज़रूरी मेल-जोल बनाया गया है और वह फ़ोन पर आर्डर भी ले रहे हैं और राशन घर पहंचाना भी यकीनी बना रहे हैं। होम डिलिवरी सेवाओं की उपलब्धता संबंधी जानकारी वटसऐप ग्रुपों के द्वारा दी जा रही है। श्री मुक्तसर साहिब जिले में, सूखे राशनों के लिए किराना व्यापारी ऐसोसीएसन के प्रधानों के साथ एक मीटिंग की गई। हर मोहल्ले और इलाके में उनको फ़ोन पर अपने आर्डर एकत्रित करने और शाम के 5 बजे तक सभी आर्डर तैयार रखने के लिए कहा गया। इसके बाद दस दुकानों के लिए एक कार्ट / छोटा हाथी लेकर शाम 5और 6 बजे के बीच यह समान घर -घर मुहैया करवाने की आज्ञा दी जाऐगी। डीजीपी ने कहा कि वाहनों के यातायात को हर क्षेत्र के सम्बन्धित पीसीआर के द्वारा नियंत्रित किया जायेगा जिससे ग्राहकों / निवासी की उचित संख्या को यकीनी बनाया जा सके। डीजीपी ने कहा कि पुलिस टीमों की तरफ से कुछ क्षेत्रों में कई मुश्किलों का सामना किया जा रहा है जिनमें ज़रूरी वस्तुओं और एलपीजी की कमी आदि, नशा मुक्ति कार्डों वाले व्यक्तियों द्वारा रोज़ाना के सरकारी अस्पतालों में जाकर दवाओं की माँग करना, गेहूँ बीजने वाले किसानों की तरफ कीटनाशकों की दुकानों खोलने का दबाव, आलू उप्पादकों की तरफ से अपनी फ़सल की दूसरे राज्यों में सुरक्षित चुंगी और सप्लाई के लिए यातायात की माँग समेत कई अन्य मुश्किलें शामिल हैं। डीजीपी ने भरोसा दिलाते हुये कहा कि इन समस्याओं के जल्द से जल्द हल करने के लिए सभी यत्न किये जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि पुलिस अधिकारियों ने ख़ुद अपने जिलों में इन मसलों के हल के लिए अलग-अलग ढंग सुझाए हैं। कुछ महत्वपूर्ण सुझावों में एन.सी.सी., वालंटियरों, प्राईवेट / रिटायर्ड डाक्टर और नर्स की सेहत सेवा में विस्तार करना, सार्वजनिक पता प्रणाली का प्रयोग के साथ लोग को डिलीवरी के कार्यक्रम आदि संबंधी जागरूक करना, परचून विक्रेेताओं को सप्लाई के लिए सैनेटाईजर और मास्क के थोक विक्रेताओं को निर्धारित समय पर दुकान खोलने की आज्ञा देना, नवजात शिशुओं, बुज़ुर्गों और गर्भवती महिला की बीमारी की रुटीन जांच के लिए प्राईवेट डाक्टर को आज्ञा देना, अफ़वाहों से निपटने के लिए, विक्रेता सूची के विस्तार और अपडेट के लिए और कोविड -19 के फैलाव को रोकने सम्बन्धी जांच के लिए लोक संपर्क विभाग द्वारा उठाये गए सख्त कदम शामिल हैं।